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नॉन-डिस्क्लोजर’ या गलत अनुमान? हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्शन की असली वजहें क्या होती हैंगाड़ियों की खुदरा बिक्री 2025 में 7.7% बढ़कर 2.81 करोड़ पहुंची: फाडायूपी में SIR के बाद मसौदा मतदाता सूची जारी, 2.89 करोड़ नाम हटेमोतीलाल ओसवाल MF का नया फ्लेक्सी कैप पैसिव FoF, शुरुआती निवेश 500 रुपये; कहां-कैसे लगेगा आपका पैसाHDFC बैंक में दो दिन में 4.5% गिरावट, निवेशकों के लिए चेतावनी या मौका? जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट₹90 से ₹103 तक? Modern Diagnostic IPO की लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट में दिखा बड़ा संकेतCCI रिपोर्ट में खुुलासा: TATA-JSW-SAIL समेत 28 कंपनियों ने स्टील की कीमतें तय करने में सांठगांठ की2026 का IPO कैलेंडर: Jio से Coca-Cola तक, 9 बड़े नाम बाजार में एंट्री को तैयारSBI की उड़ान जारी: मार्केट कैप ₹10 लाख करोड़ के करीब, ब्रोकरेज ने कहा- ₹1,120 तक जा सकता है भाववेनेजुएला को तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए 2040 तक 183 अरब डॉलर निवेश की जरूरत
लेख

पाटीदार समुदाय की ताकत पर निर्भर हार्दिक

महज 28 वर्ष के हार्दिक पटेल ने जिंदगी में काफी कुछ कर लिया है। उन्होंने गुजरात में एक आंदोलन चलाया, राजनीतिक दल बदले और विडंबना यह है कि वह उसी दल में चले गए हैं जिसके खिलाफ उन्होंने आंदोलन शुरू किया था। गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ नेता भले ही उन्हें पार्टी […]

अंतरराष्ट्रीय

संकट से उबरने के लिए 24 घंटे काम कर रही है सरकार

श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने सोमवार को अभूतपूर्व आर्थिक कठिनाइयों से पीडि़त लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार उनके संकटों को दूर करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है और प्रदर्शनकारियों से अपना आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि सड़कों पर बिताया गया हर मिनट देश को कीमती […]

लेख

और आंदोलन के डर से कहीं अनसुलझे न रह जाएं मुद्दे

हाल में तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा और उसके राजनीतिक निहितार्थ की वजह से अर्थव्यवस्था की स्थिति पहले की तुलना में बदतर है। कृषि क्षेत्र पूरी तरह से अक्षम है और इसमें सुधार की जरूरत है। जिन कानूनों को अब रद्द किया जा रहा है वे उतने प्रगतिशील भी नहीं थे। लेकिन […]

ताजा खबरें

मांगें पूरी होने तक आंदोलन रहेगा जारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के ऐलान के बाद भी आंदोलन से पीछे न हटते हुए किसानों ने सोमवार को लखनऊ में महापंचायत कर अपनी ताकत दिखाई। किसानों ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी कानून और बिजली संशोधन अध्यादेश की वापसी तक आंदोलन जारी रखेंगे। राजधानी के ईको […]

ताजा खबरें

27 को फैसला करेंगे किसान

तीनों नए कानून कृषि निरस्त किए जाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद किसान संगठनों ने अपना फिलहाल आंदोलन जारी रखने का निर्णय किया है। किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) भविष्य की रणनीति तय करने के लिए 27 नवंबर को बैठक करेगा। ऐसी खबर आ रही है कि […]

ताजा खबरें

किसान उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी तेज करेंगे आंदोलन

कृषि कानूनों के खिलाफ बीते आठ महीनों से दिल्ली की सीमा पर डेरा डाले किसान अब उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने सोमवार को राजधानी लखनऊ में अपने मिशन उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड का एलान किया है। मोर्चे के मुताबिक आगामी 5 सितंबर को मुज फरनगर […]

ताजा खबरें

मोदी ने की किसानों से बातचीत की पेशकश

दलाल पथ पर छह दिन से लगातार तेजी बनी हुई है। बेंचमार्क निफ्टी आज पहली बार 15,000 के ऊपर बंद हुआ। आम बजट के दिन से ही बाजार में तेजी का सिलसिला चल रहा है और महज छह सत्र में ही बेंचमार्क सूचकांक करीब 11 फीसदी चढ़ चुका है। सेंसेक्स 617 अंक की बढ़त के […]

कानून

कृषि कानूनों पर अमल रोकने का दिया सुझाव

शीर्ष न्यायालय तीन नए कृषि कानूनों के क्रियान्वयन पर रोक लगा सकता है। न्यायालय ने पिछले एक महीने से दिल्ली और उसकी सीमाओं पर चल रहे किसानों का प्रदर्शन समाप्त करने के लिए एक समिति गठित करने का भी संकेत दिया। यह विशेष अधिकार प्राप्त समिति आंदोलन खत्म कराने के लिए इन ‘विवादित’ कानूनों पर […]

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किसानों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

सरकार के साथ सातवें दौर की महत्त्वपूर्ण बातचीत से चंद रोज पहले आंदोलनकारी किसानों ने यह कहते हुए कड़ा रुख इख्तियार कर लिया है कि अगर 4 जनवरी (अगले दौर की बातचीत) तक कोई ठोस फैसला नहीं किया जाता है, तो वे अपना आंदोलन तेज कर देंगे और इसके दो दिन बाद 6 जनवरी को […]

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‘सरकार भेजे वार्ता के ठोस प्रस्ताव’

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ  आंदोलन कर रहे किसानों और केंद्र के बीच दिल्ली की सीमाओं पर गतिरोध जारी है और किसानों ने सरकार से आग्रह किया कि वह एक और दौर की बातचीत के  लिए लिखित रूप में ठोस प्रस्ताव लेकर आए। किसान संगठनों ने इन कानूनों में प्रस्तावित संशोधनों को ‘निरर्थक’ बताया। कृषि […]