facebookmetapixel
Titan Share: ऑल टाइम हाई पर टाटा का जूलरी स्टॉक, अब आगे क्या करें निवेशक; जानें ब्रोकरेज की रायQ3 नतीजों से पहले चुनिंदा शेयरों की लिस्ट तैयार: Airtel से HCL Tech तक, ब्रोकरेज ने बताए टॉप पिकBudget 2026: बजट से पहले सुस्त रहा है बाजार, इस बार बदलेगी कहानी; निवेशक किन सेक्टर्स पर रखें नजर ?LIC के शेयर में गिरावट का संकेत! डेली चार्ट पर बना ‘डेथ क्रॉस’500% टैरिफ का अल्टीमेटम! ट्रंप ने भारत को सीधे निशाने पर लियाAmagi Media Labs IPO: 13 जनवरी से खुलेगा ₹1,789 करोड़ का इश्यू, प्राइस बैंड तय; चेक करें जरुरी डिटेल्स$180 मिलियन के शेयर सौदे पर सेबी की सख्ती, BofA पर गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोपसोने को पछाड़कर आगे निकली चांदी, 12 साल के निचले स्तर पर पहुंचा गोल्ड-सिल्वर रेशियोStock To Buy: हाई से 40% नीचे मिल रहा आईटी स्टॉक, ब्रोकरेज ने कहा- खरीद लें; 71% तक चढ़ सकता है शेयरGold silver price today: चांदी तेज शुरुआत के बाद फिसली, सोना भी नरम; चेक करें ताजा भाव

HDFC बैंक में दो दिन में 4.5% गिरावट, निवेशकों के लिए चेतावनी या मौका? जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट

विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली और Q3 बिजनेस अपडेट के बाद घरेलू निवेशकों की घबराहट से HDFC बैंक का शेयर दबाव में आ गया, हालांकि लोन और डिपॉजिट ग्रोथ मजबूत रही

Last Updated- January 06, 2026 | 3:55 PM IST
Bernstein Stock Portfolio stock HDFC Bank

पिछले दो दिनों में HDFC बैंक के शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली है, जिसका असर पूरे शेयर बाजार पर पड़ा है। मंगलवार को HDFC बैंक का शेयर 2.2 फीसदी टूट गया, जिससे दो दिन की कुल गिरावट 4.5 फीसदी हो गई। यह शेयर 23 अक्टूबर 2025 को ₹1,020 के अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था, लेकिन वहां से अब तक करीब 6.3 फीसदी नीचे आ चुका है। इस दौरान बीएसई सेंसेक्स में सिर्फ 0.9 फीसदी की हल्की गिरावट दर्ज की गई है।

HDFC का शेयर गिरने के कारण

विश्लेषकों के अनुसार HDFC बैंक के शेयर में आई अचानक गिरावट के दो मुख्य कारण हैं। पहला, विदेशी निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और दूसरा, बैंक के तीसरी तिमाही (Q3FY26) के बिजनेस अपडेट के बाद घरेलू निवेशकों में घबराहट। वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के इक्विटी डायरेक्टर क्रांति बाथिनी का कहना है कि Q3 के आंकड़े किसी भी तरह से कमजोर नहीं हैं। बड़े बैंक के हिसाब से लोन और जमा में अच्छी बढ़त दर्ज हुई है, लेकिन विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारी बिकवाली ने शेयर पर दबाव बना दिया।

HDFC बैंक का Q3 बिजनेस अपडेट

अक्टूबर से दिसंबर तिमाही में HDFC बैंक की लोन बुक सालाना आधार पर 11.9 फीसदी बढ़कर ₹28.44 लाख करोड़ पहुंच गई। वहीं, बैंक का कुल डिपॉजिट 11.5 फीसदी की बढ़त के साथ ₹28.59 लाख करोड़ हो गया। इस दौरान बैंक का क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेशियो बढ़कर 98.5 फीसदी पर पहुंच गया, जो पिछली तिमाही में 98 फीसदी और Q1FY26 में 95 फीसदी था। आम तौर पर ज्यादा CDR होने से नए लोन देने की क्षमता पर असर पड़ता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि HDFC जैसे बड़े बैंक के लिए यह कोई बड़ी चिंता की बात नहीं है।

आगे की स्थिति पर क्या कहते हैं विशेषज्ञ

क्रांति बाथिनी का कहना है कि निवेशकों को HDFC बैंक के शेयर में घबराकर बिकवाली नहीं करनी चाहिए, क्योंकि बैंक की बैलेंस शीट मजबूत है। इसके अलावा, आने वाले समय में कर्ज की मांग बढ़ने की उम्मीद है और ब्याज दरों में नरमी आने पर बड़े बैंकों को इसका फायदा मिलेगा। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने भी कहा है कि Q3 में पूरे बैंकिंग सिस्टम में CDR बढ़ा है और यह अब रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है।

Also Read: SBI की उड़ान जारी: मार्केट कैप 10 लाख करोड़ के करीब, ब्रोकरेज ने कहा- 1,120 तक जा सकता है भाव

निवेशकों के लिए रणनीति

विशेषज्ञों की राय है कि निवेशक HDFC बैंक के शेयर को फिलहाल अपने पोर्टफोलियो में बनाए रखें और गिरावट के समय धीरे-धीरे खरीदारी करें। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिटेल रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका के अनुसार, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण बाजार का माहौल कमजोर बना हुआ है, जिसका असर HDFC बैंक के शेयर पर भी दिख रहा है। हालांकि, Q3 का बिजनेस अपडेट ठीक रहने के कारण लंबी अवधि के निवेशक गिरावट का फायदा उठा सकते हैं।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर

जनवरी 2026 में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारतीय शेयर बाजार से ₹3,015 करोड़ निकाल चुके हैं। इससे पहले, साल 2025 में उन्होंने रिकॉर्ड ₹1.7 लाख करोड़ की बिकवाली की थी। सितंबर 2025 में समाप्त तिमाही के अंत में HDFC बैंक में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी करीब 48.37 फीसदी थी, इसलिए उनकी बिकवाली का असर शेयर पर ज्यादा पड़ा है।

तकनीकी चार्ट क्या संकेत दे रहा है

तकनीकी नजरिये से देखें तो HDFC बैंक का शेयर करीब 10 महीनों में पहली बार अपने 200-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है, जो फिलहाल ₹965 के आसपास है। इसके अलावा, शेयर 20-दिन, 50-दिन और 100-दिन के एवरेज से भी नीचे फिसल चुका है, जो ₹985 से ₹990 के दायरे में मजबूत रुकावट का काम कर रहे हैं। चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के तकनीकी विश्लेषक आकाश शाह के मुताबिक, जब तक शेयर ₹980–₹990 के ऊपर मजबूती से नहीं निकलता, तब तक इसमें सतर्क रहने की जरूरत है। अगर शेयर ₹950 के नीचे टूटता है, तो इसमें और गिरावट आकर यह ₹930–₹920 के स्तर तक जा सकता है।

First Published - January 6, 2026 | 3:55 PM IST

संबंधित पोस्ट