सरकार ने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजनावधि के दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के लक्ष्य हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर वैग्यानिक शोध को समर्थन देने के लिए करीब 200 करोड़ रपये निर्धारित किये हैं।
एक सरकारी विग्यप्ति में कहा गया है, ै कृषि मंत्रालय ने इस बात के दिशानिर्देश जारी किये हैं कि कैसे शोध संस्थान एनएफएसएम के तहत वित्तपोषण के लिए उसके पास शोध परियोजनाओं को जमा करा सकते हैं। ै
इसमें कहा गया है कि यह परियोजना प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और प्रभावी उपयोग से लेकर कीटों और बीमारियों के प्रबंधन, कृषि मशीनीकरण, वर्षा जल संचय, एग्रानोमिक्स कामकाज में सुधार और अन्य चीजों के संदर्भ में हो सकती है।
इसमें कहा गया है कि इस शोध परियोजना की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता यह होगी कि इसका नतीजा व्यापक स्तर पर अपनाने के लिए 3..4 वर्षो में उपलब्ध होना चाहिये।
एनएफएसएम को वर्ष 2007..08 में शुरू किया गया था। प्रासंगिक प्रौद्योगिकी इस्तेमाल के जरिये फसल उत्पादकता में मुख्य बाधाओं को दूर करके 11वीं पंचवर्षीय योजना के लिए तय किये गये खाद्यान्न उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने में यह सफल रही थी।
भाषा राजेश मनोहर