महिला से छेड़खानी के आरोप में दोषी ठहराए गए युवक को दिल्ली की एक अदालत ने प्रोबेशन पर इस आधार पर छोड़ दिया कि वह भविष्य में अच्छा बर्ताव रखेगा और समाज के लिए अधिक उपयोगी साबित होगा।
अदालत ने ऑटो रिक्शा चालक को तब दोषी ठहराया जब उसने छह साल पहले देर रात के दौरान एक महिला यात्री पर हमला करने और उससे छेड़खानी करने की मंशा से बल प्रयोग का आरोप स्वीकार कर लिया।
अदालत ने एक साल की अवधि के लिए प्रोबेशन पर रिहा कर दिया जब उसने इस आधार पर नरमी बरतने की मांग की कि वह पहली बार दोषी ठहराया गया है और उसे अपने परिवार की देखभाल करनी है।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रचना टी लखनपाल ने कहा, मेरी राय है कि दोषी ने अपनी पिछली गलतियों से अवश्य सबक सीखा होगा और अच्छा बर्ताव दिखाने और बेहतर संपत्ति साबित होने के लिए समाज में शामिल होना चाहता है।
अदालत ने उसे प्रोबेशन पर रिहा करते हुए कहा, न्याय के हित और उपयोगिता के लिए दोषी को अच्छे व्यवहार और आचरण के लिए एक साल के लिए प्रोबेशन पर रिहा किया जाता है। उसके जरिए उसे शांति रखनी होगी और अच्छा व्यवहार रखना होगा।
अदालत ने किसी व्यक्ति को प्रोबेशन पर रिहा करने के सीआरपीसी के उस प्रावधान पर गौर किया जिसके तहत अगर कोई व्यक्ति 21 साल से कम उम्र का हो और उसे सात साल या उससे कम के कारावास की सजा के प्रावधान वाले अपराध का दोषी हो तो उसे प्रोबेशन पर रिहा किया जा सकता है।
अदालत ने युवक को एक साल की अवधि के लिए प्रोबेशन बांड के तौर पर 20 हजार रुपये जमा करने और बिना अनुमति के दिल्ली नहीं छोड़ने का आदेश दिया।
भाषा