स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने कहा कि करीब 15 उग्रवादी सुबह 11 बजकर 20 मिनट पर अमटेका बाजार में आए और इसके बाद भारत-भूटान सीमा के पास उत्तरी हिमालय की तलहटी में अपने शिविरों की तरफ लौट गए।
उन्होंने कहा कि बाजार में खड़े लोग और व्यापारी उग्रवादियों को देखकर वहां से भाग गए।
जिला पुलिस अधीक्षक संजीत कृष्णा ने प्रेट्र को बताया कि जानकारी मिलने के बाद वह पुलिस, सेना और सीआरपीएफ कर्मियों के साथ बाजार पहुंचे और उग्रवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया।