मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने आज यहां संवाददाताओं को बताया कि रामदेव के योगपीठ ट्रस्ट ने पिछले कुछ सालों के दौरान भूमि कानूनों को जमकर उल्लंघन किया और हरिद्वार की जिलाधिकारी निधि पांडे ने ट्रस्ट की जमीनों को राज्य सरकार में निहित करने के लिये
जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार :जेडएएलआर: कानून के तहत कुल 27 मामले दर्ज किये हैं ।
उन्होंने बताया कि कम स्टांप शुल्क चुकाकर प्रदेश के राजकोष को करीब 10 करोड़ रूपये का चूना लगाने के लिये ट्रस्ट के खिलाफ 52 मामले तथा दो
अन्य मामले भी दर्ज किये गये हैं ।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पतंजलि योगपीठ के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया गतिमान है और अगले एक सप्ताह में ट्रस्ट के खिलाफ और भी मामले दर्ज होने की संभावना है ।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों में योगपीठ ट्रस्ट ने हरिद्वार जिले के दो गांवों-- शंतरशाह और औरंगाबाद, में ग्रामसभा और सरकार की 7.766 एकड़ जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया ।
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