राजन ने आईएसओ 20022 के अनुरूप इस प्रणाली का उद्घाटन करने के बाद कहा, इसकी उन्नत तरलता व क्रम प्रबंधन खूबियों के साथ नयी आरटीजीएस प्रणाली से वित्तीय बाजारों की कार्यकुशलता में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।
आरटीजीएस प्रणाली का इस्तेमाल बैंकों और उनके ग्राहकों द्वारा इंटरबैंक फंड ट्रांसफर के लिए किया जाता है और भुगतान देनदारियों के उचित समय पर निपटान में यह अहम सुविधा प्रदान करती है।
राजन ने कहा कि भुगतान प्रणाली को कुशल एवं भावी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वित्तीय बाजारों से आगे रहना होगा।
आरबीआई ने कहा कि नयी आरटीजीएस प्रणाली के लागू होने के साथ मौजूदा आरटीजीएस प्रणाली चलन से बाहर हो जाएगी।