चार साल पहले उभरती हुई खिलाड़ी और अब स्टार बन चुकी साइना नेहवाल आगामी ओलंपिक की बैडमिंटन स्पर्धा में भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगी जबकि पहली बार पांच खिलाडि़यों के साथ उतर रहे भारत को अन्य खिलाडि़यों से भी उलटफेर की उम्मीद है।
भारत इन खेलों की बैडमिंटन स्पर्धा के इतिहास में पहली बार तीन महिला और दो पुरुष खिलाडि़यों के साथ उतरा रहा है और एक बार फिर सभी की नजरें साइना और युगल खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा पर टिकी होंगी जो इस बार ओलंपिक मिथक को तोड़कर पदक जीतने को बेताब होंगी।
पुरुष एकल में पी कश्यप छुपा रूस्तम साबित हो सकते हैं क्योंकि वह अपने से बेहतर रैंकिंग वाले खिलाडि़यों को हराने में सक्षम हैं।
चार साल पहले उभरती हुई खिलाड़ी होने के बावजूद साइना ने खुद को साबित किया था लेकिन बीजिंग खेलों के दौरान वह क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनी थी।
साइना तीसरे गेम में 11 . 3 की बढ़त के बावजूद बीजिंग में इंडोेनेशिया की मारिया क्रिस्टीना यूलियांती से हार गई थी। साइना इस हार के बाद कई दिनों तक परेशान रही और अब उनके पास इस हार से उबरने का मौका है।
साइना अब अधिक अनुभवी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुपरस्टार का दर्जा पा चुकी हैं और लगातार मजबूत हो रही हैं।