IT शेयरों में कोहराम: AI के बढ़ते प्रभाव से हिला निवेशकों का भरोसा, एक हफ्ते में डूबे ₹6.4 लाख करोड़NBFCs के लिए RBI की बड़ी राहत: ₹1000 करोड़ से कम संपत्ति वाली कंपनियों को पंजीकरण से मिलेगी छूटRBI Monetary Policy: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, नई GDP सीरीज आने तक ‘तटस्थ’ रहेगा रुखट्रंप ने फिर किया दावा: मैंने रुकवाया भारत-पाकिस्तान के बीच ‘परमाणु युद्ध’, एक दिन में दो बार दोहरायाइस्लामाबाद में बड़ा आत्मघाती हमला: नमाज के दौरान शिया मस्जिद में विस्फोट, 31 की मौतखरगे का तीखा हमला: पीएम के 97 मिनट के भाषण में कोई तथ्य नहीं, सवालों से भाग रही है सरकारलोक सभा में गतिरोध बरकरार: चीन का मुद्दा व सांसदों के निलंबन पर अड़ा विपक्ष, बजट चर्चा में भी बाधाडिजिटल धोखाधड़ी पर RBI का ऐतिहासिक फैसला: अब पीड़ितों को मिलेगा ₹25,000 तक का मुआवजाPariksha Pe Charcha 2026: PM मोदी ने छात्रों को दी सलाह- नंबर नहीं, स्किल व बेहतर जीवन पर दें ध्याननागालैंड में क्षेत्रीय प्राधिकरण के गठन को मिली त्रिपक्षीय मंजूरी, PM मोदी ने बताया ‘ऐतिहासिक’
अन्य समाचार पैनल ने केरल की नए बंाध की मांग मानी:चांडी
'

पैनल ने केरल की नए बंाध की मांग मानी:चांडी

PTI

- July,10 2012 5:03 AM IST

उच्चतम न्यायालय द्वारा मुल्लापेरियार बांध मसले पर बने पैनल ने केरल की नया बांध बनाने की मांग को मान लिया है। तमिलनाडु के साथ इस मसले में अदालती मामले का सामना कर रहे केरल राज्य के मुख्यमंत्री ओमान चांडी का कहना है कि वे इस बात को अदालत के संग्यान में लेकर आएंगे।

चांडी ने केरल विधानसभा को बताया,उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति ने नए बांध का विचार स्वीकार लिया है। इस स्वीकृति के बारे में हम उच्चतम न्यायालय को सूचित करेंगे।

इस स्वीकृति के बारे में चांडी ने सदन को तब बताया जब प्रश्नकाल के दौरान जल संसाधन मंत्री पी जे जोसेफ ने पैनल की रिपोर्ट को केरेल के खिलाफ बताया। जोसेफ ने कहा कि केरल नए बांध की अपनी मांग पर दृढ़ है।

जोसेफ का कहना था कि पैनल ने आईआईटी रूड़की के अध्ययनों को भी कुछ खास तवज्जो नहीं दी जबकि उसमें बांध को असुरक्षित बताया गया था। इसकी बजाय उसने तमिलनाडु के अन्नामलाई विश्वविद्यालय के अध्ययन पर ध्यान दिया जिसमें बिल्कुल उल्टी बात कही गई थी।

एक ही सरकार में किसी मसले पर अलग-अलग राय को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री चांडी ने कहा,हमें रिपोर्ट के सकारात्मक पक्षों को उजागर करना चाहिए ताकि हम साथ मिलकर अपना लक्ष्य पा सकें।

चांडी ने कहा,तमिलनाडु के लिए पानी और केरल के लिए सुरक्षा, ही हमारी प्राथमिकता रही है। केरल की सुरक्षा का मतलब नया बांध ही है।

मुल्लापेरियार बांध मुद्दे पर पूर्व मुख्य न्यायाधीश ए एस आनंद की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति ने मई में अपनी रिपोर्ट जमा कराई थी। उन्होंने बांध की सुरक्षा के बारे में चेताते हुए केरल सरकार को नया बांध बनाने के बारे में दोबारा विचार करने को कहा था।

मुल्लापेरियार बांध केरल के इड्डुकी जिले में स्थित है लेकिन तमिलनाडु ने 999 वर्षों तक इससे पानी लेने का प्रबंध किया था। केरल का कहना है कि 116 वर्ष पुराने इस बांध को सुरक्षा के लिहाज से नष्ट कर देना चाहिए। तमिलनाडु केरल के इस प्रस्ताव का विरोध करता है।

:भाषा:

नननन

संबंधित पोस्ट

Oil Price Surge
अंतरराष्ट्रीय

‘वेनेजुएला हमारा पुराना ऊर्जा साझेदार’

February 6, 2026 9:22 AM IST