facebookmetapixel
Advertisement
ब्लूमबर्ग ग्लोबल एग्रीगेट इंडेक्स में भारत के सरकारी बॉन्ड की एंट्री फिर टली, निवेशकों की बढ़ी चिंतागिफ्ट सिटी में ग्लोबल शेयरों की ट्रेडिंग हुई दोगुनी, पहली तिमाही में ₹1.93 अरब डॉलर पहुंचा ट्रेडभारत का R&D खर्च बढ़ा, लेकिन GDP के मुकाबले हिस्सेदारी सिर्फ 0.84%; चीन और ब्राजील से पीछेइलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार ने बनाया नया रिकॉर्ड, 7 महीनों में 10 लाख से ज्यादा EV बिके; TVS सबसे आगेPM मोदी की पोस्ट ब्लॉक होने पर बढ़ा विवाद, मेटा की ग्लोबल टीम से एल्गोरिदम पर होगी सख्त पूछताछकैबिनेट के बड़े फैसले: ‘पीएम सूर्य सरोवर’ योजना मंजूर, पीएम-किसान और खेलो इंडिया को 5 साल का विस्तारसरकार ने ‘समुद्र मंथन’ योजना को दी हरी झंडी, गहरे सागर में तेल-गैस खोज के लिए ₹84,084 करोड़ मंजूरIMD के अलर्ट से बढ़ी चिंता, मॉनसून के दूसरे चरण और अगस्त महीने में सामान्य से कम होगी बारिशबजाज फिनसर्व के Q1 नतीजे मजबूत, मुनाफा बढ़कर ₹6,297 करोड़ पहुंचा, एयूएम में भी बढ़ोतरीओडिशा में 5,600 मेगावॉट क्षमता के दो परमाणु संयंत्र लगाएगा अदाणी समूह, ₹1.5 लाख करोड़ का निवेश प्रस्ताव

Year Ender 2022: बॉलीवुड पर भारी रहीं दक्षिण भारतीय फिल्में

Advertisement
Last Updated- December 28, 2022 | 1:30 PM IST
Kantara and KGF

सिनेमा की दुनिया की बात करें तो इस साल हिन्दी फिल्मों पर दक्षिण भारतीय फिल्में भारी रहीं और इसी के साथ ही सभी के जहन में एक सवाल रह गया कि क्या बॉलीवुड मनोरंजन जगत में अपनी पहचान खोता जा रहा है? दक्षिण भारतीय फिल्म ‘आरआरआर’, ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ और ‘कांतारा’ को लोगों ने काफी पंसद किया और बॉक्स ऑफिस पर इन फिल्मों की बेहतरीन कमाई ने हिंदी सिनेमा को मुख्यधारा से काफी हद तक बाहर कर दिया।

यहां तक कि इस साल हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी हिट रही ‘ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन-शिवा’ भी उनकी कमाई का एक अंश मात्र ही कमा पाई। वर्ष 2022 जाते-जाते भी दक्षिण भारतीय सिनेमा को गौरवान्वित होने का मौका दे गया। एस. एस. राजामौली की फिल्म ‘आरआरआर’ को गोल्डन ग्लोब में दो श्रेणियों में, पांच क्रिटिक्स च्वाइस अवार्ड के लिए नामित किया गया है। वहीं उसके लोकप्रिय गीत ‘नातु नातु’ को ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ संगीत (ओरिजिनल सॉन्ग) श्रेणी में शॉर्टलिस्ट किया गया है।

यह पहला मौका है जब विश्व स्तर पर दक्षिण भारतीय फिल्मों को इतनी सराहना मिल रही है और इससे यह बहस और गंभीर हो गई है कि क्या बॉलीवुड मनोरंजन जगत में अपनी पहचान खोता जा रहा है? ‘वायकॉम18 स्टूडियोज़ पिक्चर्स’ के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) अजीत अंधरे ने कहा, ‘‘ मनोरंजन के मामले में आप एक चीज़ बार-बार नहीं कर सकते।’’

अंधरे ने ‘पीटीआई-भाषा’ ने कहा, ‘‘ बॉलीवुड फिल्म निर्माताओं को ‘बधाई हो’ जैसी वास्तविक कहानियों और भव्य फिल्मों के बीच संतुलन कायम करने की जरूरत है, जिसमें दक्षिण भारतीय फिल्मों ने महारत हासिल कर ली है।’’ हिंदी सिनेमा की बात करें तो इस साल ‘ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन-शिवा’ ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 400 करोड़ रुपये की कमाई की, छोटे बजट की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ ने 300 करोड़ रुपये से अधिक, ‘भूल भुलैया 2’ ने 260 करोड़ रुपये और ‘दृश्यम 2’ ने अभी तक 200 करोड़ रुपये की कमाई की है।

वहीं दक्षिण भारतीय फिल्म ‘आरआरआर’ और ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ ने दुनिया भर में 1200-1200 करोड़ रुपये की कमाई की है। ऋषभ शेट्टी की कन्नड़ भाषा की फिल्म ‘कांतारा’ 16 करोड़ रुपये की लागत से बनी। यह भी दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब रही और सितंबर में रिलीज होने के बाद से दुनिया भर में 500 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर चुकी है। इसका सीक्वल भी बनाया जा रहा है।

आमिर खान की ‘लाल सिंह चड्ढा’ के साथ-साथ अक्षय कुमार की ‘बच्चन पांडे’, ‘राम सेतु’ और ‘सम्राट पृथ्वीराज’ जैसी बॉलीवुड की कई बड़े बजट की फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर निराशा हाथ लगी। हिंदी सिनेमा की साल की आखिरी रिलीज रोहित शेट्टी की ‘सर्कस’ भी बॉक्स ऑफिस पर कोई कमाल नहीं कर पा रही है। सिनेमा के कारोबार के विश्लेषक तरण आदर्श का कहना है कि हर फिल्म जगत ने ऐसे दौर का सामना किया है।

आदर्श ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ एक हिट और 10 फ्लॉप …. यह फिल्म उद्योग के लिए अच्छा संकेत नहीं है। इस साल काफी कुछ सीखने को मिला, हमें उम्मीद है कि अगले साल हिंदी सिनेमा बेहतर करेगा।’’

तरन आदर्श कमल हासन की ‘विक्रम’, मणिरत्नम की ‘पोन्नियिन सेलवन’ और दुलकर सलमान अभिनीत ‘सीता रामम’ जैसी फिल्मों का जिक्र करते हुए कहा कि दक्षिण भारत की कुछ फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर बेहतरीन प्रदर्शन नहीं किया, हालांकि उन्हें लोगों ने पसंद किया।

वहीं हासन का कहना है कि ‘‘व्यवसायिक दुनिया’’ का सूर्य इन दिनों दक्षिण सिनेमा में उदय हो रहा है। हासन ने हाल ही में एक चर्चा में कहा था,‘‘ हमें उम्मीद है कि हम इसे कायम रख पाएंगे लेकिन हवा का रुख दूसरी ओर भी हो सकता है।’’ ‘पेन स्टूडियोज़’ के जयंतीलाल गडा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ अभी दक्षिण भारतीय फिल्मों की लहर है। एक समय था जब रजनीकांत, कमल हासन, चिरंजीवी और अन्य काफी लोकप्रिय थे लेकिन फिर चीजें बदल गईं। हिंदी सिनेमा ने वास्तव में कुछ काफी अच्छी फिल्में बनाई हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ बाद में बॉलीवुड में कलाकारों और अन्य ने अपने दाम बढ़ा लिए क्योंकि वे हिट दे रहे थे लेकिन दक्षिण सिनेमा जगत में ऐसा नहीं हुआ। हालांकि हो सकता है कि दक्षिण सिनेमा में अब ऐसा हो।’’ इन तमाम सवालों के बीच बॉलीवुड प्रेमियों को 2023 में रिलीज होने वाली कई फिल्मों से काफी उम्मीदें हैं। इनमें शाहरुख खान अभिनीत ‘पठान’, सलमान खान की ‘टाइगर 3’ और ‘किसी का भाई किसी की जान’ शामिल हैं।

Advertisement
First Published - December 28, 2022 | 1:30 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement