facebookmetapixel
Advertisement
विरोध के बावजूद नहीं रुकेगी ग्रेट निकोबार पोर्ट परियोजना, तय समय पर होगी पूरी: पोत परिवहन मंत्री सर्वानंद सोनोवालऑनलाइन बिकने वाले खाने-पीने के सामान पर एक्सपायरी डेट गायब, उपभोक्ता मामलों के विभाग में करें शिकायतअल नीनो और एथनॉल की बढ़ती मांग से चीनी उद्योग पर संकट, उत्पादन और निर्यात दोनों पर दबावEditorial: तेल की कीमतें घटीं, अब विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने पर जोररुपये की कमजोरी की जड़ें कहीं गहरी, सिर्फ तेल और पश्चिम एशिया संकट नहीं जिम्मेदारसफर के अनुभव: अमेरिका यात्रा और भारत को लेकर निकले निष्कर्षतेल कीमतों का सबसे बुरा दौर बीत चुका, भाव 80-90 डॉलर के दायरे में रहने की उम्मीद: जिम बर्कहार्डGold-Silver Price: डॉलर की तेजी और ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद से सोने-चांदी में आई गिरावटसेबी का बड़ा प्रस्ताव: वित्तीय कंपनियों को मिलेगी सेलेब्रिटी एंडोर्समेंट की अनुमति, विज्ञापन नियम होंगे आसानAI कंपनियों के लिए जोखिम ढांचा और नया कानून लाएगी सरकार, संसद में इस साल पेश हो सकता है विधेयक

विशेष जरूरतों के मुताबिक यूपी की ड्रोन नीति जल्द

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 10:41 PM IST

आंतरिक सुरक्षा की जरूरतों को देखते हुए और ड्रोन के बढ़ते उपयोग के चलते उत्तर प्रदेश की योगी सरकार इसके लिए अलग से नीति बनाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था, आपदा राहत कार्यों में ड्रोन के बढ़ते उपयोग को लेकर ड्रोन नियमावली बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरू रतों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में ड्रोन निर्माण को बढ़ावा देने के लिए अलग से नीति की आवश्यकता है। इसी के साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश में ड्रोन निर्माण इकाई के स्थापना के लिए कार्ययोजना बनाने का भी निर्देश अधिकारियों को दिया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों की टीम 9 के साथ बैठक में कहा कि प्रदेश में ड्रोन का उत्पादन जल्द से जल्द शुरूहो, इसके लिए तेजी से काम करना होगा।
उत्तर प्रदेश में बन रहे रक्षा गलियारे में ड्रोन के निर्माण के लिए जरूरी कारवाई पहले ही शुरू की जा चुकी है। देश-विदेश की दो नामी ड्रोन निर्माता कंपनियों ने रक्षा गलियारे में जमीन ली है और 581 करोड़ रुपये का निवेश कर अपनी इकाई लगा रही हैं। रक्षा गलियारे में निवेश के संबंध में औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों कंपनियों को अलीगढ़ नोड में ड्रोन की फैक्ट्री लगाने के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गई है। रक्षा गलियारे में हुए इस निवेश से सेना को भी अत्याधुनिक ड्रोन मिलेंगे। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण  ने एंकोर रिसर्च लैब एलएलपी कंपनी को 10 हेक्टेयर और एलन ऐंड अल्वन प्राइवेट लिमिटेड को अलीगढ़ नोड में भूमि आवंटित की है। जल्दी ही यह दोनों कंपनियां ड्रोन बनाने की फैक्ट्री का निर्माण कार्य शुरू करेंगी। उनके बनाए ड्रोन का उपयोग सेना और पुलिस करेंगी। एंकोर रिसर्च लैब एलएलपी ने 550 करोड़ रुपये का निवेश करने का फैसला किया है।

Advertisement
First Published - December 22, 2021 | 11:42 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement