facebookmetapixel
Advertisement
‘डिजिटल अरेस्ट’ को अलग अपराध बनाने पर विचार करे सरकार: सुप्रीम कोर्टकम वेतन से ISRO छोड़ रहे वैज्ञानिक? इस्तीफों के बाद सरकार ने नियम किए सख्तपेपर लीक बिल पर लोकसभा में घमासान, सत्ता और विपक्ष आमने-सामनेकॉपीराइट के नाम पर उगाही का आरोप, Delhi High Court ने केंद्र और Meta को नोटिस भेजापीएम का पोस्ट हटाने का मामला, मेटा के अधिकारी जोल कैपलन तलबसोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों से निपटने के लिए सरकार का बड़ा कदम, 2 घंटे में देना होगा जवाबइंडिगो ने परिचालन संकट से ली सीख, सिस्टम मजबूत कर अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर फोकसटाटा कम्युनिकेशंस और टीटीबीएस लाएंगी छोटे उद्यमों के लिए एआई प्लेटफॉर्मभारत के स्पेस-टेक स्टार्टअप में बढ़ा निवेश, पांच साल में जुटाए 87 करोड़ डॉलरटाटा संस का मुनाफा 5 साल के निचले स्तर पर, राजस्व बढ़ने के बावजूद 36% की गिरावट

बंगाल में होगा नैनो का सफर सुहाना

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 4:42 PM IST

पश्चिम बंगाल में टाटा मोटर्स की लखटकिया कार नैनो का सफर सुहाना हो सकता है। राज्य सरकार ने नैनो को बहुत कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहन का दर्जा दिया है।


उम्मीद है कि सिंगुर से इस साल के अंत तक नैनो का उत्पादन शुरू हो जाएगा। सरकार का मानना है कि नैनो के आने के बाद दुपहिया और तिपहिया वाहनों के प्रदूषण से निजात मिल सकेगी। राज्य सरकार पर्यावरण के अनुकूल और कम उत्सर्जन करने वाली कारों को सड़क कर के भुगतान से छूट देने पर विचार कर रही है।

पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री सुभाष चक्रवर्ती ने कोलकाता कैब की शुरूआत के मौके पर हाल में इस योजना का खुलासा किया। कोलकाता कैब एक वातानुकूलित रेडियो कैब सेवा है जिसके लिए टाटा इंडिगो कार का इस्तेमाल किया जाएगा। इस मौके पर टाटा मोटर्स के उपाध्यक्ष (वाणिज्य) एस कृष्णन मौजूद थे।

पश्चिम बंगाल सरकार ने भले ही नैनो को पर्यावरण के अनुकूल बताया हो लेकिन पर्यावरणविद् सुनीता नारायण और आर के पचौरी जैसे लोग प्रदूषण को बढ़ावा देने की आशंका के चलते नैनों की आलोचना कर चुके हैं। टाटा मोटर्स ने कहा है कि ‘आम आदमी की गाड़ी का प्रदर्शन नियामक अनिवार्यताओं के मुकाबले बेहतर है।

यदि कुल प्रदूषण की बात करें तो आज भारत में तैयार किए जाने वाले स्कूटर के मुकाबले नैनो कम प्रदूषण करती है। ईधन प्रभावी होने के कारण इससे कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्सर्जन कम होता है।’ चक्रवर्ती ने कोलकाता में सड़कों को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि 50 किलोमीटर लंबी छह लेन सड़क बनाने के लिए जल्द ही निविदा जारी की जाएगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 8,000 करोड़ रुपये है। राज्य सरकार के पास उन लोगों के लिए भी अच्छी खबर है जो अपनी गाड़ी खरीदने नहीं जा रहे हैं। राज्य परिवहन ने 1,000 नई बसों के लिए आर्डर दिया है। इन बसों की कीमत 18 से 20 लाख रुपये तक है। इनमें से 400 बसें सड़क पर आ चुकी हैं।

Advertisement
First Published - August 12, 2008 | 10:45 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement