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महाराष्ट्र: मंत्रिमंडल का विस्तार

Last Updated- December 11, 2022 | 4:43 PM IST

महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे सरकार गठित होने के 40 दिन  बाद मंगलवार को मंत्रिमंडल का विस्तार हो ही गया। 18 विधायकों को मंत्री बनाया गया है। भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना शिंदे गुट से 9- 9 विधायकों को राजभवन में मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। मंत्रिमंडल विस्तार में किसी भी महिला और निर्दलीय विधायक को मौका नहीं दिया गया। मंत्रिमंडल विस्तार के साथ विवाद भी खड़ा हो गया। 
प्रदेश के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राजभवन में मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई। भाजपा की ओर से मंत्रिमंडल में शामिल सदस्यों में राधाकृष्ण विखे पाटिल, सुधीर मुनगंटीवार, चंद्रकांत पाटिल, विजयकुमार गावित, गिरीश महाजन, सुरेश खडे, रवींद्र चह्वाण, अतुल सावे और मंगलप्रभात लोढ़ा शामिल हैं। शिंदे गुट से मंत्री पद की शपथ लेने वाले सदस्यों में गुलाबराव पाटिल, दादा भुसे, संजय राठौड़, संदीप भुमरे, उदय सामंत, तानाजी सावंत, अब्दुल सत्तार, दीपक केसरकर और शंभुराज देसाई शामिल हैं। 

मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 20 हो गई है, जो अधिकतम 43 सदस्यों की संख्या से आधी से भी कम है। शिंदे ने 30 जून को मुख्यमंत्री और देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। 
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को मिलाकर मंत्रिमंडल में 20 लोग शामिल हो चुके हैं। यदि जातिगत समीकरण की बात करें तो मुख्यमंत्री को मिलाकर पूरे मंत्रिमंडल में नौ मराठा मंत्री हैं। जबकि उपमुख्यमंत्री ब्राह्मण हैं। मंत्रिमंडल में तीन ओबीसी और दो वैश्य समाज के लोगों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। एक अनुसूचित जाति और एक मुस्लिम चेहरे को भी मौका दिया गया है। एक आदिवासी और एक जैन समाज के विधायक को भी मंत्री बनाया गया है। 

मंत्रिमंडल में किसी भी महिला को शामिल नहीं किया गया है। राज्य में भाजपा की 12 महिला विधायक हैं। शिंदे गुट में दो महिला विधायक हैं तथा उसे एक निर्दलीय महिला विधायक का समर्थन भी हासिल है। महाराष्ट्र में कुल 28 महिला विधायक हैं। 
मंत्रिमंडल विस्तार के साथ विवाद भी शुरू हो गया। मंत्री पद की शपथ लेने वाले तीन मंत्रियों का नाता विवादों से रहा है। नव नियुक्त मंत्री संजय राठौड़ उद्धव ठाकरे नीत सरकार में भी मंत्री थे और पुणे में एक महिला की मौत के मामले में उनका नाम सामने आने के बाद उन्हें पिछले साल मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था। दूसरे मंत्री और शिवसेना के बागी अब्दुल सत्तार हैं। तीसरे मंत्री एवं भाजपा नेता विजय कुमार गावित हैं जिन्हें पांच साल पहले जनजाति विकास विभाग में भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं का दोषी पाया गया था।  

First Published - August 10, 2022 | 12:10 PM IST

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