facebookmetapixel
क्या स्मॉल फाइनेंस बैंकों ने वाकई वह बदलाव लाया, जिसके लिए उन्हें शुरू किया गया था?Budget 2026 में Cryptocurrency को लेकर क्या बदलाव होने चाहिए?Stock Market: IT शेयरों की तेजी से सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में, बढ़त रही सीमितJio Q3 Results: सितंबर तिमाही में मुनाफा 11.3% बढ़कर ₹7,629 करोड़ पर पहुंचा, रेवेन्यू में भी जबरदस्त बढ़तAbakkus Flexi Cap का पहला पोर्टफोलियो आउट, फंड ने बताया कहां लगा है ₹2,468 करोड़; देखें पूरी लिस्ट1 अप्रैल से म्यूचुअल फंड के नए नियम: SEBI ने परफॉर्मेंस के हिसाब से खर्च लेने की दी इजाजतReliance Q3FY26 results: रिटेल बिजनेस में कमजोरी के चलते मुनाफा ₹18,645 करोड़ पर स्थिर, रेवेन्यू बढ़ाProvident Fund से निकासी अब और आसान! जानें कब आप अपना पूरा पैसा निकाल सकते हैं?Budget 2026: 1 फरवरी, रविवार को भी खुले रहेंगे शेयर बाजार, BSE और NSE का बड़ा ऐलानExplainer: ₹14 लाख की CTC वाला व्यक्ति न्यू टैक्स रिजीम में एक भी रुपया टैक्स देने से कैसे बच सकता है?

पर मुस्तैदी से रोशनी में आया हरियाणा

Last Updated- December 11, 2022 | 5:10 AM IST

हरियाणा सरकार ने इस साल गर्मियों में बिजली खरीदने के लिए पहली दफा नैशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) और पावर ट्रेडिंग कॉरपोरेशन(पीटीसी) के साथ समझौता किया है।
बिजली की खरीद के लिए राज्य सरकार ने निविदा मंगाई थी। राज्य सरकार विद्युत व्यापार निगम की सहायता से पीटीसी और एनटीपीसी से प्रति यूनिट 7 रुपये की दर से बिजली खरीदेगी।
सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार ने कुछ समय पहले ही बिजली की कमी को पूरा करने के लिए लघु अवधि की खरीद के लिए निविदाएं मंगाई थीं, पर पहली दफा पीटीसी, एनटीपीसी और जेएसडब्ल्यू (कर्नाटक) ने इसमें दिलचस्पी दिखाई।
पर आखिरी दौर में जेएसडब्ल्यू के प्रस्ताव को रद्द कर देना पड़ा था क्योंकि कंपनी ने दूसरे प्रतिभागियों की तुलना में प्रति यूनिट 80 पैसे अधिक की बोली लगाई थी। राज्य में जून से सितंबर महीने के दौरान बिजली की कमी देखने को मिलती है।
मांग की तुलना में राज्य को 150 से 300 मेगावाट बिजली की किल्लत होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार एनटीपीसी और पीटीसी से जून में 150 मेगावाट, जुलाई में 300 मेगावाट और अगस्त और सितंबर प्रत्येक में 200 मेगावाट बिजली खरीदेगी।

First Published - May 2, 2009 | 5:48 PM IST

संबंधित पोस्ट