facebookmetapixel
Advertisement
पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन; यूपी में पर्यटन, उद्योग और लॉजिस्टिक्स को नई उड़ानBiharOne: बिहार में डिजिटल गवर्नेंस की नई शुरुआत, CIPL के साथ बदलाव की बयारईरानी तेल खरीद का दावा गलत, रिलायंस ने रिपोर्टों को बताया बेबुनियादरनवे से रियल्टी तक: जेवर एयरपोर्ट ने बदली नोएडा की प्रोपर्टी की कहानी, 2027 तक आ सकती है 28% और तेजी‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दम

Budget: चिकित्सा उपकरण विनिर्माता सेक्टर ने वित्तमंत्री से की ऐसी मांग कि सस्ता हो जाएगा इलाज

Advertisement

ईवाई - पार्थेनन की रिपोर्ट के अनुसार भारत में करीब 80 से 85 फीसदी चिकित्सा उपकरण विदेश से मंगाए गए थे।

Last Updated- January 15, 2025 | 10:43 PM IST
Ayushman health card
प्रतीकात्मक तस्वीर

चिकित्सा उपकरण विनिर्माता क्षेत्र ने आगामी बजट के लिए अच्छी खासी मांग सूची पेश की है। इस क्षेत्र ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लिए मानक दर, बेहतर निर्यात प्रोत्साहन और आयातित उपकरणों के लिए न्यूनतम खुदरा दाम की निगरानी सहित अन्य कई प्रमुख मांगें रखी हैं।

पॉलि मेडिक्योर के प्रबंध निदेशक हिमांशु बैद ने कहा कि सरकार सभी चिकित्सा उपकरणों के लिए 12 फीसदी मानक जीएसटी दर पर विचार कर सकती है। इससे कर का ढांचा सरल होगा, निरंतरता और कारोबार की सुगमता सुनिश्चित होगी।

उद्योग ने वाणिज्य मंत्रालय के निर्यात उत्पादों पर शुल्कों व करों में छूट योजना (आरओडीटीईपी) के तहत मौजूदा दर 0.6 से 0.9 फीसदी की जगह 2 से 2.5 फीसदी करने की मांग की है। इस योजना का उद्देश्य निर्यातकों को उन इनपुट पर चुकाए गए केंद्रीय, राज्य और स्थानीय निकायों के शुल्कों और करों को वापस करना है, जिन्हें अब तक वापस नहीं किया गया था या जिन पर छूट नहीं दी गई थी।

बैद ने कहा, ‘इससे भारत में निर्मित चिकित्सा उपकरणों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और विनिर्माओं को अपनी पहुंच वैश्विक बाजार तक करने में मदद मिलेगी।’

अन्य प्रमुख मांग भारत में आयात किए जाने वाले चिकित्सा उपकरणों के अधिकतम खुदरा मूल्य की निगरानी करना है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को ये उपकरण मुनासिब दाम पर उपलब्ध हो सकें। भारत में चिकित्सा उपकरण का बाजार वित्त वर्ष 24 में मूल्य 12 अरब डॉलर आंका गया था और इसने 8.2 अरब डॉलर मूल्य के चिकित्सा उपकरणों का आयात किया था। ईवाई – पार्थेनन की रिपोर्ट के अनुसार भारत में करीब 80 से 85 फीसदी चिकित्सा उपकरण विदेश से मंगाए गए थे।

एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री (एआईएमईडी) ने वित्त मंत्रालय को दिए ज्ञापन में कहा कि उपभोक्ताओं व मरीजों को उपकरणों पर आयातित मूल्य से 10 से 30 गुना अधिक भुगतान करना पड़ रहा है और ऐसे में सरकार का उपकरणों पर आयात शुल्क घटाने का प्रयास व्यर्थ जाएगा। एसोसिएशन ने भारत में निर्माण की क्षमता वाले चिकित्सा उपकरणों पर शून्य और छूट शुल्क अधिसूचना को वापस लेने की मांग की है।

Video : Budget: देखें, Plastic Industry ने क्या रखी वित्तमंत्री से बजट में मांग, India की प्लास्टिक इंडस्ट्री की पूरी कहानी

Video: Budget : क्या है MSMEs की बजट में वित्त मंत्री से मांग?

 

Advertisement
First Published - January 15, 2025 | 10:40 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement