ग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?
वैश्विक बाजारों ने उस समय राहत की सांस ली जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर आक्रमण करने और इसका विरोध करने वाले यूरोपीय सहयोगियों पर दंडात्मक शुल्क लगाने की धमकियों से पीछे हट गए। परंतु दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान उनका 70 मिनट लंबा भाषण जिसमें तनाव कम करने का संकेत था, […]
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लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरत
बैंकों की बैलेंसशीट में फंसे कर्ज का दायरा कम हो रहा है। भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की सकल गैर निष्पादित आस्तियों (जीएनपीए) का अनुपात मार्च 2025 में घटकर कई दशकों के निचले स्तर 2.2 फीसदी पर आ गया, जो उससे एक साल पहले 2.7 फीसदी था। वित्त वर्ष 2025 के दौरान, जीएनपीए में आई कमी का […]
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नियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?
हर नियामक को एक अंतर्निहित तनाव का सामना करना पड़ता है। अगर वे नरमी से काम करें तो घोटालों का जोखिम होता है और अगर कठोरता बरतें तो वैध कारोबार का दम घुटता है। एक प्रतिभूति नियामक को इस तनाव को संभालते हुए तीन अलग-अलग लक्ष्यों को हासिल करना होता है। पहला लक्ष्य है निवेशक […]
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IMF का अलर्ट: AI बना ग्लोबल ग्रोथ का नया इंजन, लेकिन ‘डॉट-कॉम’ जैसे बुलबुले का खतरा भी
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के जनवरी 2026 के विश्व आर्थिक पूर्वानुमान इस सप्ताह जारी किए गए जो बताते हैं कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस वैश्विक वृद्धि के एक अहम इंजन के रूप में उभरा है। 2026 के लिए वैश्विक वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 3.3 फीसदी कर दिया गया है और यह मोटे तौर पर तकनीकी विकास और […]
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