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Page 66: संपादकीय

Editorial: पांच फसलों पर MSP का प्रस्ताव को नकारकर किसानों ने गंवाया अवसर, Farmers lost opportunity by rejecting MSP proposal on five crops
आज का अखबार

Editorial: पांच फसलों पर MSP के प्रस्ताव को नकारकर किसानों ने गंवाया अवसर

बीएस संपादकीय -February 20, 2024 9:33 PM IST

किसान प्रतिनिधियों ने गेहूं और चावल से इतर पांच फसलों के बाजारयोग्य अधिशेष को अगले पांच वर्ष तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने के सरकार के प्रस्ताव को नकारकर एक अवसर गंवा दिया है। वे इसे स्वीकार करके प्रदर्शनकारियों की अतिवादी मांगों एवं केंद्र सरकार की राजकोषीय क्षमताओं के बीच एक मध्य मार्ग निकाल […]

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जापान और यूनाइटेड किंगडम की अर्थव्यवस्था में मंदी और वैश्विक खतरे, Editorial: Recession and global threats in the economy of Japan and United Kingdom
आज का अखबार

Editorial: जापान और यूनाइटेड किंगडम की अर्थव्यवस्था में मंदी और वैश्विक खतरे

बीएस संपादकीय -February 19, 2024 9:42 PM IST

गत सप्ताह दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं जापान और यूनाइटेड किंगडम ने कहा कि लगातार दो तिमाहियों से उनके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि ऋणात्मक है। आमतौर पर अर्थशास्त्री इसे अर्थव्यवस्था के मंदी में जाने का संकेत मानते हैं। इसकी वजह से जापान शायद सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की सूची में नीचे फिसल जाए। जर्मनी […]

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Q3 Results
आज का अखबार

Editorial: तीसरी तिमाही में कंपनियों के नतीजों से मिल रहा उत्साहवर्धक संकेत

बीएस संपादकीय -February 18, 2024 9:57 PM IST

चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2023) में आए 3,233 सूचीबद्ध कंपनियों के नतीजे बताते हैं कि खपत अभी भी कम है लेकिन सुधार के कुछ संकेत हैं और कॉर्पोरेट निवेश में सुधार हो रहा है। विशुद्ध बिक्री में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में केवल सात फीसदी का इजाफा हुआ […]

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Editorial: केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा और भविष्य, Digital currency and the future of central banks
आज का अखबार

Editorial: केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा और भविष्य

बीएस संपादकीय -February 16, 2024 10:37 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक 2022 के उत्तरार्द्ध से ही प्रायोगिक स्तर पर केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) जारी कर रहा है। खुदरा क्षेत्र में ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित सीबीडीसी-आर को एक सीमित उपयोगकर्ता समूह (सीयूजी) के बीच जारी किया गया था जिसमें भाग लेने वालों में ग्राहक और व्यापारी शामिल हैं।  प्रायोगिक तौर पर जारी […]

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Electoral Bonds
आज का अखबार

Editorial:  चुनावी चंदे में पारदर्शिता और सुधार का अवसर

बीएस संपादकीय -February 15, 2024 9:49 PM IST

सर्वोच्च न्यायालय के पांच न्यायाधीशों के संवैधानिक पीठ ने देश में चुनावी चंदे में आवश्यक पारदर्शिता लाने वाला निर्णय सुनाते हुए छह वर्ष पुरानी चुनावी बॉन्ड योजना को असंवैधानिक करार देते हुए उस पर रोक लगा दी। उसने अपने निर्णय में कहा कि यह बॉन्ड संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) में निहित सूचना के अधिकार का […]

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PM Modi and rahul gandhi
आज का अखबार

NDA vs UPA: आर्थिक प्रदर्शन में कौन आगे?

बीएस संपादकीय -February 14, 2024 9:51 PM IST

केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में प्रस्तुत श्वेत पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के कार्यकाल के 10 वर्षों में देश का आर्थिक प्रदर्शन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के 10 वर्षों (2004-14) की तुलना में बेहतर रहा है। जैसा कि इस संदर्भ में इस समाचार […]

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PLI Scheme changes
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Editorial: उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना में गहन सुधार आवश्यक

बीएस संपादकीय -February 13, 2024 9:42 PM IST

सरकार की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना देश की औद्योगिक नीति के सबसे करीब है। कई पीएलआई कार्यक्रम उन क्षेत्रों के लिए भी तैयार किए गए जिनके बारे में सरकार मानती है कि वे देश के विकास और आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रासंगिक हैं।  इनमें से कुछ सीधे तौर पर पर्यावरण के अनुकूल बदलाव […]

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राजकोषीय संघवाद, केंद्र के नियंत्रण और हस्तांतरण को लेकर चिंता, Editorial: Concerns over fiscal federalism, central control and transfer
आज का अखबार

Editorial: राजकोषीय संघवाद, केंद्र के नियंत्रण और हस्तांतरण को लेकर चिंता

बीएस संपादकीय -February 12, 2024 10:24 PM IST

बजट सत्र के दौरान यह एक किस्म की परिपाटी सी बन गई है कि दक्षिण भारत के कुछ राज्यों की सरकारों ने करों में अपनी हिस्सेदारी को लेकर आपत्ति जताई है यानी केंद्र सरकार के राजकोषीय संघवाद पर प्रश्नचिह्न लगाया है। उनकी शिकायत नई नहीं है लेकिन हाल के वर्षों में उसके साथ अतिरिक्त राजनीतिक […]

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S&P India Growth Forecast
आज का अखबार

Editorial: वृहद आर्थिक स्थिरता का लाभ

बीएस संपादकीय -February 11, 2024 9:45 PM IST

इसमें दो राय नहीं कि 2013-14 में भारत की अर्थव्यवस्था मुश्किल हालात से दो-चार थी। वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम वर्ष था और तब से अब तक हालात में सुधार हुए हैं। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा गत सप्ताह प्रस्तुत श्वेत पत्र की बहुत सीमित नीतिगत प्रासंगिकता है।  भारत की […]

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manufacturing PMI
आज का अखबार

Editorial: औद्योगिक उत्पादन और रोजगार के क्षेत्र में संतुलित दृष्टिकोण

बीएस संपादकीय -February 9, 2024 9:59 PM IST

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने हाल ही में उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण (एएसआई) के वर्ष 2020-21 और 2021-22 के आंकड़े जारी कर दिए। ध्यान देने वाली बात है कि दोनों वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था कोविड-19 महामारी से मची उथल पुथल से जूझ रही थी।  बहरहाल, परिणाम दिखाते हैं कि देश का विनिर्माण क्षेत्र […]

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