Stock to buy: एशियाई बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले ट्रेडिंग सेशन यानी सोमवार (29 दिसंबर) को सपाट रुख के साथ हरे निशान में खुले। हालांकि, बाद में निफ्टी-50 और सेंसेक्स लाल निशान में फिसले गए। नए साल 2026 से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं और नए अवसरों का इंतजार कर रहे हैं। बाजार में इस स्थिति के बीच ब्रोकरेज हॉउस मोतीलाल ओसवाल ने ऑटो कंपोनेंट सेक्टर की कंपनी अपोलो टायर्स (Apollo Tyres) पर पॉजिटिव आउटलुक दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि अपनी कंप्टीशन वाली फर्म्स की तुलना में टायर कंपनी के शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं।
मोतीलाल ओसवाल ने अपोलो टायर्स पर अपनी ‘BUY‘ रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 600 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इस तरह, शेयर मौजूदा भाव से 20 फीसदी का रिटर्न दे सकता है। अपोलो टायर्स के शेयर शुक्रवार (26 दिसंबर) को 505 रुपये पर बंद हुए।
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ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कंपनी के टायरों की भारत में मांग मजबूत बनी हुई है। लेकिन यूरोप में यह अभी भी कमजोर है। दूसरी ओर, भारत में प्रमोशनल खर्च बढ़ने से शॉर्ट टर्म में मार्जिन में ज्यादा बढ़त सीमित रह सकती है। एन्शेडे में चल रहे पुनर्गठन से वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही से मार्जिन में फायदा मिलने की उम्मीद है।
ब्रोकरेज ने कहा कि इसी आधार पर हमारा अनुमान है कि अपोलो टायर्स का मुनाफा वित्त वर्ष 2025 से वित्त वर्ष 2028 के दौरान करीब 22% की सालाना वृद्धि (CAGR) दर्ज करेगा। FY27E/FY28E के लिए 16.3x और 14.3x के वैल्यूएशन आकर्षक लगते हैं। खासकर जब इन्हें सेक्टर की दूसरी कंपनियों से तुलना की जाए।
अपोलो टायर्स के शेयर एक महीने में 3 प्रतिशत से ज्यादा गिर है। तीन महीने में शेयर 6 प्रतिशत और छह महीने में 11 फीसदी चढ़ा है। हालांकि, एक साल में स्टॉक में लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट आई है। दो साल में स्टॉक ने 9 फीसदी का रिटर्न दिया है। जबकि तीन साल में स्टॉक ने 52 प्रतिशत और पांच साल में 175 प्रतिशत रिटर्न दिया है। स्टॉक का 52 वीक्स हाई 545.95 रुपये और 52 वीक्स लो 368 रुपये है। बीएसई पर कंपनी का मार्केट कैप 31,469 करोड़ रुपये है।
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)