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भारत का औद्योगिक उत्पादन नवंबर में 6.7% बढ़ा, मैन्युफैक्चरिंग और माइनिंग ने बढ़ाई रफ्तार

सरकारी आंकड़ों में सोमवार को दी गई जानकारी के मुताबिक, यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से खनन और विनिर्माण क्षेत्रों की मजबूत प्रदर्शन के कारण हुई

Last Updated- December 29, 2025 | 5:00 PM IST
Industry
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

नवंबर 2025 में भारत की औद्योगिक गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) पिछले साल की तुलना में 6.7% बढ़ गया, जबकि अक्टूबर में यह केवल 0.4% ही बढ़ा था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, यह तेजी मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के मजबूत प्रदर्शन की वजह से आई है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने 8% की बढ़त दर्ज की, जो कुल औद्योगिक ग्रोथ का सबसे बड़ा हिस्सा है। इस सेक्टर में बेसिक मेटल्स, दवाइयां और मोटर व्हीकल्स जैसे क्षेत्रों ने अच्छा प्रदर्शन किया। बेसिक मेटल्स में MS स्लैब्स, HR कॉइल्स, माइल्ड स्टील की शीट्स और अलॉय स्टील प्रोडक्ट्स का उत्पादन बढ़ा। फार्मा में डाइजेस्टिव एंजाइम्स, एंटासिड्स, पशु वैक्सीन और एंटी-साइकोटिक दवाओं का उत्पादन बढ़ा। वहीं, ऑटो सेक्टर में ऑटो पार्ट्स, कमर्शियल व्हीकल्स और पैसेंजर कारों ने अच्छी ग्रोथ दिखाई।

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मैन्युफैक्चरिंग का ग्रोथ में सबसे बड़ा हिस्सा

मैन्युफैक्चरिंग ही ग्रोथ की मुख्य ड्राइवर रही। 23 इंडस्ट्री ग्रुप्स में से 20 ने पिछले साल के मुकाबले पॉजिटिव ग्रोथ दिखाई। बेसिक मेटल्स 10.2%, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिसिनल प्रोडक्ट्स 10.5% और मोटर व्हीकल्स, ट्रेलर्स और सेमी-ट्रेलर्स 11.9% बढ़े।

खनन क्षेत्र ने भी अच्छी वापसी की। मानसून के बाद यह 5.4% बढ़ा, खासकर आयरन ओर जैसी मेटल्स के उत्पादन की वजह से। हालांकि बिजली उत्पादन में 1.5% की गिरावट रही, जिसने कुल ग्रोथ पर थोड़ा असर डाला।

कुल IIP इंडेक्स नवंबर में 158.0 पर पहुंच गया, जो पिछले साल 148.1 था। सेक्टर के हिसाब से मैन्युफैक्चरिंग का इंडेक्स 158.8, माइनिंग 141.0 और बिजली 181.3 रहा।

उपयोग आधारित वर्गीकरण में इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गुड्स ने सबसे ज्यादा 12.1% की ग्रोथ दिखाई। कैपिटल गुड्स 10.4% बढ़े, जिससे निवेश में सुधार का संकेत मिलता है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 10.3% और नॉन-ड्यूरेबल्स 7.3% बढ़े। प्राइमरी गुड्स में सिर्फ 2% की मामूली बढ़त रही, जबकि इंटरमीडिएट गुड्स 7.3% बढ़े। कुल ग्रोथ में इंफ्रा-कंस्ट्रक्शन गुड्स, इंटरमीडिएट गुड्स और कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स का सबसे बड़ा योगदान रहा।

सरकार ने बताया कि नवंबर के शुरुआती आंकड़े 89.72% रिस्पॉन्स रेट पर आधारित हैं। अक्टूबर के आंकड़े अपडेटेड जानकारी के साथ फाइनल रिवीजन किए गए, जिसमें रिस्पॉन्स रेट 92.75% था। दिसंबर 2025 का IIP डेटा 28 जनवरी 2026 को जारी किया जाएगा।

First Published - December 29, 2025 | 4:39 PM IST

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