दिल्ली हवाई अड्डे की घटना से आगे: बढ़ता यात्री असंतोष और भारत की विमानन प्रणाली पर दबाव
दिल्ली हवाई अड्डे पर एयर इंडिया एक्सप्रेस के ड्यूटी से बाहर पायलट द्वारा एक यात्री पर कथित हमले की घटना को किसी व्यक्ति के खराब आचरण का एक अलग मामला मानकर खारिज नहीं किया जाना चाहिए। इसे विमानन प्रणाली में बढ़ते परिचालन और मानव पर दबाव के संकेत के रूप में देखना बेहतर होगा। वर्ष […]
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दिग्विजय सिंह की वैचारिक उलझनें: नर्म हिंदुत्व, आरएसएस विरोध और कांग्रेस की पहचान का संकट
वह कांग्रेस के वरिष्ठतम नेताओं में से एक हैं। इसके बावजूद वह समय-समय पर खुद को और अपनी पार्टी को वैचारिक विवादों में उलझा देते हैं। इससे यही संकेत निकलता है कि कांग्रेस की अपनी वैचारिक खोज की यात्रा निरंतर जारी है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य सभा सदस्य (उनका कार्यकाल इस वर्ष […]
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सेबी के सरप्लस पर सीमा क्यों? बाजार नियामक की ताकत कमजोर होने का खतरा
संसद के हाल ही में समाप्त हुए शीतकालीन सत्र में सरकार ने प्रतिभूति बाजारों से संबंधित कानूनों को समेकित और संशोधित करने के लिए प्रतिभूति बाजार संहिता, 2025, विधेयक पेश किया। यह लेख विधेयक के खंड 124 पर केंद्रित है, जो भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के वार्षिक अधिशेष सामान्य कोष को भारत की […]
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Editorial: गिग कर्मियों की हड़ताल ने क्यों क्विक कॉमर्स के बिजनेस मॉडल पर खड़े किए बड़े सवाल
साल 2025 के अंत में गिग कर्मियों और विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के लिए काम करने वाले कामगारों के एक वर्ग द्वारा मेहनताने और काम के हालात को लेकर की गई हड़ताल ने क्विक कॉमर्स और फूड डिलिवरी कंपनियों को अपने कारोबारी मॉडल को नए सिरे से तैयार करने का अवसर प्रदान किया है। गिग कर्मचारियों की […]
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