facebookmetapixel
सिर्फ शेयरों में पैसा लगाया? HDFC MF की रिपोर्ट दे रही है चेतावनीIndia manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभ

सोने की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल, पर क्या यह निवेश के लिए सही समय है? एक्सपर्ट से समझें

कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स 3,407 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जो मार्च 2024 से 60% की जबरदस्त बढ़ोतरी है।

Last Updated- April 21, 2025 | 8:43 PM IST
Gold and Silver Price
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: PTI

Invest in Gold: सोने की कीमतें 21 अप्रैल 2025 को नई ऊंचाइयों पर पहुंच गईं। MCX गोल्ड 95,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर चला गया। इसका कारण अमेरिका-चीन के बीच बढ़ता व्यापारिक तनाव और कमजोर होता अमेरिकी डॉलर है। स्पॉट गोल्ड ने 3,391.62 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड उच्च स्तर छुआ, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 3,402.80 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचा, जिसमें क्रमशः 1.9% और 2.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

सोने की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल

कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स 3,407 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जो मार्च 2024 से 60% की जबरदस्त बढ़ोतरी है। इस तेजी के पीछे कमजोर अमेरिकी डॉलर, बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम और वाशिंगटन की नीतिगत अनिश्चितता प्रमुख कारण हैं। ये कारक वैश्विक बाजारों में निवेशकों के रुख को बदल रहे हैं।

अमेरिकी डॉलर तीन साल के निचले स्तर पर है, जो सोने की मांग को बढ़ा रहा है। कमजोर डॉलर के कारण अन्य मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए सोना सस्ता हो जाता है। इस वजह से सोना फिर से सुरक्षित निवेश का पसंदीदा विकल्प बन गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने फेडरल रिजर्व में बड़े बदलाव की घोषणा की और केंद्रीय बैंक की नीतियों की सार्वजनिक आलोचना की। इससे फेड की स्वतंत्रता पर सवाल उठे, जिसने निवेशकों का भरोसा डगमगाया और सोने की ओर रुझान बढ़ा।

Also Read: लोन नहीं चुका पाए और रिकवरी एजेंट का सता रहा है डर? जानिए RBI आपको क्या-क्या कानूनी अधिकार देता है

सोने की तेजी के कारण

ट्रेड वॉर को लेकर अनिश्चितता: अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते ट्रेड वॉर और नए टैरिफ ने बाजार में अस्थिरता बढ़ाई, जिससे निवेशक सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़े।

कमजोर अमेरिकी डॉलर: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स तीन साल के निचले स्तर पर है, जिससे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए सोना आकर्षक बना।

केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: भारतीय रिजर्व बैंक सहित कई बड़े केंद्रीय बैंकों ने सोने की खरीदारी बढ़ाई, जिसने कीमतों को और समर्थन दिया।

बाजार का आउटलुक और निवेश रणनीति

एक्सपर्ट्स का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण सोने की कीमतें और बढ़ सकती हैं। हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि बाजार में ओवरबॉट स्थिति बन रही है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 75 पर है, जो भविष्य में कीमतों में सुधार की संभावना दिखाता है।

निवेश को लेकर क्या है सुझाव?

अल्पकालिक निवेशक: 88,800 रुपये से ऊपर खरीदारी करें, 88,550 रुपये पर स्टॉप लॉस और 89,300 रुपये का टारगेट रखें।

दीर्घकालिक निवेशक: सोने के साथ विविध पोर्टफोलियो बनाए रखें और केंद्रीय बैंकों की नीतियों व वैश्विक आर्थिक घटनाओं पर नजर रखें।

Also Read: कैसे ELSS फंड्स आपको टैक्स बचाने और अपनी वेल्थ बनाने में मदद कर सकते हैं? एक्सपर्ट से समझें

सोने की कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी

नए सप्ताह की शुरुआत में सोने की कीमतों ने अपनी रिकॉर्ड तोड़ रैली को जारी रखा। कॉमेक्स गोल्ड 3,395 डॉलर के करीब ट्रेड कर रहा है, जो 3,400 डॉलर के स्तर के पास है। वहीं, MCX गोल्ड 96,775 रुपये तक पहुंच गया, जो नया सर्वकालिक उच्च स्तर है।

इस तेजी को बढ़ते टैरिफ तनाव, अमेरिकी अर्थव्यवस्था की चिंताएं और अमेरिकी कर्ज संकट ने समर्थन दिया। चीन, वैश्विक केंद्रीय बैंकों और संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी ने भी तेजी को बढ़ावा दिया।

LKP सिक्योरिटीज के कमोडिटी एंड करेंसी के रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी कहते हैं, “तकनीकी रूप से, जब तक कॉमेक्स 3,250 डॉलर और MCX 91,000 रुपये से ऊपर बना रहता है, तेजी का रुझान बरकरार रहेगा। MCX में 93,000 रुपये तक की गिरावट खरीदारी का नया अवसर दे सकती है। हालांकि, ऊंचे स्तरों को देखते हुए सट्टेबाजों को कम जोखिम वाली स्थिति बनाए रखने की सलाह दी जाती है, ताकि अस्थिरता मैनेज हो सके।”

वहीं वेंचुरा के हेड ऑफ कमोडिटीज एनएस रामास्वामी कहते हैं, “सोने की कीमतें (कॉमेक्स फ्यूचर्स 3,407 डॉलर प्रति औंस) तेजी से बढ़ रही हैं, क्योंकि अमेरिकी डॉलर में गिरावट आ रही है। मार्च 2024 से इसमें 60% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। अल्पकालिक रैली 3,500 डॉलर से आगे बढ़ने को लेकर बहस चल रही है। हालांकि, लंबी समय में तेजी की ताकत 3,500 डॉलर को पार कर अनिश्चित ऊंचाइयों तक जा सकती है। हर कीमत सुधार में केवल ऊंचे निचले स्तर दिख सकते हैं, जिसमें 3,280 डॉलर, 3,150 डॉलर और 3,080 डॉलर पर समर्थन दिखता है।”

गोल्ड ETF की मजबूत मांग

मोतीलाल ओसवाल ने अपने नोट में कहा, “मार्च में गोल्ड-बैक्ड ETF में खरीदारी की मजबूत रुचि दिखी, जिसमें सभी क्षेत्रों ने योगदान दिया। अमेरिकी फंड्स ने 6 बिलियन डॉलर (67 टन) की शुद्ध खरीदारी के साथ अगुवाई की, जबकि यूरोप और एशिया में प्रत्येक ने लगभग 1 बिलियन डॉलर की शुद्ध खरीदारी की। ETF में लगातार खरीदारी से पता चलता है कि मौजूदा अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों की सोने में रुचि बनी हुई है।”

First Published - April 21, 2025 | 8:43 PM IST

संबंधित पोस्ट