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Personal Loan vs Gold Loan: जल्दी लोन चाहिए? गोल्ड लोन और पर्सनल लोन में कहां ज्यादा लाभ, कैलकुलेशन से समझें

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हमारे बीच लोन के कई विकल्प मौजूद हैं लेकिन जब कम पैसे और क्विक लोन की बात आती है तो गोल्ड लोन और पर्सनल लोन दो बेहतर विकल्प माने जाते हैं।

Last Updated- March 28, 2025 | 6:37 PM IST
Loan

लोन लेना आज भी हमारे समाज में अच्छा नहीं माना जाता है, लेकिन कई बार परिस्थितियों और जरूरत के चलते लोन लेना इंसान के लिए जरूरी हो जाता है। अगर किसी परिस्थिति के चलते हमें लोन लेना पड़े तो ऐसे में हमारे पास लोन के कई विकल्प होते हैं, लेकिन उन्हीं उपलब्ध विकल्पों में से किसी एक बेहतर विकल्प का चयन करना सबसे मुश्किल काम होता है। कई बार ऐसा होता है कि हम सही विकल्प नहीं चुन पाते हैं, जिसकी वजह से हमें कई मुश्किलों का भी सामना करना पड़ सकता है। अगर हमें कम पैसे की तुरंत जरूरत है तो हमारे पास लोन के दो लोकप्रिय विकल्प मौजूद हैं- पर्सनल लोन और गोल्ड लोन। दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं, जो ब्याज दर, प्रोसेसिंग टाइम और शर्तों जैसे मुद्दों पर निर्भर करते हैं। आइए दोनों की तुलना करें ताकि हम लोन लेते वक्त सही फैसला ले सकें।

गोल्ड लोन क्या होता है

गोल्ड लोन एक सिक्योर्ड लोन होता है, जिसमें आप अपने सोने के गहने, सिक्के या आभूषण को जमानत के तौर पर बैंक के पास रखते हैं। लेंडर गोल्ड की शुद्धता और वजन की जांच करता है, फिर उसके बाजार की कीमत के हिसाब से लोन देता है। ज्यादातर बैंक और NBFC आरबीआई (RBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार 75% तक लोन-टू-वैल्यू (LTV) अनुपात पर गोल्ड लोन देते हैं।

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पर्सनल लोन क्या होता है?

पर्सनल लोन एक अनसिक्योर्ड लोन होता है, यानी इसके लिए आपको कोई जमानत देने की जरूरत नहीं होती। लेंडर आपके क्रेडिट स्कोर, आय, नौकरी आदि के बारे में जांच करते हैं और फिर उसके आधार पर आपको लोन दिया जाता है। पर्सनल लोन आमतौर पर 10,000 रुपये से 40 लाख रुपये तक मिलता है। चूंकि यह अनसिक्योर्ड होता है, इसलिए इसकी ब्याज दर गोल्ड लोन की तुलना में थोड़ी ज्यादा होती है। साथ ही इसके अप्रूवल प्रोसेस में समय लग सकता है, क्योंकि लेंडर आपके बैकग्राउंड की गहराई से जांच करते हैं।

गोल्ड लोन की ब्याज दरें

-SBI (भारतीय स्टेट बैंक): 8.55% प्रति वर्ष से शुरू

-HDFC Bank: 9.30% प्रति वर्ष से शुरू

-ICICI Bank: 9.25% प्रति वर्ष से शुरू

गोल्ड लोन का कैलकुलेशन

मान लीजिए हमें 5 लाख रुपये का गोल्ड लोन चाहिए और समय 3 साल है। EMI की गणना इस तरह होगी:

SBI (8.55%): 

ब्याज = 5,00,000 × 8.55% × 3 = 1,28,250 रुपये

कुल चुकाने योग्य = 5,00,000 + 1,28,250 = 6,28,250 रुपये

मासिक EMI = 6,28,250 ÷ 36 = 17,451 रुपये

HDFC Bank (9.30%): 

ब्याज = 5,00,000 × 9.30% × 3 = 1,39,500 रुपये

कुल चुकाने योग्य = 5,00,000 + 1,39,500 = 6,39,500 रुपये

मासिक EMI = 6,39,500 ÷ 36 = 17,764 रुपये

ICICI Bank (9.25%): 

ब्याज = 5,00,000 × 9.25% × 3 = 1,38,750 रुपये

कुल चुकाने योग्य = 5,00,000 + 1,38,750 = 6,38,750 रुपये

मासिक EMI = 6,38,750 ÷ 36 = 17,743 रुपये

गोल्ड लोन के फायदे

गोल्ड लोन की ब्याज दरें पर्सनल लोन के मुकाबले कम होती हैं। साथ ही इसे मंजूरी भी आसान से मिल जाती है और गोल्ड की जांच के बाद कुछ घंटों में पैसा मिल जाता है। इसके अलावा इसमें क्रेडिट स्कोर की जरूरत कम पड़ती है और कम स्कोर वाले भी यह ले सकते हैं। साथ ही इसमें भुगतान के कई विकल्प मिलते हैं।

गोल्ड लोन के नुकसान

गोल्ड लोन का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इसमें आपका गोल्ड बैंक या अन्य लोन देने वाली संस्था के पास जमा रहता है और लोन न चुकाने पर गोल्ड बिक सकता है। इसके अलावा इसमें सीमित राशि ही मिल सकती है और सोने की कीमत का 75-85% ही मिलता है। न्यूज वेबसाइट Economic Times की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बाजार मूल्य पर निर्भर करता है।

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पर्सनल लोन की ब्याज दरें

-SBI: 10.30% प्रति वर्ष से शुरू

-HDFC Bank: 10.90% प्रति वर्ष से शुरू

-ICICI Bank: 10.85% प्रति वर्ष से शुरू

पर्सनल लोन का कैलकुलेशन

मान लीजिए आपको 5 लाख रुपये का पर्सनल लोन चाहिए और अवधि 3 साल है। EMI इस तरह होगी:

SBI (10.30%): 

ब्याज = 5,00,000 × 10.30% × 3 = 1,54,500 रुपये

कुल चुकाने योग्य = 5,00,000 + 1,54,500 = 6,54,500 रुपये

मासिक EMI = 6,54,500 ÷ 36 = 18,181 रुपये

HDFC Bank (10.90%): 

ब्याज = 5,00,000 × 10.90% × 3 = 1,63,500 रुपये

कुल चुकाने योग्य = 5,00,000 + 1,63,500 = 6,63,500 रुपये

मासिक EMI = 6,63,500 ÷ 36 = 18,431 रुपये

ICICI Bank (10.85%): 

ब्याज = 5,00,000 × 10.85% × 3 = 1,62,750 रुपये

कुल चुकाने योग्य = 5,00,000 + 1,62,750 = 6,62,750 रुपये

मासिक EMI = 6,62,750 ÷ 36 = 18,410 रुपये

पर्सनल लोन के फायदे

पर्सनल लोन में आपको कुछ भी बैंक के पास जमानत के रूप में रखना नहीं होता है। यानि आपकी कोई संपत्ति बैंक के पास नहीं रहती है। इसके अलावा अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो आपको बड़ी राशि लोन के रूप में मिल सकती है।Forbes की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ बैंक 40 लाख तक लोन दे देते हैं। साथ ही इसे आप किसी भी जरूरत के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

पर्सनल लोन के नुकसान

पर्सनल लोन की ब्याज दरें गोल्ड लोन के मुकाबले अधिक होती है। यह लोन लेने के लिए आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर होना चाहिए। अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम रहता है तो लोन मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा इसकी EMI गोल्ड लोन के मुकाबले अधिक हो सकती है क्योंकि इसका ब्याज दर अधिक होता है, जिससे आपके मासिक खर्च पर भार बढ़ सकता है।

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आपको कौन सा लोन चुनना चाहिए?

अगर आपको कम समय के लिए छोटा लोन चाहिए, तो गोल्ड लोन बेहतर विकल्प है। इसमें तेज डिस्बर्समेंट, कम ब्याज दर और लचीले रिपेमेंट ऑप्शन मिलते हैं। इसके लिए हाई क्रेडिट स्कोर या आय का सबूत जरूरी नहीं है। दूसरी ओर, अगर आपके पास सोना नहीं है या आप लंबी अवधि के लिए लोन चाहते हैं, तो पर्सनल लोन ठीक रहेगा।

दोनों विकल्पों के अपने फायदे और नुकसान हैं। आप अपनी जरूरत और पैसे की तत्कालता के आधार पर फैसला लें। इसके अलावा लोन लेने से पहले ब्याज दर और दूसरी शर्तों के बारे में जानकारी लेना न भूले।

(डिस्केलमर: लोन की दरें आगे पीछे हो सकती है। यह पूरी तरह बैंक और आपके स्कोर पर निर्भर करेगा। हमने इसमें बैंकों द्वारा दी जा रही सबसे न्यूनतम दर का इस्तेमाल किया गया है। किसी भी प्रकार का लोन लेने से पहले किसी फाइनेंस एक्सपर्ट से जरूर सलाह लें।)

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First Published - March 28, 2025 | 4:50 PM IST

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