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G20 में PM मोदी ने AI के गलत इस्तेमाल पर जताई चिंता, कहा: निगरानी जरूरी, नहीं तो बन सकता है बड़ा खतरा

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जोहान्सबर्ग में हो रहे G20 समिट में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि डीपफेक, अपराध और आतंक से जुड़ी AI के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए एक ग्लोबल समझौता जरूरी है

Last Updated- November 23, 2025 | 5:51 PM IST
Narendra Modi
G20 समिट में प्रधानमंत्री मोदी और अन्य नेता | फोटो: X/NarendraModi

जोहान्सबर्ग में चल रहे G20 समिट के तीसरे सेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल डीपफेक, अपराध और आतंकवाद में हो रहा है, इसे सख्ती से रोकना होगा। उन्होंने दुनिया भर के देशों से अपील की कि AI के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए एक वैश्विक समझौता बनना चाहिए।

AI पर मानवीय निगरानी जरूरी

पीएम मोदी ने कहा कि अगर ऐसा कोई समझौता होता है तो वह तीन बुनियादी सिद्धांतों पर खड़ा होना चाहिए। ये तीन कदम है AI पर इंसान की निगरानी, शुरू से ही सुरक्षा का ध्यान और पूरी पारदर्शिता। उनका कहना था कि अगर ये चीजें नहीं होंगी तो तकनीक इंसानियत के लिए खतरा बन जाएगी।

IBSA मीटिंग में दक्षिण सहयोग पर जोर

इससे पहले पीएम मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा के साथ IBSA (इंडिया-ब्राजील-साउथ अफ्रीका) लीडर्स मीटिंग की। वहां उन्होंने कहा कि भारत इस त्रिकोणीय मंच को और मजबूत करना चाहता है। इसका मकसद है कि दक्षिण के देश मिलकर एक-दूसरे की मदद करें, वैश्विक नियम-कानून में सुधार लाएं और विकासशील देशों की आवाज को बुलंद करें।

Also Read: G20 में PM मोदी की बड़ी अपील: दुनिया को अब मिलकर तैयार होना होगा आपदाओं के खिलाफ!

प्राकृतिक आपदाओं पर चिंता जताई

शनिवार को समिट के दूसरे सेशन में जब प्राकृतिक आपदाओं की बात हुई तो पीएम मोदी ने कहा कि आजकल ये मुसीबतें पहले से कहीं ज्यादा बार और जोर से आ रही हैं। इस साल भी दुनिया के बड़े हिस्से में लोग इनकी मार झेल चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी देशों को मिलकर तैयारी करनी होगी और आपदा आने पर फौरन मदद पहुंचानी होगी।

बता दें कि भारत ने अपनी G20 प्रेसिडेंसी में डिजास्टर रिस्क रिडक्शन वर्किंग ग्रुप बनाया था। उसकी तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने दक्षिण अफ्रीका को भी शुक्रिया कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को प्राथमिकता दी।

क्रिटिकल मिनरल्स को रिसाइकल करने की पहल

पीएम ने कहा कि साफ-सुथरी ऊर्जा और टिकाऊ विकास के लिए क्रिटिकल मिनरल्स बहुत जरूरी हैं। इसके लिए उन्होंने G20 क्रिटिकल मिनरल्स सर्कुलैरिटी इनिशिएटिव की शुरुआत की घोषणा की। इसमें पुरानी चीजों से मिनरल्स निकालना, शहरों में खनन, बैटरी का दोबारा इस्तेमाल, रिसर्च और स्टैंडर्ड तकनीक पर काम होगा।

दक्षिण अफ्रीका में पहला G20 समिट

गौरतलब है कि इस बार दक्षिण अफ्रीका पहली बार G20 समिट की मेजबानी कर रहा है। अफ्रीकी संघ को पूरा सदस्य भारत की प्रेसिडेंसी में ही बनाया गया था। यह पीएम मोदी का दक्षिण अफ्रीका का चौथा सरकारी दौरा है। इससे पहले वह 2016 में द्विपक्षीय वार्ता, फिर 2018 और 2023 में ब्रिक्स समिट के लिए दक्षिण अफ्रीका जा चुके हैं।

ओपनिंग सेशन में पीएम मोदी जी ने ड्रग्स और आतंकवाद के गठजोड़ के खिलाफ भी G20 स्तर पर मुहिम चलाने और ग्लोबल हेल्थकेयर रिस्पॉन्स टीम बनाने का सुझाव दिया था।

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First Published - November 23, 2025 | 5:46 PM IST

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