वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1FY26) में Dilip Buildcon और कोल्टे पाटिल डेवलपर्स का प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा है। लेकिन ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि इन कंपनियों की लॉन्गटर्म रणनीति और दूसरी छमाही में संभावित रिकवरी को देखते हुए निवेशकों को पूरी तरह निराश होने की जरूरत नहीं है। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग और मोतीलाल ओसवाल जैसी ब्रोकरेज ने दोनों कंपनियों को लेकर अपनी रिपोर्ट्स में भविष्य की योजनाओं, ऑर्डर बुक, फाइनेंसियल पोजिशन और गाइडेंस का जिक्र किया है।
दिलीप बिल्डकॉन (DBL) का Q1FY26 का प्रदर्शन कमजोर रहा है। कंपनी की कुल आमदनी में 15% की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि EBITDA में 23% की गिरावट आई। इसका कारण नए ऑर्डर्स की कमी और प्रोजेक्ट्स में धीमी रफ्तार रहा। हालांकि, कंपनी को ₹1,200 करोड़ का मुनाफा हुआ है, जो मुख्य रूप से एकमुश्त फायदे (₹980 करोड़) की वजह से है। यह फायदा कंपनी ने अपनी हिस्सेदारी बेचकर कमाया है। अब कंपनी ने कर्ज कम करने के लिए एक नई योजना बनाई है। सितंबर 2025 में DBL अपना इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) लॉन्च करने जा रही है, जिससे कंपनी को ₹3,000 करोड़ का कर्ज चुकाने में मदद मिलेगी।
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DBL का लक्ष्य है कि FY27 तक कंपनी पूरी तरह से नेट डेट फ्री हो जाए। कंपनी को उम्मीद है कि दूसरी छमाही (2HFY26) में सरकारी नियमों में बदलाव के बाद ऑर्डर मिलने की रफ्तार बढ़ेगी। कंपनी ने FY26 में ₹12,000 से ₹15,000 करोड़ के नए ऑर्डर मिलने का अनुमान जताया है। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने DBL पर ‘HOLD’ रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹463 तय किया है, जो वर्तमान शेयर मूल्य ₹481 से थोड़ा कम है।
कोल्टे पाटिल डेवलपर्स (KPDL) के लिए भी FY26 की पहली तिमाही उम्मीद से काफी कमजोर रही है। कंपनी की बुकिंग ₹620 करोड़ रही, जो पिछले साल से 13% कम है। रेवेन्यू में 76% और मुनाफे में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी को ₹260 करोड़ का EBITDA घाटा और ₹17 करोड़ का नेट घाटा हुआ। हालांकि, इस तिमाही में कंपनी को ब्लैकस्टोन से बड़ा निवेश मिला है। ब्लैकस्टोन ने ₹417 करोड़ लगाकर कंपनी में 14.3% हिस्सेदारी ली है। इससे कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति मजबूत हुई है और आने वाले प्रोजेक्ट्स में मदद मिलेगी।
कोल्टे पाटिल का कहना है कि इस तिमाही में प्रोजेक्ट्स की बुकिंग कम रही, लेकिन अगले कुछ महीनों में बड़े प्रोजेक्ट्स पूरे होंगे और रेवेन्यू बुकिंग बढ़ेगी। कंपनी का लक्ष्य है कि FY26 में 30% तक बुकिंग ग्रोथ हासिल की जाए। कंपनी अब मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है और इनका कुल योगदान 30% तक पहुंचाने की योजना है। एंटीक ब्रोकिंग ने कोल्टे पाटिल पर ‘BUY’ रेटिंग दी है और ₹569 का टारगेट प्राइस रखा है। जो मौजूदा कीमत ₹421 से 35% ऊपर है। वहीं, मोतीलाल ओसवाल ने भी इसे ‘BUY’ बताया है और ₹489 का लक्ष्य दिया है, जो मौजूदा कीमत ₹421 से 16% ऊपर है।
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कुल मिलाकर, दोनों कंपनियों के Q1FY26 के नतीजे भले ही कमजोर रहे हों, लेकिन ब्रोकरेज फर्मों का भरोसा इनके लॉन्ग टर्म प्लान्स पर बना हुआ है। दिलीप बिल्डकॉन की कर्जमुक्त होने की योजना और ऑर्डर बुक में बढ़ोतरी की उम्मीद, और कोल्टे पाटिल की ब्लैकस्टोन डील व आगामी प्रोजेक्ट्स के चलते सेक्टर में हलचल बनी हुई है। निवेशकों को चाहिए कि वे Q2 और H2FY26 में इन कंपनियों के प्रदर्शन पर करीबी नजर रखें, क्योंकि वहीं से असली रफ्तार शुरू होने की संभावना है।
डिस्क्लेमर: यह खबर ब्रोकरेज की रिपोर्ट के आधार पर है, निवेश संबंधित फैसले लेने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।