facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

Realty Stocks: 35% तक उछाल की तैयारी! इन 2 रियल्टी स्टॉक्स में कमाई का मौका – कर्ज घटाने और फंडिंग से मिलेगा सपोर्ट

Advertisement

फंडिंग और कर्ज घटाने की योजनाओं से कोल्टे पाटिल और दिलीप बिल्डकॉन में तेज ग्रोथ की उम्मीद, ब्रोकरेज फर्म्स ने 35% तक के रिटर्न का अनुमान जताया है।

Last Updated- July 31, 2025 | 2:42 PM IST
realty stocks

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1FY26) में Dilip Buildcon और कोल्टे पाटिल डेवलपर्स का प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा है। लेकिन ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि इन कंपनियों की लॉन्गटर्म रणनीति और दूसरी छमाही में संभावित रिकवरी को देखते हुए निवेशकों को पूरी तरह निराश होने की जरूरत नहीं है। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग और मोतीलाल ओसवाल जैसी ब्रोकरेज ने दोनों कंपनियों को लेकर अपनी रिपोर्ट्स में भविष्य की योजनाओं, ऑर्डर बुक, फाइनेंसियल पोजिशन और गाइडेंस का जिक्र किया है।

Dilip Buildcon: Q1 कमजोर लेकिन कर्ज घटाने की बड़ी योजना

दिलीप बिल्डकॉन (DBL) का Q1FY26 का प्रदर्शन कमजोर रहा है। कंपनी की कुल आमदनी में 15% की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि EBITDA में 23% की गिरावट आई। इसका कारण नए ऑर्डर्स की कमी और प्रोजेक्ट्स में धीमी रफ्तार रहा। हालांकि, कंपनी को ₹1,200 करोड़ का मुनाफा हुआ है, जो मुख्य रूप से एकमुश्त फायदे (₹980 करोड़) की वजह से है। यह फायदा कंपनी ने अपनी हिस्सेदारी बेचकर कमाया है। अब कंपनी ने कर्ज कम करने के लिए एक नई योजना बनाई है। सितंबर 2025 में DBL अपना इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) लॉन्च करने जा रही है, जिससे कंपनी को ₹3,000 करोड़ का कर्ज चुकाने में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें: IndiGo Share: ₹6,900 तक उड़ान भर सकता है इंडिगो का शेयर! ब्रोकरेज हाउसेज को H2 में दिख रही रफ्तार

DBL का लक्ष्य है कि FY27 तक कंपनी पूरी तरह से नेट डेट फ्री हो जाए। कंपनी को उम्मीद है कि दूसरी छमाही (2HFY26) में सरकारी नियमों में बदलाव के बाद ऑर्डर मिलने की रफ्तार बढ़ेगी। कंपनी ने FY26 में ₹12,000 से ₹15,000 करोड़ के नए ऑर्डर मिलने का अनुमान जताया है। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने DBL पर ‘HOLD’ रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹463 तय किया है, जो वर्तमान शेयर मूल्य ₹481 से थोड़ा कम है।

कोल्टे पाटिल: कमजोर तिमाही, लेकिन ब्लैकस्टोन डील से भविष्य मजबूत

कोल्टे पाटिल डेवलपर्स (KPDL) के लिए भी FY26 की पहली तिमाही उम्मीद से काफी कमजोर रही है। कंपनी की बुकिंग ₹620 करोड़ रही, जो पिछले साल से 13% कम है। रेवेन्यू में 76% और मुनाफे में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी को ₹260 करोड़ का EBITDA घाटा और ₹17 करोड़ का नेट घाटा हुआ। हालांकि, इस तिमाही में कंपनी को ब्लैकस्टोन से बड़ा निवेश मिला है। ब्लैकस्टोन ने ₹417 करोड़ लगाकर कंपनी में 14.3% हिस्सेदारी ली है। इससे कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति मजबूत हुई है और आने वाले प्रोजेक्ट्स में मदद मिलेगी।

कोल्टे पाटिल का कहना है कि इस तिमाही में प्रोजेक्ट्स की बुकिंग कम रही, लेकिन अगले कुछ महीनों में बड़े प्रोजेक्ट्स पूरे होंगे और रेवेन्यू बुकिंग बढ़ेगी। कंपनी का लक्ष्य है कि FY26 में 30% तक बुकिंग ग्रोथ हासिल की जाए। कंपनी अब मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है और इनका कुल योगदान 30% तक पहुंचाने की योजना है। एंटीक ब्रोकिंग ने कोल्टे पाटिल पर ‘BUY’ रेटिंग दी है और ₹569 का टारगेट प्राइस रखा है। जो मौजूदा कीमत ₹421 से 35% ऊपर है। वहीं, मोतीलाल ओसवाल ने भी इसे ‘BUY’ बताया है और ₹489 का लक्ष्य दिया है, जो मौजूदा कीमत ₹421 से 16% ऊपर है।

यह भी पढ़ें: 50% तक उछल सकता है दमानी का फेवरिट शेयर, ब्रोकरेज ने कहा- खरीद कर पोर्टफोलियो में रख लें

कुल मिलाकर, दोनों कंपनियों के Q1FY26 के नतीजे भले ही कमजोर रहे हों, लेकिन ब्रोकरेज फर्मों का भरोसा इनके लॉन्ग टर्म प्लान्स पर बना हुआ है। दिलीप बिल्डकॉन की कर्जमुक्त होने की योजना और ऑर्डर बुक में बढ़ोतरी की उम्मीद, और कोल्टे पाटिल की ब्लैकस्टोन डील व आगामी प्रोजेक्ट्स के चलते सेक्टर में हलचल बनी हुई है। निवेशकों को चाहिए कि वे Q2 और H2FY26 में इन कंपनियों के प्रदर्शन पर करीबी नजर रखें, क्योंकि वहीं से असली रफ्तार शुरू होने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह खबर ब्रोकरेज की रिपोर्ट के आधार पर है, निवेश संबंधित फैसले लेने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

Advertisement
First Published - July 31, 2025 | 2:42 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement