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IndiGo Share: ₹6,900 तक उड़ान भर सकता है इंडिगो का शेयर! ब्रोकरेज हाउसेज को H2 में दिख रही रफ्तार

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Q1FY26 में कमजोर यील्ड और मुनाफे के बावजूद ब्रोकरेज फर्म्स इंडिगो के अंतरराष्ट्रीय विस्तार और H2FY26 में मांग बढ़ने को लेकर आशावादी हैं।

Last Updated- July 31, 2025 | 2:19 PM IST
IndiGO

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1FY26) के नतीजे पेश किए हैं। हालांकि राजस्व और मुनाफे के स्तर पर कंपनी का प्रदर्शन बाजार की उम्मीदों से कुछ कमजोर रहा, लेकिन सेक्टर आउटलुक और कंपनी की भविष्य की रणनीति को लेकर ब्रोकरेज फर्म्स आशावादी दिख रही हैं। मोतीलाल ओसवाल, नुवामा और एमके जैसे तीन बड़े ब्रोकरेज हाउसेज ने अपनी रिपोर्ट्स में कंपनी के वर्तमान आंकड़ों और भविष्य के अनुमानों पर विस्तृत राय दी है।

उम्मीद से कमजोर रहा तिमाही प्रदर्शन

इंडिगो ने Q1FY26 में ₹56.9 अरब का EBITDAR दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 1% की गिरावट दिखाता है और मोतीलाल ओसवाल के ₹61.4 अरब के अनुमान से नीचे रहा। PAT यानी शुद्ध मुनाफा ₹21.6 अरब रहा, जबकि अनुमान ₹23.8 अरब का था। वहीं नुवामा ने बताया कि कंपनी का Q1FY26 EBITDAR उनके अनुमान से 11% और कंसेंसस से 5% कम रहा, इसका मुख्य कारण कमजोर डिमांड और 5% तक गिरी हुई यील्ड है।

एमके की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो की रेवेन्यू और EBITDA भी उनके अनुमान से 2% और 5% नीचे रही। Yields में सालाना आधार पर लगभग 5% की गिरावट दर्ज की गई, जो डिमांड में अस्थिरता और अधिक कैंसलेशन का असर माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें: 50% तक उछल सकता है दमानी का फेवरिट शेयर, ब्रोकरेज ने कहा- खरीद कर पोर्टफोलियो में रख लें

अंतरराष्ट्रीय विस्तार और H2FY26 पर टिकी हैं उम्मीदें

भले ही Q1 के आंकड़े कुछ कमजोर रहे हों, लेकिन ब्रोकरेज हाउसेज को कंपनी के H2FY26 प्रदर्शन में मजबूती की उम्मीद है। मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि अक्टूबर-दिसंबर और जनवरी-मार्च तिमाहियों में इंडिगो को मजबूत रिकवरी मिल सकती है। इसका कारण वे नई एयरक्राफ्ट डिलीवरी, अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर तेजी, MICE ट्रैवल और पिछले साल की तुलना में अधिक विवाह सीजन जैसी मांग-driving घटनाओं को मानते हैं।

एमके की रिपोर्ट भी इसी दिशा में इशारा करती है। उनके मुताबिक, भले ही Q2FY26 में सीजनल वीकनेस रहे, लेकिन साल की दूसरी छमाही में डिमांड का ग्राफ ऊपर जाएगा। नुवामा हालांकि अंतरराष्ट्रीय लॉन्ग-हॉल फ्लाइट्स को लेकर थोड़े सतर्क हैं और इसे जोखिम भरा कदम बता रहे हैं।

कंपनी का मार्गदर्शन और सेक्टर का रुख

तीनों ब्रोकरेज रिपोर्ट्स इस बात पर सहमत हैं कि FY26 में इंडिगो की ASK (Available Seat Kilometer) ग्रोथ डबल डिजिट में रह सकती है। Q2FY26 में ग्रोथ मिड-टू-हाई सिंगल डिजिट में रहने की संभावना जताई गई है, लेकिन PRASK (Passenger Revenue per Available Seat Kilometer) और यील्ड फ्लैट रहने की बात कही गई है।

मोतीलाल ओसवाल को FY25–FY27 के दौरान इंडिगो के राजस्व, EBITDAR और शुद्ध मुनाफे में क्रमशः 9%, 13% और 18% की CAGR ग्रोथ की उम्मीद है। एमके ने कंपनी का वैल्यूएशन मल्टीपल 22x से बढ़ाकर 23x कर दिया है।

निवेशकों के लिए क्या है ब्रोकरेज की सलाह?

मोतीलाल ओसवाल और एमके दोनों ने इंडिगो पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है। मोतीलाल ने टारगेट प्राइस ₹6,900 रखा है, जो CMP ₹5,740 से लगभग 20% ऊपर है। वहीं एमके ने टारगेट प्राइस ₹6,500 तय किया है, जो करीब 13% का संभावित अपसाइड दिखाता है। दूसरी ओर, नुवामा ने स्टॉक पर ‘HOLD’ रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹5,428 रखा है, जो मौजूदा कीमत से नीचे है। नुवामा का मानना है कि इंडस्ट्री की मौजूदा कमजोरी और ऊंचे वैल्यूएशन के चलते निकट भविष्य में सतर्कता बरतना बेहतर होगा।

डिस्क्लेमर: यह खबर ब्रोकरेज की रिपोर्ट के आधार पर है, निवेश संबंधित फैसले लेने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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First Published - July 31, 2025 | 2:19 PM IST

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