facebookmetapixel
Advertisement
गोल्ड लोन की बढ़ती मांग, 2028 तक 30 लाख करोड़ रुपये पहुंच सकता है बाजारNCDEX ने लॉन्च किया ‘Nidhi’ म्युचुअल फंड ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म, अब एक ही जगह SIP, निवेश और रिडेम्पशनAnti Paper Leak Law: अमेरिका, चीन, जापान समेत दुनिया के देशों में परीक्षा में नकल पर क्या है सजा? जानिए नियमदिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए कैसे करें आवेदन? महिलाओं के खाते में हर महीने आएंगे ₹2,500Ambuja Cements Share: कमजोर Q1 नतीजों के बावजूद ब्रोकरेज बुलिश, BUY रेटिंग बरकरार; ₹568 तक टारगेटक्या UPI, NEFT या RTGS से पैसे भेजने पर भी आ सकता है Income Tax का नोटिस?Anti Paper Leak Bill 2026: लोकसभा से पास एंटी पेपर लीक बिल, दोषियों को 10 साल की जेल और ₹50 लाख जुर्मानाCWG 2026: भारत को अब तक 2 स्वर्ण, 7 रजत पदक मिले; पदक तालिका में 9वें स्थान परITR e-Verification: रिटर्न फाइल करने के 30 दिनों के भीतर जरूर कर लें वेरिफिकेशन, जानें 5 आसान तरीकेFD Rates: सीनियर सिटीजन को मिल रहा 8.5% तक ब्याज, जानिए किस बैंक में मिल रहा सबसे ज्यादा रिटर्न

मूल्यांकन को लेकर हालात चिंताजनक नहीं, 6 महीने पहले जैसी नहीं है स्थिति: प्रशांत खेमका

Advertisement
Last Updated- May 18, 2023 | 8:32 PM IST

व्हाइटओक कैपिटल मैनेजमेंट (WhiteOak Capital Management) के संस्थापक प्रशांत खेमका ने अ​भिषेक कुमार के साथ साक्षात्कार में कहा कि इ​क्विटी बाजार में ताजा तेजी से मूल्यांकन पर ज्यादा दबाव नहीं डाला है और यह ज्यादा चिंताजनक नहीं है। मौजूदा समय में निवेश बनाए रखना उचित है, क्योंकि बाजार के बारे में अनुमान लगा पाना किस्मत की बात है। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:

बिकवाली के बाद वै​श्विक निवेशकों ने भारतीय इ​क्विटी में खरीदारी पर जोर दिया है। क्या अब रुझान पूरी तरह बदल गया है?

इसके लिए दो मुख्य कारक हैं। पहला, उभरते बाजारों (EM) के प्रति दिलचस्पी पिछले साल के मुकाबले बढ़ी (चीन के नेतृत्व में) है। देश ने कोविड-जीरो नीति के साथ बदलाव दर्ज किया है। भारत के संदर्भ में, मूल्यांकन को लेकर चिंता उतनी ज्यादा नहीं है जितनी की 6 महीने पहले थी। भारतीय बाजार का बुनियादी आधार आकर्षक बना हुआ है।

बाजार में पिछले एक महीने में कुछ तेजी आई है। क्या यह समय मुनाफावसूली का है?

बाजार मौजूदा समय में अपने 12 महीने के पीई अनुपात के मुकाबले 19 गुना के मूल्यांकन पर कारोबार कर रहे हैं, जो मोदी सरकार के अधीन मार्केट मल्टीपल (औसत मल्टीपल करीब 21 गुना था) के मुकाबले कुछ कम है। 18 के दीर्घाव​धि औसत पीई के मुकाबले मौजूदा पीई मल्टीपल कुछ ज्यादा है। कुल मिलाकर, मूल्यांकन उचित स्तर पर हैं और इन्हें लेकर हालात ज्यादा चिंताजनक नहीं हैं।

अब तक पेश किए गए चौथी तिमाही के नतीजों पर आपकी क्या राय है?

नतीजे मिश्रित रहे हैं और कुछ क्षेत्र अन्य के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। सबसे बड़े क्षेत्र बैंकिंग एवं वित्त ने मजबूत नतीजे पेश किए हैं। बड़े बैंक परिसंप​त्ति गुणवत्ता (asset quality) को बरकरार रखते हुए 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रहे हैं। दूसरी तरफ, कई IT कंपनियों ने अनुमान के मुकाबले कमजोर नतीजे दर्ज किए हैं। इन कंपनियों ने बड़ी संख्या में वै​श्विक तौर पर बैंकिंग ग्राहकों को सेवा प्रदान और इनके कुल राजस्व में BFSI का 40-45 प्रतिशत योगदान है। यही वजह है कि अमेरिका और यूरोप में बैंकिंग क्षेत्र में कुछ समस्याओं से आईटी क्षेत्र की चिंता बढ़ी है। विकसित देशों में मंदी की चिंताएं बढ़ने से लागत कटौती पर जोर दिया जा रहा है जिससे भारतीय आईटी कंपनियों के लिए मांग पर दबाव पड़ रहा है।

Also read: विश्लेषकों को बैंक ऑफ बड़ौदा में शानदार तेजी के आसार, फाइनैंशियल रिजल्ट के बाद ब्रोकरों ने दी ये राय

बैंकिंग शेयरों ने पिछले दो साल में बड़ी तेजी दर्ज की है। क्या आगे भी तेजी की संभावना है?

सबसे पहले मैं यह बताना चाहूंगा कि जिन क्षेत्रों ने सबसे ज्यादा आय दर्ज की है, उन्हीं के पीछे भागना हमेशा अच्छी रणनीति नहीं है। बाजार सामान्य तौर पर इससे पहले ही अवगत हो जाता है। उदाहरण के लिए, तीन साल पहले कोविड की शुरुआत के समय फार्मा कंपनियों ने शुरू में शानदार प्रदर्शन किया और वे मजबूत आय वृद्धि दर्ज कर रही थीं। कई निवेशकों ने अनुमान लगा लिया कि उनका दमदार प्रदर्शन बना रहेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हमारे पोर्टफोलियो में हरेक क्षेत्र का भारांक (वेटेज) कंपनी-केंद्रित शेयरों के चयन का परिणाम है। यह हमारी उस रणनीति का हिस्सा है जिसे हमने निती क्षेत्र में वित्त में बेहद आकर्षक निवेशक अवसर देखे हैं।

Also read: छोटे निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए IPO की चमक जरूरी

निजी क्षेत्र के फाइनैंशियल शेयर फंड मैनेजरों के पसंदीदा हैं, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने वित्त वर्ष 2023 में अच्छा वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया। क्या आप इसे चुके हुए अवसर के तौर पर देखते हैं?

आप हरेक क्षेत्र में तेजी का अंदाजा नहीं लगा सकते, भले ही आप कितने भी समझदार हों। हमने PSU में कम निवेश आवंटन बरकरार रखा है और इससे हमें ज्यादातर समय मदद मिली है। निवेशक के तौर पर आपकी निवेश धारणा अच्छा प्रदर्शन करने की होनी चाहिए।

Advertisement
First Published - May 18, 2023 | 8:32 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement