facebookmetapixel
Advertisement
देश की फैक्ट्रियों ने पकड़ी रफ्तार! IIP के आंकड़ों ने दिया बड़ा संकेत, आगे क्या होगा?Fed के रेट कट की आशंका में गिरे सोना-चांदी, ग्लोबल मार्केट में सोना फिर 4,000 डॉलर से नीचेदोहा वार्ता से पहले तेल बाजार में हलचल! कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, क्या अब सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?तमिलनाडु की Liquor Policy में बदलाव से इन शेयरों की चांदी! Radico समेत 3 पर BUY रेटिंग, चेक करें टारगेटअब मोबाइल नंबर रहेगा पूरी तरह सीक्रेट! WhatsApp का नया Username फीचर बढ़ाएगा प्राइवेसीStock Market Update: शेयर बाजार की रफ्तार पड़ी धीमी! Sensex ऊपरी स्तर से फिसला, Nifty 23,900 के करीब; Eicher Motors, Tata Consumer टूटेVedanta Demerger: डिमर्जर के बाद इस कारोबार से आएगी सबसे ज्यादा कमाई, शेयर पर ₹350 का टारगेटEmkay Portfolio Update: HPCL को किया बाहर, Bharat Forge समेत इन 3 शेयरों को मिली एंट्रीStocks To Watch Today: आज इन शेयरों में होगा बड़ा एक्शन! Power Grid से HDFC Bank तक, निवेशकों के लिए आए कई बड़े अपडेटअमेरिका-ईरान तनाव से शेयर बाजार टूटा! सेंसेक्स 372 अंक गिरा, कल एक्सपायरी में क्या होगा?

तेज वृद्धि से एलटीसीजी का असर हो जाएगा कम: ताहिर बादशाह

Advertisement

बजट के जरिये सरकार ने फिर से बता दिया है कि वह निवेश का समर्थन करती रहेगी। सरकार ने पूंजीगत व्यय 17 प्रतिशत बढ़ा दिया है। यह बाजार की उम्मीदों के अनुरूप है।

Last Updated- August 01, 2024 | 11:21 PM IST
तेज वृद्धि से एलटीसीजी का असर हो जाएगा कम: ताहिर बादशाह India's high growth will help soften LTCG blow: Invesco MF's Taher Badshah

लोक सभा चुनाव और बजट के बाद अब बाजार की चाल कंपनियों की आय, मॉनसून के प्रदर्शन, ब्याज दरों और आगामी राज्य विधान सभा चुनावों और अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव पर निर्भर करेगी। इन्वेस्को म्युचुअल फंड के मुख्य निवेश अधिकारी ताहिर बादशाह ने अभिषेक कुमार के साथ बातचीत में ऐसा कहा। मुख्य अंशः

शेयरों के नजरिए से देखें तो बजट में आपको क्या खास लगा?

बजट के जरिये सरकार ने फिर से बता दिया है कि वह निवेश का समर्थन करती रहेगी। सरकार ने पूंजीगत व्यय 17 प्रतिशत बढ़ा दिया है। यह बाजार की उम्मीदों के अनुरूप है। सरकार ने इस बार लोकलुभावन के बजाय नए रास्ते से खपत बढ़ाने की भी कोशिश की है।

एक और अहम पहलू कर दरें तर्कसंगत बनाना और कर संहिता की व्यापक समीक्षा की योजना है। पूंजीगत लाभ पर कर में बढ़ोतरी शेयर बाजार के लिए चोट जरूर है, मगर बाजार अगले कुछ सालों में व्यापक स्तर पर 15 से 17 फीसदी के बीच रिटर्न दे सकता है जिससे निवेशकों को चिंतित नहीं होना चाहिए।

अब कौन से कारक बाजार की रफ्तार को प्रभावित करेंगे?

मध्य से लंबी अवधि के दरम्यान भारत को लेकर नजरिया सकारात्मक है, मगर आय की स्थिति कैसी रहती है, इस कारण निकट अवधि में कुछ झटके लग सकते हैं। चालू वित्त वर्ष में बाजार की अनुमानित वृद्धि दर 15 प्रतिशत है जो पिछले दो वर्षों में दर्ज 20-25 प्रतिशत की तुलना में भले ही कम है फिर भी यह अच्छा आंकड़ा है।

जिंसों की कीमतों में उतार-चढ़ाव बाजार के लिए प्रमुख जोखिम हो सकता है। बाजार को इस साल मॉनसून के समूचे प्रदर्शन का भी इंतजार रहेगा। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव और भारत में राज्यों के विधान सभा चुनावों के साथ-साथ ब्याज दरों पर भी नजरें रहेंगी।

किन क्षेत्रों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है और क्या बजट ने किसी सेक्टर के बारे में आपका नजरिया बदला?

बजट के बाद कुछ हद तक रियल एस्टेट को छोड़कर अन्य क्षेत्रों को लेकर हमारा नजरिया नहीं बदला है। रियल एस्टेट क्षेत्र में हमारा ठीक-ठाक निवेश है मगर इसमें और रकम लगाने से हम अभी दूर रहेंगे। हमें आईटी, फार्मा और कुछ हद तक जिंसों में नए अवसर नजर आ रहे हैं।

विनिर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा रहा है। क्या आपने नया मैन्युफैक्चरिंग फंड बाजार में उतारने में देर नहीं कर दी है?

विनिर्माण क्षेत्र में पिछले ढाई साल में तेजी जरूर रही है मगर अभी भी यह शुरुआती दौर में ही है। अगर सही दांव लगाया जाए तो इस क्षेत्र में अगले 10 वर्षों तक इसकी तेजी का लाभ उठाया जा सकता है। कीमतें ऊंची हैं। इसे वृद्धिपरक अवसर के रुप में देखना चाहिए।

Advertisement
First Published - August 1, 2024 | 11:20 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement