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381 मेगावाट ऑर्डर की खबर से चमका एनर्जी शेयर, गिरते बाजार में भी 6% उछला भाव; 3 साल में दिया 928% रिटर्न

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Suzlon Energy Share: सुज़लॉन ग्रुप एक वैश्विक रिन्यूएबल एनर्जी सोल्यूएशंस प्रदात करता है। यह अब तक 17 देशों में 21.1 गीगावाट विंड एनर्जी स्थापित कर चुका है।

Last Updated- August 01, 2025 | 1:21 PM IST
Suzlon Energy

Suzlon Energy Share Price: एनर्जी कंपनी सुजलॉन एनर्जी के शेयर शुक्रवार (31 जुलाई) को शुरुआती कारोबार में 6.3 फीसदी चढ़कर 65.5 रुपये के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गए। सुबह 11:42 बजे शेयर 5.83% की बढ़त के साथ 65.18 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे थे।

Suzlon Energy Share: शेयर में तेजी की वजह?

कंपनी को ज़ेलेस्ट्रा इंडिया और उसकी सहयोगी कंपनियों से 381 मेगावाट का बड़ा ऑर्डर मिला है। इसी वजह से शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। यह प्रोजेक्ट सुज़लॉन के S144 मॉडल के 127 टर्बाइनों से जुड़ा है। यह महाराष्ट्र (180 मेगावाट), मध्य प्रदेश (180 मेगावाट) और तमिलनाडु (21 मेगावाट) में स्थापित किया जाएगा। महाराष्ट्र और एमपी वाले हिस्से को SJVN की FDRE बिड के तहत विकसित किया जाएगा। तमिलनाडु का हिस्सा कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) कंज्यूमर्स को बिजली देगा।

सुज़लॉन ग्रुप के वाइस चेयरमैन गिरीश टांटी ने कहा, “यह प्रोजेक्ट एक बड़ा बदलाव दिखाता है। हम ज़ेलेस्ट्रा जैसी ग्लोबल डिकार्बोनाइजेशन कंपनी के साथ काम करने को लेकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य भारत को टिकाऊ ऊर्जा भविष्य की ओर ले जाना है। हम इनोवेशन के ज़रिए इस बदलाव को आगे बढ़ाते रहेंगे।”

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क्या करती है सुज़लॉन एनर्जी?

सुज़लॉन ग्रुप एक वैश्विक रिन्यूएबल एनर्जी सोल्यूएशंस प्रदात करता है। यह अब तक 17 देशों में 21.1 गीगावाट विंड एनर्जी स्थापित कर चुका है। इसका मुख्यालय पुणे स्थित ‘सुज़लॉन वन अर्थ’ में है। समूह में सुज़लॉन एनर्जी लिमिटेड और इसकी सहयोगी कंपनियां शामिल हैं।

सुज़लॉन की R&D यूनिट्स जर्मनी, नीदरलैंड, डेनमार्क और भारत में स्थित हैं। कंपनी के भारत में कई वर्ल्ड-क्लास मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। 30 वर्षों के अनुभव और 7,800 कर्मचारियों के साथ, यह भारत में 15.1 गीगावाट और विदेशों में 6 गीगावाट एसेट्स का प्रबंधन करती है। इसका पोर्टफोलियो 2.x MW और 3.x MW श्रेणी के आधुनिक टर्बाइनों को शामिल करता है।

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ज़ेलेस्ट्रा के बारे में

ज़ेलेस्ट्रा 13 देशों में लगभग 29 गीगावाट कार्बन-फ्री प्रोजेक्ट्स का पोर्टफोलियो संभालती है। इसमें से 5.4 गीगावाट प्रोजेक्ट्स ऑपरेशन, निर्माण या प्री-कंस्ट्रक्शन स्टेज में हैं। यह कंपनी बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं के निर्माण, संचालन और कमर्शियलाइजेशन में माहिर है।

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First Published - August 1, 2025 | 11:55 AM IST

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