facebookmetapixel
Advertisement
Tata Motors Q1FY27 Results: मुनाफा 83% बढ़कर ₹2,556 करोड़; वाहनों की बिक्री 26% बढ़ीत्योहारी सीजन में अस्थायी नौकरियों की बाढ़, 15-20% तक भर्ती बढ़ने का अनुमानचीनी की मिठास के साथ गुड़ में भी चढ़ा महंगाई का रंग, 60 रुपये किलो के पार पहुंचा भावशेयर बाजार के क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में हेराफेरी नहीं मिली : सेबी चेयरमैनEmbassy REIT को Nifty 500 और Nifty Midcap 150 में जगह, 30 सितंबर से होगा शामिलDebt Mutual Fund: ₹1.88 लाख करोड़ जुटाकर जुलाई में की जोरदार वापसी, क्या आगे भी जारी रहेगी तेजी?Tata Sons को मिलेगा नया चेयरमैन, जानें कैसे होता है चयन और किसकी होती है अहम भूमिकाRetail Inflation: जुलाई में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.45% पर, खाने-पीने की चीजोंं के दाम में तेजी से बढ़ा दबावNFO Alert: जेरोधा म्युचुअल फंड ने लॉन्च की आर्बिट्रेज स्कीम, ₹1000 से SIP शुरू; किसे लगाना चाहिए पैसा?एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद टूटे टाटा स्टॉक्स, टेक्निकल चार्ट पर किन शेयरों में दिख रही मजबूती?

ESG अनुपालन में कंज्यूमर, रियल्टी कंपनियां पीछे: सर्वे

Advertisement
Last Updated- May 18, 2023 | 11:56 PM IST
Sebi board to approve new ESG framework

भारतीय उद्योग जगत की महज एक-चौथाई कंपनियां यह मानती हैं कि वे अपनी ESG नीतियों के अनुरूप आगे बढ़ने और अनुपालन जरूरतें पूरी करने में सक्षम हैं। वहीं उपभोक्ता उद्योग (consumer industry) इस मामले में काफी पीछे है। डेलॉयट इंडिया (Deloitte India) द्वारा कराए गए ESG (पर्यावरण, समाज, प्रशासन) संबं​धित सर्वेक्षण में यह खुलासा हुआ है।

मार्च और अप्रैल के बीच कराए गए इस सर्वे में पाया गया कि 50 प्रतिशत से कम कंपनियों ने भारत में मौजूदा ESG रिपोर्टिंग प्रणालियों और विनियमन से अवगत होने की बात कही।

इस सर्वे में 150 संगठनों को शामिल किया गया जिनमें वित्तीय सेवा क्षेत्र (financial services sector) के 68 प्रतिशत संगठन ESG नियमों से पूरी तरह अवगत थे जबकि उपभोक्ता और रियल एस्टेट एवं निर्माण क्षेत्रों (construction industry sectors) में सिर्फ 25 प्रतिशत कंपनियां इन नियमों से अवगत थीं।

रिपोर्ट से पता चला है कि उपभोक्त उद्योग में सिर्फ 7 प्र​तिशत संगठनों ने ESG शर्तों के अनुपालन के संदर्भ में तैयारियों का संकेत दिया, क्योंकि इस क्षेत्र में ESG प्रदर्शन पर निवेशकों ने कम ध्यान केंद्रित किया है। हालांकि ऊर्जा, संसाधन, और उद्योग (ER&I), वित्तीय सेवा और हेल्थकेयर उद्योग या तो इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं या कुछ हद तैयार हैं।

Also read: सेबी ने भेजा मेहुल चोकसी को 5.35 करोड़ रुपये का नोटिस, कहा- 15 दिन के अंदर करें पेमेंट

डेलॉयट इंडिया में पार्टनर एवं सस्टेनेबिलिटी लीडर विरल ठक्कर ने कहा, ‘मजबूत ESG परिवेश से बेहत राजस्व वृद्धि, लागत नियंत्रण, अनुपालन बोझ में कमी, बढ़ती उत्पादकता, और बेहतर निवेश गुणवत्ता में मदद मिलती है। ESG एक ऐसा महत्वपूर्ण मानक है जिससे उद्यम के परिचालन को खास बनाने में मदद मिलती है।’

Advertisement
First Published - May 18, 2023 | 7:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement