Stocks To Watch Today, January 14: आज शेयर बाजार में कई कंपनियों से जुड़ी अहम खबरों के चलते निवेशकों की नजर कुछ चुनिंदा स्टॉक्स पर रहने वाली है। बीमा, ऑटो, आईटी, एविएशन, रिन्यूएबल एनर्जी, मोबिलिटी और टूरिज्म सेक्टर से जुड़े घटनाक्रम बाजार की चाल को प्रभावित कर सकते हैं। आइए जानते हैं कंपनीवार अपडेट-
ओला इलेक्ट्रिक ने एक बार फिर अपना ‘ओला मुहूर्त महोत्सव’ अभियान शुरू किया है। कंपनी ने बताया कि इस बार उसके 4680 भारत सेल प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बेहद आकर्षक और पहले कभी न देखी गई कीमतों पर पेश किया गया है। इस कदम से ईवी सेगमेंट में मांग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के मुताबिक, भारत में यात्री वाहनों की बिक्री वर्ष 2026 में करीब 10 फीसदी तक बढ़ने का अनुमान है। कंपनी का मानना है कि जीएसटी में कटौती का असर आने वाले समय में भी दिखेगा, वहीं एसयूवी सेगमेंट में मांग और तेज हो सकती है।
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी HCLTech ने कहा है कि हाल में किए गए बड़े अधिग्रहणों से वित्त वर्ष 2027 तक कंपनी के राजस्व में लगभग 1.5 फीसदी का योगदान हो सकता है। कंपनी ने 5जी नेटवर्क और डेटा-एआई क्षमताओं को मजबूत करने के लिए हाल ही में करीब 400 मिलियन डॉलर का निवेश कर दो कंपनियों का अधिग्रहण किया है।
जीएमआर एयरपोर्ट्स की सहयोगी इकाई GMR एयरो कार्गो एंड लॉजिस्टिक्स ने हैदराबाद एयरपोर्ट पर भारत का पहला एयरसाइड रीफर ट्रक शुरू किया है। इससे तापमान-संवेदनशील कार्गो के परिवहन में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
नवरत्न पीएसयू एनएलसी इंडिया ने गुजरात सरकार के साथ एक गैर-बाध्यकारी समझौता किया है। इसके तहत राज्य में बड़े पैमाने पर रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स विकसित किए जाएंगे। इस पहल में करीब 25,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई जा रही है।
निसान ने अपने अफ्रीका, मिडिल ईस्ट, इंडिया, यूरोप और ओशिनिया क्षेत्र में शीर्ष प्रबंधन स्तर पर बदलाव की घोषणा की है। वर्ष 2026 से भारत निसान की रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। कंपनी का फोकस भारतीय बाजार में मजबूती और लंबे समय की ग्रोथ पर है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने फिलहाल भारत में लिथियम-आयन बैटरी सेल निर्माण की योजना रोक दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जरूरी तकनीक को लेकर विदेशी साझेदारी में दिक्कत आने के चलते यह फैसला लिया गया है। यह खबर क्लीन एनर्जी सेक्टर में कंपनी की रणनीति पर असर डाल सकती है।
उबर अब भारत में केवल राइड-हेलिंग तक सीमित नहीं रहना चाहता। कंपनी कॉर्पोरेट ट्रांसपोर्टेशन सेगमेंट में विस्तार कर रही है, जिसे वर्ष 2030 तक 13 अरब डॉलर का बाजार माना जा रहा है। ऑफिस कर्मचारियों के लिए संगठित परिवहन को उबर एक बड़े अवसर के तौर पर देख रहा है।
फ्लीट मैनेजमेंट स्टार्टअप कैरम ने उबर से सीरीज-ए फंडिंग जुटाई है। यह कंपनी क्लीन मोबिलिटी पर फोकस करती है और फिलहाल कई बड़े शहरों में 3,000 से ज्यादा वाहनों का संचालन कर रही है। नई पूंजी से कंपनी अपने परिचालन का विस्तार करेगी।
थॉमस कुक इंडिया ने गुजरात सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य राज्य में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना और नए पर्यटन अवसर विकसित करना है।