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Closing Bell: बाजार में चौथे दिन तेजी का सिलसिला जारी, बैंकिंग शेयरों की बदौलत सेंसेक्स 256 अंक उछला; निफ्टी ने 25100 का स्तर पार किया

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Stock Market: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रेपो रेट में 0.5% की बड़ी कटौती और कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) घटाने के फैसले से बैंकिंग शेयरों में तेजी का भी बाजार पर पॉजिटिव असर पड़ा।

Last Updated- June 09, 2025 | 4:05 PM IST
Stock Market
Representative Image

Stock Market Closing Bell, June 9: अमेरिका और चीन के बीच आज लंदन में होने जा रही ट्रेड वार्ता से वैश्विक बाजारों में तेजी से भारतीय शेयर बाजार सोमवार (9 जून) को चढ़कर बंद हुआ। इसी के साथ लगातार चौथे ट्रेडिंग सेशन में बाजार बढ़त में रहने में कामयाब रहा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रेपो रेट में 0.5% की बड़ी कटौती और कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) घटाने के फैसले से बैंकिंग शेयरों में तेजी का भी बाजार पर पॉजिटिव असर पड़ा।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) आज 300 से ज्यादा अंक चढ़कर 82,574.55 अंक पर खुला। खुलते ही इसमें तेजी देखी गई। कारोबार के दौरान यह 82,669 अंक तक चढ़ गया था। अंत में यह 256.22 अंक या 0.31% की बढ़त लेकर 82,445.21 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) मजबूती के साथ 25 हजार के पार खुला। कारोबार के दौरान यह 25,160.10 अंक के हाई लेवल तक गया। अंत में यह 100.15 अंक या 0.40% की बढ़त लेकर 25,103 पर सेटल हुआ।

13 प्रमुख सेक्टर्स में से 12 में तेजी आई। भारी भरकम वजन वाले फाइनेंशियल सेक्टर में लगभग 0.5% की वृद्धि हुई। जबकि प्राइवेट बैंकों और सरकारी बैंकों में 1% और 1.5% की वृद्धि हुई। ब्रोडर स्मॉल-कैप और मिड-कैप में क्रमशः लगभग 1.6% और 1.1% की वृद्धि हुई। इसी के साथ स्मॉल-कैप 2025 में अब तक सकारात्मक में आ गया है।

शेयर बाजार में सोमवार 9 जून को तेजी की वजह?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उम्मीद से ज्यादा 50 बेसिस पॉइंट की कटौती रेपो रेट में की और कैश रिजर्व रेशियो (CRR) को 100 बेसिस पॉइंट घटाने के फैसले से रेट सेंसटिव शेयरों में आज भी तेजी देखी गई।

एशियाई बाजारों में भी तेजी देखी गई। अमेरिका और चीन के बीच लंदन में होने वाली व्यापार वार्ता से पहले निवेशकों में उम्मीद बनी रही। यह वार्ता दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार विवाद को सुलझाने के लिए आयोजित की जा रही है।

साथ ही अमेरिका-भारत के बीच व्यापार वार्ता में प्रगति की खबरों ने भी निवेशकों की भावना को मजबूत किया। दोनों देश 9 जुलाई की डेडलाइन से पहले टैरिफ कटौती पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

बाजार के जानकारों का कहना है कि वैश्विक व्यापार को लेकर नए सिरे से आशावाद ने भारतीय शेयर बाजारों में खरीदारी की एक और लहर पैदा कर दी है।

शुक्रवार को कैसी थी बाजार की चाल?

इससे पिछले ट्रेडिंग सेशन यानी शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी रही। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए दो बड़े कदम उठाए। इससे बाजार में उत्साह दिखा। BSE सेंसेक्स 747 अंक यानी 0.92% की बढ़त के साथ 82,189 पर बंद हुआ। Nifty50 252 अंक यानी 1.02% चढ़कर 25,003 पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) ने शुक्रवार को भारतीय शेयरों में ₹1,009.71 करोड़ की खरीदारी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹9,342.48 करोड़ के शेयर खरीदे।

वैश्विक बाजारों से क्या संकेत?

एशियाई बाजारों में सोमवार को तेजी रही। निवेशक वाशिंगटन और बीजिंग के बीच व्यापार वार्ता पर नजरें रखें हुए हैं। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.95 प्रतिशत चढ़ा और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स1.73 प्रतिशत बढ़ा। ऑस्ट्रेलियाई बाजार सार्वजनिक अवकाश के कारण बंद हैं।

इस बीच, चीन आज मई के लिए अपने उपभोक्ता और थोक मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी करने वाला है। रॉयटर्स के एक सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि चीन की उपभोक्ता कीमतों में सालाना आधार पर 0.2 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। जबकि पीपीआई में एक साल पहले की तुलना में 3.2 प्रतिशत की गिरावट आने की उम्मीद है।

अमेरिकी बाजारों में वॉल स्ट्रीट के प्रमुख इंडेक्स शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए। उम्मीद से बेहतर गैर-कृषि पेरोल डेटा ने आर्थिक मंदी की आशंकाओं को कम करने के चलते वॉल स्ट्रीट में तेजी आई। सरकारी डेटा के अनुसार, मई में अमेरिकी पेरोल 139,000 तक पहुंच गया। यह डॉव जोन्स के 125,000 के पूर्वानुमान से ऊपर है। डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 1.05 प्रतिशत की वृद्धि हुई, एसएंडपी 500 में भी 1.03 प्रतिशत की वृद्धि हुई तथा नैस्डैक कंपोजिट में 1.20 प्रतिशत की तेजी आई।

Nifty Outlook

रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेजीडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा के मुताबिक, “निफ्टी फिलहाल कंसोलिडेशन फेज में है। लेकिन बैंकिंग सेक्टर में ब्रेकआउट और रेट सेंसिटिव सेक्टर्स में तेजी से एक बार फिर रैली की उम्मीद जगी है। अगर निफ्टी 25,200 के ऊपर टिकता है, तो अगला लक्ष्य 25,600 तक हो सकता है।”

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First Published - June 9, 2025 | 8:06 AM IST

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