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पांच महीने की ऊंचाई पर पहुंचा बाजार, नए सर्वोच्च स्तर से महज 3 फीसदी दूर है BSE Sensex

Last Updated- May 04, 2023 | 9:30 PM IST
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अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी किए जाने के बावजूद भारतीय बाजार गुरुवार को पांच महीने उच्चस्तर पर बंद हुए। फेड चेयरमैन जीरोम पॉवेल की टिप्पणी के बाद ज्यादातर वैश्विक बाजारों में ​कारोबार मिलाजुला रहा, जिसमें पॉवेल ने जून में ब्याज बढ़ोतरी पर विराम लगाने का संकेत दिया है। उन्होंने हालांकि इस साल बाद में ब्याज दरों में कटौती की संभावना को बहुत अहमियत नहीं दी। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से उभरते बाजारों को लेकर सेंटिमेंट मजबूत बनाने में मदद मिली। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 1,414 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

बेंचमार्क सेंसेक्स गुरुवार को 556 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 61,749 पर बंद हुए। निफ्टी में 166 अंकों का इजाफा हुआ​ और 18,256 पर बंद हुआ। दोनों सूचकांकों का यह बंद स्तर 19 दिसंबर के बाद का सर्वोच्च स्तर है। पिछले 10 में से नौ कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज करने वाला सेंसेक्स अपने अब तक के सर्वोच्च स्तर से महज 2.4 फीसदी पीछे है। सेंसेक्स ने 1 दिसंबर को 63,284 का सर्वोच्च स्तर दर्ज किया था।

विकसित दुनिया के निवेशक थोड़ी मंदी के फेड के अनुमान और चेयरमैन जीरोम पॉवेल के उस बयान से चिंतित हैं जिसमें उन्होंने कहा है कि फेड का 2 फीसदी का महंगाई लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं होगा।

निवेशक अमेरिका में बैंकिंग संकट को दूर करने को लेकर फेड की तकफ से स्पष्टता न मिलने से निराश हुए।

मार्च से कैलिफॉर्निया के सिलिकन वैली बैंक और न्यूयॉर्क के सिग्नेचर बैंक ने भारी निवेश निकासी का सामना किया, जिससे फेड को बैंकिंग सिस्टम में भरोसा बहाल करने के लिए आपातकालीन उधारी सुविधा शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया। फेड के कदमों ने इस समय तनाव समाप्त कर दिया है, लेकिन फर्स्ट रिपब्लिक बैंक में संकट उभरने से फिर सवाल खड़े हो रहे हैं कि कितने समय तक ब्याज दरें उच्चस्तर पर बनाए रखा जाएगा।

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देसी बाजारों में बढ़ोतरी को एचडीएफसी द्व‍य और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सहारा दिया। सकारात्मक तिमाही नतीजे और बेहतर आर्थिक आंकड़ों ने निवेशकों की अवधारणा को ऊंचा रखा। पीएमआई अप्रैल में बढ़कर 57.2 हो गया, जो इससे पिछले महीने 56.4 था। लगातार 22 महीनों से पीएमआई 50 से ऊपर बरकरार है। पीएमआई का 50 से ज्यादा रहना विस्तार का संकेत देता है। इसी तरह जीएसटी संग्रह भी अप्रैल में अब तक के सर्वोच्च मासिक स्तर पर पहुंच गया।

बीए्सई में सूचीबद्ध‍ कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 30,000 करोड़ रुपये बढ़ा।

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मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्ध‍ार्थ खेमका ने कहा, चौथी तिमाही में मजबूत आय और पिछले पांच दिनों में एफआईआई की तरफ से अच्छी खरीदारी ने बाजार को जरूरी सहारा दिया। प्रमुख देसी आर्थिक आंकड़े भी उत्साहजनक रहे हैं। बाजार का ढांचा सकारात्मक बना हुआ है और निफ्टी धीरे-धीरे पिछले कुछ हफ्तों के मुकाबले मजबूती हासिल कर रहा है।

First Published - May 4, 2023 | 9:30 PM IST

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