facebookmetapixel
Advertisement
Cabinet Decision: असम में हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा बूस्ट, ₹8,970 करोड़ की लागत वाले गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर को हरी झंडीCabinet Decision: ₹23,731 करोड़ की ‘गोबरधन’ योजना को हरी झंडी, बायोगैस उत्पादन को मिलेगा बढ़ावालखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी पर 2 साल का प्रतिबंध, 3 अधिकारी निलंबितPNB हाउसिंग फाइनेंस पर ब्रोकरेज बुलिश, Q1 नतीजों के बाद शेयर में तेजी, ब्रोकरेज ने दिया ₹1,390 तक का टारगेटRBI पॉलिसी से बॉन्ड मार्केट को मिला सहारा, Debt Funds में निवेशक कहां लगा सकते हैं दांव?AI के दौर में छोटी कंपनियां बनेंगी रोजगार का बड़ा जरिया: नंदन नीलेकणिभारत में गूगल के 15 अरब डॉलर के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट पर मंडराया पर्यावरण का खतराLAPL Automotive IPO: आज से खुला सब्सक्रिप्शन, ₹94 प्रति शेयर तक तय हुआ प्राइस बैंड; जानें GMP और पूरी डिटेलमजबूत नतीजे, फिर भी चार अलग राय: Pidilite पर ब्रोकरेज क्यों बंटे हुए हैं?Q1 में मुनाफा बढ़ा, फिर भी Omnitech Engineering के शेयर 14% टूटे! जानिए निवेशकों ने क्यों बेचा स्टॉक

Sun Pharma ने अमेरिका में हेयरफॉल की दवा लॉन्च की, कानूनी विवाद सुलझने के बाद शेयरों में दिखी जबरदस्त तेजी

Advertisement

सन फार्मा ने अमेरिका में हेयरफॉल की दवा लेक्सेल्वी लॉन्च की और पेटेंट विवाद सुलझाकर अमेरिकी बिक्री में बड़ा अवसर हासिल किया।

Last Updated- July 15, 2025 | 10:26 PM IST
Sun Pharma Ilumya
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत की सबसे बड़ी दवा निर्माता कंपनी सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज का शेयर मंगलवार को 2.7 फीसदी चढ़ा। यह सेंसेक्स के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाली कंपनी रही। शेयर में यह बढ़त इसके बाद आई कि दवा कंपनी ने हेयरफॉल की ब्रांडेड दवा लेक्सेल्वी (ड्यूरक्सोलिटिनिब) से संबंधित मुकदमे के मामले में इनसाइट कॉरपोरेशन के साथ समझौता और लाइसेंस करार कर लिया है। कंपनी ने अब इस विशेष दवा को अमेरिकी बाजार में उतार दिया है।

इस समझौते से सन को गैर-ऑन्कोलॉजी संबंधी संकेतों के लिए दवा के अमेरिकी पेटेंट के लिए सीमित और गैर-एक्सक्लूसिव लाइसेंस मिल गया है। इसमें एलोपेसिया एरीटा भी है जो ऑटो इम्यून रोग है और जिसमें बाल झड़ते हैं।

हालांकि विवरण का अभी पता नहीं चला है। लेकिन सन फार्मा पेटेंट के लाइसेंस के बदले इनसाइट को अग्रिम भुगतान और रॉयल्टी जारी रखेगी। सन ने कॉन्सर्ट फार्मा (ड्यूरक्सोलिटिनिब इसकी प्रमुख दवा थी) का अधिग्रहण जनवरी 2023 में 57.6 करोड़ डॉलर में किया था। इसमें 25.2 करोड़ डॉलर का माइलस्टोन भुगतान भी शामिल था। कॉन्सर्ट फार्मा का इनसाइट के साथ पेटेंट विवाद चल रहा था जिसका कहना था कि कॉन्सर्ट की दवाओं ने उसके कुछ पेटेंटों का उल्लंघन किया है।

आशिका इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज के अनुसार इस समझौते से एक बड़ी कानूनी अड़चन हल हो गई है और लेक्सेलवी के लिए अमेरिका में सहज शुरुआत का रास्ता खुल गया है। कंपनी ने कहा कि ड्यूरक्सोलिटिनिब के प्रवेश से सन का विशेष दवाओं का अमेरिकी पोर्टफोलियो मजबूत होगा और इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

इलारा सिक्योरिटीज़ का मानना है कि इस उत्पाद की पेशकश अमेरिकी बाजार में कंपनी के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकती है। बिनो पाथिपरम्पिल जैसे विश्लेषकों का अनुमान है कि पेशकश के बाद अगले तीन से पांच सालों में इस दवा से 20 करोड़ डॉलर से 30 करोड़ डॉलर के मौके बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि सोरायसिस की दवा इलुम्या के बाद यह सन के लिए दूसरा सबसे बड़ा उत्पाद बन सकती है। ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर को एक्युमुलेट रेटिंग दी है और प्रति शेयर 1,871 रुपये का लक्ष्य दिया है।

इसके अलावा, शेयर के लिए निकट अवधि के संकेतक 2025-26 की पहली तिमाही के नतीजे होंगे। एमके रिसर्च के अनुसार कंपनी की अमेरिकी बिक्री में 5 फीसदी की क्रमिक वृद्धि की उम्मीद है और यह 48.8 करोड़ तक पहुंच सकती है, जिसकी वजह विशेष दवाओं की ऊंची बिक्री के साथ-साथ रेवलिमिड के जेनेरिक संस्करण के लिए बढ़ता आकर्षण हो सकता है। 

ब्रोकरेज फर्म के शशांक कृष्णकुमार और भव्य गांधी ने कहा, कंपनी को लगातार आठवीं तिमाही में घरेलू बाजार में दो अंकों की शानदार वृद्धि की उम्मीद है। कंपनी को उच्च अनुसंधान एवं विकास (आरऐंडडी) के साथ-साथ पेशकश से जुड़े निवेश (लेक्सेल्वी और कैंसर की दवा अनलॉक्साइट) को देखते हुए परिचालन लाभ मार्जिन में सालाना आधार पर 60 आधार अंकों की गिरावट का अनुमान है।

हालांकि कंपनी को गुजरात के हलोल संयंत्र के लिए अमेरिकी दवा नियामक से बार-बार टिप्पणियां मिल रही हैं, लेकिन ब्रोकरेज फर्मों को इसका कोई खास असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। नोमुरा रिसर्च का मानना है कि दिसंबर 2022 के स्तर से छूट प्राप्त दवाओं (ऐसी दवा जिनकी किल्लत के कारण अमेरिका में बिक्री की अनुमति है) की बिक्री में 76 फीसदी की गिरावट देखी गई है।

ब्रोकरेज के सायन मुखर्जी समेत अन्य विश्लेषकों ने कहा कि छूट प्राप्त दवाओं का इस समय बिक्री में योगदान संभवतः सिर्फ 1 करोड़ डॉलर से लेकर 1.5 करोड़ डॉलर है। इसलिए इन दवाओं पर किसी भी तरह के व्यवधान का कोई बड़ा बुरा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। ब्रोकरेज को संयंत्र से नई दवाओं की मंजूरी से किसी बड़े लाभ की उम्मीद नहीं है। उसने इस शेयर को न्यूट्रल रेटिंग दी है और मार्च 2026 के लिए 1,970 का लक्ष्य तय किया है।

Advertisement
First Published - July 15, 2025 | 10:26 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement