facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

Stock Market in May: सीजफायर और FIIs की खरीदारी ने बाजार में भरा जोश, लगातार तीसरे महीने तेजी; Defence Stock 30% तक चढ़े

Advertisement

Stock Market: निफ्टी-50 में मई में 1.7% की बढ़त हुई और यह 24,750 पर बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 1.5% चढ़कर 81,451 पर रहा। मार्च से अब तक दोनों इंडेक्स में लगभग 12% की तेजी आई।

Last Updated- May 30, 2025 | 5:37 PM IST
stock market today

Stock Market in May: भारतीय शेयर बाजार हफ्ते में लास्ट ट्रेडिंग सेशन यानी शुक्रवार (30 मई) को गिरावट में बंद हुए। इसके बावजूद बजार मई महीने में लगातार तीसरे महीने बढ़त दर्ज करने में कामयाब रहा। विदेशी निवेशकों (FIIs) के लगातार जारी निवेश और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों की बदौलत बाजार में इस महीने बढ़तरही। हालांकि, इस दौरान भू-राजनीतिक तनाव और व्यापारिक अनिश्चितताओं के कारण कुछ दबाव भी देखने को मिला।

प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी-50 में मई महीने में 1.7% की बढ़त हुई और यह 24,750.70 पर बंद हु। जबकि बीएसई सेंसेक्स 1.5% चढ़कर 81,451.01 पर पहुंच गया। मार्च से अब तक दोनों इंडेक्स में लगभग 12% की तेजी आई है। हालांकि, ये अभी भी सितंबर 2024 के रिकॉर्ड हाई से लगभग 6% नीचे हैं। साप्ताहिक मोर्चे पर बीएसई बेंचमार्क में 270.07 अंक या 0.33 प्रतिशत की गिरावट आई और निफ्टी में 102.45 अंक या 0.41 प्रतिशत की गिरावट आई।

शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च तिमाही में भारत की आर्थिक वृद्धि धीमी होकर 7.4 प्रतिशत हो गई। एक साल पहले की इसी तिमाही में जीडीपी 8.4 प्रतिशत था। वहीं, वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारतीय इकनॉमी 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी।

मई में बाजार को प्रभावित करने वाले मुख्य पॉइंट्स

1. मई की शुरुआत में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने से बाजारों में अस्थिरता देखी गई थी। लेकिन दोनों देशों के बीच युद्धविराम की सहमति के बाद बाजारों ने तेजी से वापसी की।

2. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने मई माह के दौरान भारतीय शेयर बाजारों में करीब 2.6 अरब डॉलर के शेयर खरीदे। यह सितंबर 2024 के बाद सबसे अधिक है।

3. मई में वैश्विक स्तर पर भी सेंटीमेंट बेहतर हुआ। अमेरिका ने चीन के साथ 90 दिनों का टैरिफ ट्रूस (सीमा शुल्क विराम) किया और ब्रिटेन के साथ व्यापार वार्ता में प्रगति की। वहीं, भारत और अमेरिका के बीच भी ट्रेड समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ी है।

मई में स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों में जोरदार उछाल

इस दौरान स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों में जोरदार उछाल देखने को मिला। इसमें क्रमशः 8.7% और 6.1% की बढ़त रही। हालांकि, शुक्रवार को निफ्टी 0.33% और सेंसेक्स 0.22% गिरा। मुख्य रूप से आईटी शेयरों में कमजोरी के कारण बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट आई।

अमेरिका की एक अदालत के ट्रंप के टैरिफ को बहाल करने से आईटी इंडेक्स (IT Index) पर असर पड़ा। लेकिन इसके बावजूद मई में आईटी इंडेक्स पॉजिटिव रहा। मेटल शेयरों में भी मजबूत तेजी देखी गई।

डिफेंस स्टॉक मई में 30% तक उछले

मई में अब तक सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाले शेयरों में मुख्य रूप से डिफेंस सेक्टर शामिल हैं। पिछले 30 दिनों में सबसे ज़्यादा बढ़त के साथ मिडकैप शेयरों की सूची में इस सेक्टर ने शीर्ष चार स्थान हासिल किए हैं। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के शेयर की कीमत पिछले एक महीने में 30.81% बढ़ी है और इसी अवधि में यह शीर्ष प्रदर्शन करने वाला मिडकैप स्टॉक रहा है।

डिफेन्स सेक्टर का दिग्गज शेयर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) ने मई में 22.5% की बढ़त दर्ज की। यह एक साल में इसकी सबसे बड़ी मंथली तेजी है। यह उछाल सरकार की रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ नीति और कंपनी के शानदार तिमाही नतीजों के कारण देखने को मिला।

मई में 20 लाख करोड़ रुपये बढ़ी निवेशकों की दौलत

मई माह के दौरान शेयर बाजार में रही शेयर बाजार में रही तेजी से निवेशकों की दौलत में इजाफा हुआ है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्किट कैप बढ़कर 444,19,342 करोड़ रुपये हो गया। पिछले महीने के आखिरी ट्रेडिंग सेशन यानी 30 अप्रैल को यह 424,13,092 करोड़ रुपये था।

Advertisement
First Published - May 30, 2025 | 4:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement