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SEBI ने इक्विटी ऑप्शन के लिए ऑर्डर-टू-ट्रेड नियम में छूट दी, एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग होगी आसान

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ये बदलाव स्टॉक एक्सचेंजों के सुझावों, हितधारक से परामर्श और सेबी की सेकंडरी बाजार परामर्श समिति की सिफारिशों के बाद किए गए हैं

Last Updated- February 04, 2026 | 9:50 PM IST
SEBI

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इक्विटी ऑप्शन सौदों के लिए छूट सीमा का विस्तार किया है। उसने कुछ मार्केट मेकिंग गतिविधियों को पेनाल्टी गणना से बाहर करते हुए एल्गोरिदम ट्रेडिंग के लिए ऑर्डर-टू-ट्रेड अनुपात (ओटीआर) ढांचे को आसान बनाया है।

संशोधित मानदंडों के तहत इक्विटी ऑप्शन में एल्गोरिदम ऑर्डर अगर अंतिम कारोबार मूल्य (एलटीपी) प्रीमियम के 40 प्रतिशत कम या ज्यादा या 20 रुपये (जो भी अधिक हो) के भीतर रखे गए हैं, ऊंचे ऑर्डर-टू-ट्रेड अनुपात के लिए लगाए गए दंड से छूट दी जाएगी। पहले छूट की सीमा काफी कम थी, जिससे बाजार में हिस्सा लेने वालों को बार-बार जुर्माना लगने की चिंता होती थी, खासकर ऑप्शंस ट्रेडिंग में।

सेबी ने मार्केट-मेकिंग एक्टिविटी के लिए निर्धारित मार्केट मेकर्स द्वारा दिए गए एल्गोरिदम ऑर्डरों को भी ऑर्डर-टू-ट्रेड अनुपात की गणना से छूट दी है। इस कदम का उद्देश्य तरलता प्रावधान में मदद करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना है कि दंड केवल अत्यधिक और गैर-इकनॉमिक ऑर्डर प्लेसमेंट से जुड़ा हो।

ये बदलाव स्टॉक एक्सचेंजों के सुझावों, हितधारक से परामर्श और सेबी की सेकंडरी बाजार परामर्श समिति की सिफारिशों के बाद किए गए हैं। संशोधित फ्रेमवर्क से दिसंबर 2024 में जारी स्टॉक एक्सचेंजों और क्लियरिंग कॉर्पोरेशनों के लिए मास्टर सर्कुलर के प्रावधानों में बदलाव हो जाएगा।

ऑर्डर-टू-ट्रेड अनुपात की व्यवस्था नकद और डेरिवेटिव सेगमेंट दोनों में दिए गए ऑर्डरों पर लागू होगी। इसमें लिक्विडिटी बढ़ाने योजनाओं के तहत दिए गए ऑर्डर भी शामिल हैं। लेकिन हाल के बदलावों के बाद मार्केट-मेकिंग एल्गोरिदमिक ऑर्डर पर अब ज़्यादा ऑर्डर कैंसिल करने के लिए पेनाल्टी नहीं लगेगी।

नए नियम आगामी 6 अप्रैल से लागू होंगे। शेयर बाजारों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने बाय-लॉज और नियमन में उसी हिसाब से बदलाव करें और इन बदलावों की जानकारी बाजार में हिस्सा लेने वालों तक पहुंचाएं।

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First Published - February 4, 2026 | 9:44 PM IST

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