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कांग्रेस के आरोपों के बीच SEBI चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच कार्यक्रम में नहीं हुईं शामिल, मुख्य वक्ता के तौर पर दिया गया था न्योता

माधबी पुरी बुच ने हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए इसी तरह के आरोपों पर एक बयान जारी किया था, लेकिन कांग्रेस के दावों पर वह अब तक चुप हैं।

Last Updated- September 12, 2024 | 6:21 PM IST
Madhabi Puri Buch
Representative Image

SEBI Chairperson Madhabi Puri Buch: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की अध्यक्ष माधबी पुरी बुच को नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट (NaBFID) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित होना था, लेकिन वह आज कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं। उनकी जगह सेबी के कार्यकारी निदेशक (Executive Director of Sebi) प्रमोद राव ने भाषण दिया, जिसमें उन्होंने ग्रीन फाइनेंसिंग और डेट मार्केट पर चर्चा की।

बुच की गैर-मौजूदगी में कांग्रेस पार्टी द्वारा लगाए जा रहे हितों के टकराव के आरोपों के बीच आई है। हालांकि उन्होंने हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए इसी तरह के आरोपों पर एक बयान जारी किया था, लेकिन कांग्रेस के दावों पर वह अब तक चुप हैं।

केवी कामत ने भी दिया भाषण

इस कार्यक्रम में NaBFID के चेयरपर्सन केवी कामत (KV Kamath) ने नए निवेश इंस्ट्रूमेंट्स और नए निवेशकों – पेंशन और बीमा सेक्टर – पर ध्यान केंद्रित किया और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की क्रेडिट प्रोफाइल में सुधार पर बात की।

RBI के डिप्टी गवर्नर ने की इंफ्रास्ट्रक्चर पर बात

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर राजेश्वर राव ने जोर दिया कि NaBFID इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों को आंशिक क्रेडिट वृद्धि (providing partial credit enhancement) प्रदान कर सकता है, जिससे ऐसे प्रोजेक्ट्स की क्रेडिट रेटिंग में सुधार हो सकता है।

माधबी पुरी बुच की जगह आए प्रमोद राव ने कहा- NaBFID आंशिक गारंटी का बड़ा समर्थक

सेबी के अधिकारी प्रमोद राव ने कहा, ‘NaBFID आंशिक क्रेडिट वृद्धि या आंशिक गारंटी को पेश करने के लिए एक बड़ा समर्थक रहा है। मेरे विचार में, यह न केवल संभावित निवेश अवसरों को प्रदर्शित करने का एक तरीका है, बल्कि अपने निवेशकों को एक विश्वसनीय संस्थान की ओर भी आकर्षित कर सकता है। हम इसे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन और म्युनिसिपल डेट सिक्योरिटीज के इश्यू के लिए भी एक मैकेनिज्म के रूप में देखते हैं।”

सेबी अधिकारी ने कहा, ‘NaBFID की तरफ से नगरपालिकाओं को ऐसी क्रेडिट वृद्धि प्रदान करने से हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि अधिक से अधिक निवेशक रुचि लें।’

2017 से अब तक, केवल 10 नगरपालिकाओं ने इस रूट के जरिये 2,684 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

राव ने यह भी जोर दिया कि रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) और इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvITs) ने परिसंपत्ति प्रबंधन (AUM) के मामले में अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs) को पीछे छोड़ दिया है।

राव ने कहा, ‘REITs और InvITs का AUM 6.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसकी तुलना AIF से करें तो AIF का कुल निवेश 4 ट्रिलियन (4 लाख करोड़) रुपये है। कम समय में, केवल 30 संस्थाओं के साथ REITs और InvITs ने पूरे AIF इकोसिस्टम को पीछे छोड़ दिया है, और यह सिर्फ शुरुआत है। हमने इसके लिए म्यूचुअल फंड की तरह कोई आउटरीच कार्यक्रम भी शायद ही किया है।’

First Published - September 12, 2024 | 6:17 PM IST

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