facebookmetapixel
Advertisement
बैंकिंग नियमों में बड़ा बदलाव: RBI ने निवेश उतार-चढ़ाव बफर रखने की अनिवार्यता खत्म कीICICI बैंक ने ICICI Pru Life में बहुल हिस्सेदारी बनाए रखने का किया ऐलान, शेयर में तेज उतार-चढ़ावलिबर्टी म्युचुअल ने बढ़ाई लिबर्टी जनरल इंश्योरेंस में 74% तक हिस्सेदारी, भारत में विस्तार की रणनीति तेजयात्रा खर्च घटाएं, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दें बैंक व वित्तीय संस्थानपीयूष गोयल की उद्योगों से अपील: आयात निर्भरता घटाएं, घरेलू विनिर्माण बढ़ाएंअमेरिकी छूट खत्म होने के बाद भी रूस से तेल खरीदेगा भारत, सप्लाई पर असर नहीं: सरकारSEBI चीफ तुहिन पांडेय बोले- वैश्विक संकटों के बीच भी भारतीय बाजार मजबूत, AI साइबर खतरे पर चेतावनी बड़ी घट-बढ़ के बाद बाजार सपाट बंद, IT शेयरों ने संभाला सेंसेक्स-निफ्टीसुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी: UAPA मामलों में भी जमानत नियम है और जेल अपवाद!केरलम में वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की ली शपथ, कांग्रेस की गारंटियों पर पहली कैबिनेट बैठक में ही लगी मुहर

Patanjali के प्रमोटर बेचेंगे 9 फीसदी हिस्सेदारी, OFS के जरिये होगी शेयर बिक्री

Advertisement

OFS का फ्लोर प्राइस 1,000 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, जो आखिरी बंद भाव के मुकाबले 18.4 फीसदी कम है

Last Updated- July 12, 2023 | 11:25 PM IST
Patanjali foods

पतंजलि फूड्स की प्रमोटर पतंजलि आयुर्वेद की योजना गुरुवार को OFS के जरिये 9 फीसदी तक हिस्सेदारी (3.25 करोड़ शेयर) बेचने की है। OFS का मूल आकार 7 फीसदी यानी 2.53 करोड़ शेयर तय किया गया है, जिसमें ज्यादा आवेदन स्वीकार करने का विकल्प है।

OFS का फ्लोर प्राइस 1,000 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, जो आखिरी बंद भाव के मुकाबले 18.4 फीसदी कम है। पतंजलि फूड्स का शेयर 1.1 फीसदी की बढ़त के साथ 1,225 रुपये पर बंद हुआ।

इश्यू का मूल आकार 2,534 करोड़ रुपये का बैठता है। ज्यादा आवेदन मिलने की स्थिति में प्रमोटर 3,258 करोड़ रुपये तक के शयेर बेचेंगे।

OFS से कंपनी को न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता के नियमों का अनुपालन करने मे मदद मिलेगी। अभी कंपनी में प्रमोटर शेयरधारिता 80.82 फीसदी है।

मार्च में स्टॉक एक्सचेंजों ने पतंजलि फूड्स में प्रमोटर शेयरधारिता को फ्रीज कर दिया था क्योंकि कंपनी तय समयसीमा में न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता के नियमों का अनुपालन करने में नाकाम रही थी।

2019 में पतंजलि आयुर्वेद ने दिवालिया समाधान प्रक्रिया के तहत रुचि सोया का अधिग्रहण किया और उसका नाम बदलकर पतंजलि फूड्स कर दिया। दिवालिया प्रक्रिया के कारण कंपनी में प्रवर्तक हिस्सेदारी बढ़कर 99 फीसदी हो गई थी।

मार्च 2022 में बाबा रामदेव की अगुआई वाले पतंजलि फूड्स ने सार्वजनिक शेयरधारिता बढ़ाने की खा​तिर FPO के तहत 650 रुपये के भाव पर 6.62 करोड़ शेयर जारी किए थे। एफपीओ के जरिये 4,300 करोड़ रुपये जुटाए गए, जिसका इस्तेमाल कंपनी ने कर्ज चुकाने में किया।

Advertisement
First Published - July 12, 2023 | 8:29 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement