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GST बढ़कर 28% से 40% होगा, फिर भी ITC समेत सिगरेट कंपनियों के शेयरों में तेजी; जानें कारण

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GST 2.0: नए जीएसटी स्ट्रक्चर में अब सिर्फ दो टैक्स स्लैब 5 फीसदी और 18 फीसदी होगा। इसके अलावा लग्जरी और सिन प्रोडक्ट्स के लिए 40 फीसदी टैक्स रेट होगा।

Last Updated- September 04, 2025 | 3:30 PM IST
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GST 2.0: जीएसटी रिफॉर्म्स के बाद तम्बाकू और सिगरेट से जुड़ी कंपनियां आईटीसी लिमिटेड और गोडफ्रे फिलिप्स इंडिया जैसी कंपनियों के शेयर गुरुवार (4 सितंबर) को 4 फीसदी तक उछल गए। बुधवार रात वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने GST 2.0 का ऐलान किया।

नए जीएसटी स्ट्रक्चर में अब सिर्फ दो टैक्स स्लैब 5 फीसदी और 18 फीसदी होगा। इसके अलावा लग्जरी और सिन प्रोडक्ट्स के लिए 40 फीसदी टैक्स रेट होगा। जीएसटी में 12 फीसदी और 28 फीसदी का स्लैब खत्म हो गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने सर्वसम्मति से यह फैसला किया है। यह बदलाव 22 सितंबर से लागू होगा, जो नवरात्रि का पहला दिन है।

Also Read: GST रिफॉर्म्स से ऑटो स्टॉक्स में उछाल, Hero से लेकर Maruti तक किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉनफेरेन्स में बताया कि सभी राज्यों ने इस फैसले को सहमति से मंजूरी दी है। GST को चार स्लैब 5%, 12%, 18%, 28% से घटाकर दो स्लैब 5% और 18% किया जाएगा। कुछ खास वस्तुओं जैसे हाई-एंड कार, तम्बाकू और सिगरेट के लिए 40% का विशेष स्लैब रहेगा।

GST 2.0: क्यों चढ़े सिगरेट कंपनियों के शेयर?

दरअसल जीएसटी काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि तम्बाकू उत्पादों पर वर्तमान में लागू 28% GST के साथ कम्पेनसेशन सेस की व्यवस्था तब तक बनी रहेगी जब तक कि लंबित कम्पेनसेशन से संबंधित उधार पूरी तरह चुकाया नहीं जाता। इसके बाद रिटेल सेलिंग प्राइस (RSP) के आधार पर संशोधित 40 फीसदी जीएसटी स्लैब लागू किया जाएगा।

बता दें कि यह रिफॉर्म्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में पहले ही घोषित किया गया था। यह कदम भारत के अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए है।

भारतीय अर्थव्यवस्था में निजी खपत का बड़ा हिस्सा है, जो पिछले वित्तीय वर्ष में 61.4% था। जीएसटी सुधार से दूसरे वर्ष तक आर्थिक विकास में 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हो सकती है। जानकारों का कहना है कि इससे अमेरिकी टैरिफ का पूरा प्रभाव खत्म हो जाएगा।

राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि इस दर संशोधन से सरकार को ₹48,000 करोड़ का वित्तीय प्रभाव होगा। फिर भी यह सरकार की वित्तीय स्थिति के लिए स्थायी और सहनीय होगा।

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First Published - September 4, 2025 | 3:19 PM IST

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