facebookmetapixel
Advertisement
SIF की रफ्तार तेज: जुलाई में AUM 30% बढ़कर ₹23,177 करोड़, फोलियो 1 लाख के करीबQ1 में टाटा मोटर्स पीवी का मुनाफा 80% घटा, JLR ने बिगाड़ा परफॉर्मेंस! शुक्रवार को स्टॉक पर रहेगी नजरAyushman Card: न अस्पताल के चक्कर, न लंबी लाइन! व्हाट्सऐप से ऐसे बनाएं कार्ड, जानें आवेदन का आसान तरीकाREITs vs FDs vs equities: टैक्स कटने के बाद किस निवेश में ज्यादा रिटर्न बचेगा?Trade Deficit: जुलाई में भारत का व्यापार घाटा 6 महीने के हाई पर, 31.98 अरब डॉलर पहुंचाआधार कार्ड से घर बैठे मिनटों में बनाएं अपना ई-पैन: जानें स्टेप-बाय-स्टेप पूरा ऑनलाइन प्रोसेससाइबर सुरक्षा पर साथ आए भारत-इजरायल, AI और रैंसमवेयर हमलों से निपटने के लिए बढ़ाएंगे सहयोगएयर इंडिया की सख्ती, हर पायलट को एक बार देना होगा साइकोएक्टिव पदार्थों का टेस्टभारत का कमोडिटी में बढ़ रह दबदबा! ग्लोबल इंटीग्रेशन की जरूरत; ईयरबुक भी हुई लॉन्चQ1 नतीजों से उछला टाटा ग्रुप का ये शेयर, पैसे लगाएं या नहीं? ब्रोकरेज को 47% तक तेजी की उम्मीद

क्या आपके पुराने शेयर या डिविडेंड बिना दावे के रह गए हैं? IEPF पोर्टल के जरिए आसानी से ऐसे करें क्लेम

Advertisement

निवेशक पुराने शेयर और बिना क्लेम वाले डिविडेंड को IEPF पोर्टल के माध्यम से वापस आसानी से पा सकते हैं, जो एक काफी सरल प्रक्रिया है

Last Updated- October 23, 2025 | 3:00 PM IST
IEPF Claim Process
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

IEPF Claim Process: भारत में बहुत से निवेशक इस बात से अनजान हैं कि कंपनियों के पास पड़े उनके पुराने शेयर और बिना क्लेम किए डिविडेंड को कानूनी तरीके से आसानी से वापस लिया जा सकता है। इसके लिए कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा संचालित ‘इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड (IEPF)’ पोर्टल एक आधिकारिक मंच है।

पैसा IEPF में क्यों जाता है?

अगर निवेशक सात साल की तय अवधि में अपने डिविडेंड, मैच्योर डिबेंचर या शेयर का क्लेम नहीं करते, तो ये पैसा IEPF में ट्रांसफर हो जाता है। ऐसा अक्सर तब होता है जब निवेशक शहर बदलते हैं, बैंक खाता बदलते हैं या अपने निवेश का हिसाब रखना भूल जाते हैं। यह फंड बिल्कुल सुरक्षित रहता है, लेकिन इन्हें सही तरीके से क्लेम किए बिना निकाला नहीं जा सकता।

बिना क्लेम किए गए धन की जांच कैसे करें?

  • IEPF की वेबसाइट www.iepf.gov.in पर जाएं।
  • ‘अनक्लेम्ड अमाउंट्स’ सेक्शन में जाएं: यहां आप अपने नाम या कंपनी के नाम से सर्च करके देख सकते हैं कि आपके नाम पर कोई पेंडिंग क्लेम है या नहीं।
  • क्लेम फॉर्म डाउनलोड करें: फॉर्म IEPF-5 नाम का यह फॉर्म शेयर या डिविडेंड वापस पाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए जरूरी है।

Also Read: 200% का तगड़ा डिविडेंड! सीमेंट बनाने वाली कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्ते

क्लेम कैसे जमा करें?

  • फॉर्म में शेयर या डिविडेंड की सटीक जानकारी भरें।
  • जरूरी डॉक्यूमेंट्स जोड़ें, जैसे:
    • पैन कार्ड की कॉपी
    • मूल शेयर सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)
    • पहचान और बैंक खाते का सबूत
    • कंपनी के साथ डिविडेंड या शेयर से संबंधित कोई पत्राचार
  • फॉर्म को ऑनलाइन जमा करें या IEPF अथॉरिटी को डाक से भेजें।

प्रोसेसिंग टाइम और स्टेटस की जांच कैसे करें

क्लेम करने के बाद, IEPF अथॉरिटी डॉक्यूमेंट्स की जांच करती है और प्रक्रिया को आगे बढ़ाती है। निवेशक पोर्टल के जरिए अपने आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं। आमतौर पर, वेरिफिकेशन की जरूरतों के आधार पर इस प्रक्रिया में कुछ हफ्तों से लेकर कुछ महीनों तक का समय लग सकता है।

कुछ जरूरी बातों का रखें ध्यान

  • देरी से बचने के लिए सभी डॉक्यूमेंट्स सही और स्पष्ट हों।
  • क्लेम केवल असली मालिक या मृत निवेशक के मामले में कानूनी वारिस ही कर सकते हैं।
  • अपने नाम से जुड़े बिना क्लेम किए गए धन की जानकारी के लिए नियमित रूप से IEPF पोर्टल चेक करें।

डिजिटाइज्ड IEPF पोर्टल की वजह से पुराने शेयर या बिना क्लेम किए डिविडेंड को वापस पाना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान है। कुछ आसान कदमों के साथ, निवेशक उस धन को हासिल कर सकते हैं जो अन्यथा हमेशा के लिए लॉक रह सकता है।

Advertisement
First Published - October 23, 2025 | 3:00 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement