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FPI की भारी बिकवाली से बाजार फिसला, सेंसेक्स 694 अंक और निफ्टी 214 अंक टूटा

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली और एचडीएफसी बैंक व रिलायंस इंडस्ट्रीज के नुकसान से सेंसेक्स-निफ्टी 1% टूटा, जबकि घरेलू निवेशकों ने बाजार में सपोर्ट दिया।

Last Updated- August 22, 2025 | 10:26 PM IST
Stock Market
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा भारी बिकवाली के बीच मानक सूचकांक शुक्रवार को लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुए नुकसान से भी सूचकांकों पर तगड़ी चोट पड़ी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल केंद्रीय बैंक के सालाना सम्मेलन में अपना अंतिम भाषण देने वाले हैं जिसकी वजह से भी निवेशकों का रुख सतर्क रहा।

पिछले लगातार छह कारोबारी सत्रों से बढ़त दर्ज कर रहा सेंसेक्स 694 अंक (0.85 प्रतिशत) फिसल कर 81,307 के स्तर पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी भी 214 अंक (0.80 प्रतिशत) का गोता लगाकर 24,870 पर बंद हुआ। हालांकि इस पूरे सप्ताह में दोनों मानक सूचकांक लगभग 1 प्रतिशत तक उछल गए। वाहन कंपनियों और उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़े शेयरों में तेजी से बाजार में खासी ताकत आई। निवेशकों को लगा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कमी से देश में मांग बढ़ेगी। वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसऐंडपी द्वारा 18 वर्षों के अंतराल के बाद भारत की सॉवरिन रेटिंग बढ़ाने से भी बाजार फूला नहीं समाया।

यह लगातार दूसरा सप्ताह रहा जब बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। इससे पहले विदेशी निवेशकों द्वारा ताबड़तोड़ बिकवाली के बाद बाजार लगातार छह सप्ताह से नुकसान में चल रहा था।

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जुलाई से विदेशी फंडों ने घरेलू शेयरों में बिकवाली तेज कर दी है। अगस्त में वे अब तक बाजार से 25,751करोड़ रुपये निकाल चुके हैं और इससे पहले जुलाई में उन्होंने 47,667 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की थी। मगर घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने विदेशी निवेशकों के बिकवाली के दांव को बेअसर कर दिया। इस महीने अब तक घरेलू संस्थागत निवेशक 66,184 करोड़ रुपये बाजार में झोंक चुके हैं। जुलाई में उन्होंने 60,939 करोड़ रुपये बाजार मे निवेश किए थे। पिछले एक सप्ताह के दौरान आई सकारात्मक खबरों के बीच बाजार में ताकत मिली।

सरकार ने 15 अगस्त को जीएसटी संरचना सरल बनाकर इसमें केवल दो मुख्य कर श्रेणियों (5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत) की व्यवस्था करने की घोषणा की है। हानिकारक वस्तुओं पर अधिक यानी 40 प्रतिशत कर  लगाया जाएगा। 

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मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज में शोध प्रमुख (परिसंप​त्ति प्रबंधन) सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘हमें लगता है कि भारतीय शेयरों को जीएसटी सुधारों और अदरूनी मजबूत आर्थिक हालात से भी मदद मिलेगी।’

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट नंदीश शाह ने कहा कि शुक्रवार को निफ्टी में दिखा बदलाव कंसोलिडेशन का चरण शुरू होने का संकेत दे रहा है। शाह ने कहा कि मौजूदा स्तर से ऊपर या नीचे एक निर्णायक ब्रेकआउट आने वाले समय में इसकी दिशा तय करेगा।

First Published - August 22, 2025 | 10:17 PM IST

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