facebookmetapixel
Apple ने भारत में बनाई एंकर वेंडर टीम, ₹30,537 करोड़ का निवेश; 27 हजार से अधिक को मिलेगा रोजगारप्राइवेट बैंक बने पेंशन फंड मैनेजर, NPS निवेशकों को मिलेंगे ज्यादा विकल्पअश्लील AI कंटेंट पर सरकार सख्त: Grok की व्यापक समीक्षा करें X, 72 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का आदेशमहिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूतसुप्रिया लाइफ साइंसेज ने अंबरनाथ में नई इकाई से विनियमित वैश्विक बाजारों में दांव बढ़ायाECMS के तहत 22 और प्रस्ताव मंजूर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में ₹41,863 करोड़ का निवेश!2026 में भारतीय विमानन कंपनियां बेड़े में 55 नए विमान शामिल करेंगी, बेड़ा बढ़कर 900 के करीब पहुंचेगा

FPI के निवेश वाले शेयरों में ज्यादा तेजी

FPI ने जून 2023 में समाप्त तीन महीने की अव​धि के दौरान 687 NSE सूचीबद्ध कंपनियों में अपनी शेयरधारिता बढ़ाई

Last Updated- August 18, 2023 | 10:38 PM IST
FPI Selling

जिन शेयरों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने अपना निवेश बढ़ाया, उनमें रिटेल, बीमा तथा म्युचुअल फंडों जैसे अन्य निवेशक वर्गों की खरीदारी वाले शेयरों के मुकाबले ज्यादा तेजी दर्ज की गई।

प्राइमइन्फोबेस डॉटकॉम द्वारा कराए गए विश्लेषण के अनुसार, एफपीआई ने जून 2023 में समाप्त तीन महीने की अव​धि के दौरान 687 एनएसई सूचीबद्ध कंपनियों में अपनी शेयरधारिता बढ़ाई।

इन कंपनियों के लिए औसत शेयर कीमत वृद्धि जून तिमाही के दौरान करीब 30 प्रतिशत थी, जबकि निफ्टी-500 में 13 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

इस बीच, 908 कंपनियों (जिनमें रिटेल शेयरधारकों ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई) के लिए औसत शेयर कीमत वृद्धि करीब 21 प्रतिशत थी। सबसे कम वृद्धि उन 50 शेयरों में दर्ज की गई जिनमें भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने अपनी हिस्सेदारी महज 12 प्रतिशत तक बढ़ाई। उन 885 कंपनियां ऐसी थीं, जिनमें रिटेल निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी घटाई, लेकिन उनके शेयर भाव 28 प्रतिशत तक चढ़े।

साथ ही, 608 शेयर ऐसे थे, जिनमें एफपीआई ने अपना निवेश घटाया, लेकिन उनकी शेयर कीमतें 21 प्रतिशत तक बढ़ीं।

शेयरधारिता और कीमत बदलावों की तुलना से पता चलता है कि वै​श्विक निवेशकों का शेयर भाव पर व्यापक असर पड़ता है। अप्रैल और जून के बीच, एफपीआई ने घरेलू शेयरों में करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया।

उन्होंने वित्तीय सेवा क्षेत्र में करीब 44,000 करोड़ रुपये और वाहन क्षेत्र में 16,818 करोड़ रुपये का निवेश किया। प्राइमइन्फोबेस डॉटकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि एफपीआई ने जून तिमाही के दौरान आईटी शेयरों से 9,376 करोड़ रुपये की निकासी की।

वित्त वर्ष 2024 की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान, निफ्टी फाइनैं​शियल सर्विसेज और निफ्टी ऑटो सूचकांकों में 11 प्रतिशत और 23.7 प्र​तिशत तक की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी आईटी में 3 प्रतिशत का इजाफा हुआ।

First Published - August 18, 2023 | 10:38 PM IST

संबंधित पोस्ट