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SEBI का बड़ा फैसला: F&O ट्रेडिंग में आएंगे बड़े बदलाव, 20 नवंबर से लागू होंगे नए नियम

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SEBI के नए सर्कुलर के अनुसार, 20 नवंबर से कॉन्ट्रैक्ट साइज के नियम लागू होंगे

Last Updated- October 02, 2024 | 8:41 AM IST
SEBI
Representative image

बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O) ट्रेडिंग के नए नियम जारी किए हैं। इसके तहत कॉन्ट्रैक्ट साइज की न्यूनतम सीमा ₹15 लाख होगी। समीक्षा के दौरान यह सीमा ₹15 से ₹20 लाख तक होगी। ये नियम 20 नवंबर से लागू होंगे। सेबी ने निवेशकों की सुरक्षा और बाजार की स्थिरता के लिए इंडेक्स डेरिवेटिव्स के नियमों में बदलाव किए हैं। इसमें साप्ताहिक एक्सपायरी को सीमित करना भी शामिल है। हर एक्सचेंज को केवल एक मुख्य इंडेक्स के लिए साप्ताहिक एक्सपायरी वाले डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की सुविधा दी जाएगी।

SEBI ने जारी किया सर्कुलर

सेबी के नए सर्कुलर के अनुसार, 20 नवंबर से कॉन्ट्रैक्ट साइज के नियम लागू होंगे, और 1 फरवरी से ऑप्शंस बायर्स के लिए अपफ्रंट प्रीमियम और कैलेंडर स्प्रेड बेनिफिट खत्म कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही, 1 अप्रैल से इंट्राडे पोजिशन लिमिट की निगरानी भी शुरू होगी। सेबी ने डेरिवेटिव्स के लिए न्यूनतम ट्रेडिंग राशि 15 लाख रुपये तय की है, जो बाद में 15 लाख से 20 लाख रुपये के बीच होगी। साथ ही, हर एक्सचेंज में एक हफ्ते में सिर्फ एक वीकली एक्सपायरी होगी, जो 20 नवंबर से लागू होगी।

इसके अलावा, एक्सपायरी के नजदीक शॉर्ट पोजीशन पर 2% अतिरिक्त ELM लगाया जाएगा। यह नियम 20 नवंबर से लागू होगा। सेबी ने स्ट्राइक प्राइस को सीमित करने का प्रस्ताव लागू नहीं किया।

50 हजार करोड़ रुपये में से करीब 25,000 करोड़ रुपये ब्रोकर्स को दिए गए। 13,800 करोड़ रुपये STT, GST और स्टांप ड्यूटी के रूप में भरे गए। ट्रेडर्स ने 10,200 करोड़ रुपये एक्सचेंज फीस के रूप में चुकाए।

FY24 में हर ट्रेडर ने औसतन 26,000 करोड़ रुपये का F&O ट्रांजैक्शन चार्ज चुकाया। इसमें से करीब 51% हिस्सा ब्रोकरेज में और 20% एक्सचेंज फीस में गया। जितनी बड़ी ट्रेडिंग होती है, नुकसान की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। SEBI की नई स्टडी के अनुसार, FY22-24 के बीच ₹1 करोड़ से ज्यादा ऑप्शन प्रीमियम वाले 95% ट्रेडर्स को नुकसान हुआ, जबकि ₹1 लाख से ₹1 करोड़ तक ऑप्शन प्रीमियम वाले 93.8% ट्रेडर्स को भी घाटा हुआ।

सेबी ने डेरिवेटिव्स की ट्रेडिंग के लिए न्यूनतम राशि बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी है, जो पहले 5-10 लाख रुपये थी। इसे लागू करने के बाद यह राशि 15 से 20 लाख रुपये के बीच होगी। सेबी की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, “लॉट साइज ऐसा रखा जाएगा कि डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 15 से 20 लाख रुपये के बीच हो।”

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First Published - October 2, 2024 | 8:41 AM IST

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