facebookmetapixel
Advertisement
SEBI का मास्टरस्ट्रोक: AIF योजनाओं के लिए फास्ट-ट्रैक व्यवस्था शुरू, अब कम समय में लॉन्च होंगे फंडबाजार का मेगा कमबैक: अप्रैल में ₹51 लाख करोड़ बढ़ा निवेशकों का पैसा, मार्केट कैप में रिकॉर्ड उछालQ4 Results: ACC, अदाणी पोर्ट्स, नालको से लेकर वारी एनर्जीज तक; किस कंपनी ने कितना कमाया?करिश्मा कपूर के बच्चों को दिल्ली हाई कोर्ट से मिली राहत, पिता संजय कपूर की संपत्ति पर लगी रोकभारत और इटली मिलकर बनाएंगे घातक हथियार,रक्षा औद्योगिक ढांचे पर बनी सहमति; सुरक्षा होगी और मजबूतसमुद्र में बढ़ी भारत की ताकत: नौसेना और DRDO ने किया स्वदेशी एंटी-शिप मिसाइल का सफल परीक्षणSC का ऐतिहासिक रुख: दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग पर नहीं थोप सकते अनचाहा गर्भ, कानून में बदलाव के संकेतबाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 583 अंक टूटा, क्रूड ऑयल और ईरान-अमेरिका तनाव ने बढ़ाई निवेशकों की टेंशनHindustan Unilever Q4 Results: मुनाफा 21.4% उछला, निवेशकों को मिलेगा ₹22 का बंपर डिविडेंडकॉग्निजेंट में छंटनी का ‘प्रोजेक्ट लीप’: 15,000 कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी, भारत में सबसे ज्यादा असर

SEBI का बड़ा फैसला: MII की ऑडिट कमेटी से MD होंगे बाहर, आंतरिक नियंत्रण प्रणाली होगी और मजबूत

Advertisement

इसी तरह, एमआईआई के प्रमुख प्रबंधन कर्मियों को ऑडिट समिति जब भी ऑडिटर की रिपोर्ट पर विचार करेगी,  उसकी बैठकों में उन्हें सुने जाने का अधिकार होगा। लेकिन

Last Updated- May 19, 2025 | 10:35 PM IST
SEBI
SEBI audit committee rules

स्टॉक एक्सचेंजों, डिपोजिटरी और क्लियरिंग कॉरपोरेशन में संचालन व्यवस्था मजबूत बनाने की कोशिश के तहत भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सोमवार को मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस (एमआईआई) की इंटरनल ऑडिट प्रणाली और ऑडिट समिति की संरचना के मानकों में संशोधन किया। नए मानक तीन महीने बाद प्रभावी होंगे।

AlSO READ: India-US trade agreement: नॉन टैरिफ बैरियर हटाने पर रहेगा जोर

एमआईआई की ऑडिट समिति में अब मैनेजिंग डायरेक्टर समेत कोई एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (एमडी) नहीं होगा। हालांकि एमडी कमेटी का हिस्सा नहीं होंगे, लेकिन उन्हें कमेटी के अध्यक्ष की अनुमति से बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जा सकेगा।  मगर उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं होगा।

इसी तरह, एमआईआई के प्रमुख प्रबंधन कर्मियों को ऑडिट समिति जब भी ऑडिटर की रिपोर्ट पर विचार करेगी,  उसकी बैठकों में उन्हें सुने जाने का अधिकार होगा। लेकिन उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं होगा।

ये संशोधन उद्योग जगत से प्राप्त फीडबैक और सेबी की सेकंडरी मार्केट एडवायजरी कमेटी (एसएमएसी) के साथ विचार-विमर्श के बाद किए गए हैं। ऑडिट समिति की जिम्मेदारी संबंधित पक्ष के लेनदेन को मंजूरी देना, वित्तीय विवरणों की जांच करना और वित्तीय नियंत्रण और जोखिम प्रबंधन प्रणालियों का मूल्यांकन करना है।

Advertisement
First Published - May 19, 2025 | 10:10 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement