facebookmetapixel
Advertisement
एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शीर्ष 5 व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल हुआ IGI एयरपोर्ट, चांगी और इंचियोन को छोड़ा पीछेबंगाल की राजनीति का ‘चाणक्य’ मौन: पूर्व रेल मंत्री और TMC के दिग्गज रणनीतिकार मुकुल रॉय का निधनमुंबई को पछाड़ गुरुग्राम बना देश का नंबर 1 अल्ट्रा लग्जरी हाउसिंग मार्केट, बाजार ₹24,000 करोड़ के पारयूनिकॉर्न बनने की रफ्तार में 40 गुना उछाल, स्टार्टअप दुनिया में AI कंपनियों ने मचाया तहलकाऔपनिवेशिक छाप से मुक्ति! राष्ट्रपति भवन से हटी लुटियंस की प्रतिमा, उनकी जगह अब विराजे ‘राजाजी’2 दिन 25 सत्र 40 नेता: बिज़नेस स्टैंडर्ड ‘मंथन’ मंगलवार से शुरू, ‘भविष्य के लिए तैयार भारत’ पर होगी चर्चागुणवत्ता और पारदर्शी ऑडिट पर दवा नियामक का जोर; 1,500 एक्सपर्ट्स की करेगा नियुक्तिIDFC फर्स्ट बैंक ने हरियाणा सरकार के ₹590 करोड़ का भुगतान जल्द करने का आश्वासन दियापुराने घरों के पुनर्विकास पर टैक्स को लेकर बड़ी राहत, ITAT मुंबई ने संपत्ति मालिकों के पक्ष में सुनाया फैसलापीयूष गोयल का दावा: EU के कड़े नियमों का खर्च अब उठाएगी केंद्र सरकार, छोटे निर्यातकों को मिलेगी राहत

सिर्फ 2% फिनफ्लुएंसर सेबी-रजिस्टर्ड, फिर भी 33% शेयर सिफारिश देते हैं: CFA इंस्टीट्यूट स्टडी

Advertisement

स्टडी में यह भी सामने आया है कि 63 प्रतिशत फिनफ्लुएंसर अपने स्पॉन्सरशिप या किसी वित्तीय फायदे की जानकारी ठीक से नहीं देते।

Last Updated- March 20, 2025 | 9:47 PM IST
Finfluencers

CFA इंस्टीट्यूट की एक नई रिपोर्ट ने फिनफ्लुएंसर्स के बढ़ते असर पर चिंता जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, केवल 2 प्रतिशत फिनफ्लुएंसर ही भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के साथ रजिस्टर्ड हैं, लेकिन इनमें से 33 प्रतिशत फिनफ्लुएंसर सीधे तौर पर शेयर खरीदने-बेचने की सलाह देते हैं।

स्टडी में यह भी सामने आया है कि 63 प्रतिशत फिनफ्लुएंसर अपने स्पॉन्सरशिप या किसी वित्तीय फायदे की जानकारी ठीक से नहीं देते। इससे निवेशकों के लिए भ्रम की स्थिति बन सकती है और वे गलत सलाह का शिकार हो सकते हैं।

CFA इंस्टीट्यूट – इंडिया की कंट्री हेड आरती पोरवाल ने कहा, “निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और सिर्फ सेबी-रजिस्टर्ड सलाहकारों से ही निवेश की सलाह लेनी चाहिए। साथ ही, जिन फिनफ्लुएंसर को वे फॉलो कर रहे हैं, उनकी साख और रजिस्ट्रेशन स्टेटस जरूर जांचें।”

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पारदर्शिता बढ़ाने, सर्टिफिकेशन के मजबूत नियम लाने और नियामक कमियों को दूर करने की जरूरत है। स्टडी के अनुसार, 8 प्रतिशत निवेशकों ने माना कि वे फिनफ्लुएंसर की सलाह से ठगे जा चुके हैं, जिनमें 40 साल से ऊपर के लोग ज्यादा प्रभावित हुए।

दिलचस्प बात यह है कि 26-30 साल के निवेशक किसी फिनफ्लुएंसर पर भरोसा करने के लिए उसके फॉलोअर्स की संख्या को अहम मानते हैं। वहीं, जिन निवेशकों के लिए फिनफ्लुएंसर का रजिस्ट्रेशन स्टेटस बेहद जरूरी था, उनमें से आधे से ज्यादा को असल में उस स्टेटस की जानकारी नहीं थी।

Advertisement
First Published - March 20, 2025 | 9:47 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement