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CRISP: PhonePe Wealth का नया टूल, म्युचुअल फंड चुनना अब होगा आसान! जानें कैसे करता हैं काम?

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CRISP का पूरा नाम कंसिस्टेंसी, रिस्क एंड इन्वेस्टमेंट स्टाइल ऑफ द पोर्टफोलियो ( Consistency, Risk and Investment Style of the Portfolio) है।

Last Updated- March 20, 2025 | 7:21 AM IST
PhonePe Wealth launches CRISP

PhonePe Wealth launches CRISP: म्युचुअल फंड में निवेश का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2019 में यूनिक निवेशकों की संख्या 2 करोड़ थी जो दिसंबर 2024 तक बढ़कर 5.3 करोड़ हो गई है। हालांकि, निवेशकों के लिए सही फंड का चयन करना अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसी चुनौती को देखते हुए फोनपे वेल्थ (PhonePe Wealth) ने बुधवार (19 मार्च) को क्रिस्प (CRISP) नाम का एक डिजिटल टूल लॉन्च किया। यह टूल निवेशकों को म्युचुअल फंड चुनने में “सही निर्णय” लेने में मदद करेगा।

CRISP क्या है?

क्रिस्प (CRISP) एक डिजिटल टूल है जो निवेशकों को सही म्युचुअल फंड चुनने की चुनौती को दूर करने में मदद करेगा। CRISP का पूरा नाम कंसिस्टेंसी, रिस्क एंड इन्वेस्टमेंट स्टाइल ऑफ द पोर्टफोलियो ( Consistency, Risk and Investment Style of the Portfolio) है। यह टूल केवल पिछले रिटर्न के विश्लेषण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आगे बढ़कर एक व्यापक फ्रेमवर्क प्रदान करता है।

PhonePe Wealth के अनुसार, रिटेल निवेशक, खासतौर पर वे जो वेल्थ टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करते हैं, पारंपरिक रूप से इतिहास-आधारित परफॉर्मेंस मेट्रिक्स पर निर्भर रहते हैं। इससे कई बार गलत निवेश निर्णय हो सकते हैं। CRISP इस प्रक्रिया को आसान बनाता है और परफॉर्मेंस, जोखिम और पोर्टफोलियो डेटा को उपयोगी जानकारी में बदलकर निवेशकों को सही निर्णय लेने में मदद करता है।

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म्युचुअल फंड इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही आगे

PhonePe Wealth के इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स हेड निलेश डी नाइक ने कहा, “म्युचुअल फंड इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिसका मुख्य कारण निवेशकों के लिए जागरूकता अभियान और वेल्थटेक प्लेटफॉर्म्स के जरिए म्युचुअल फंड निवेश का लोकतंत्रीकरण है।”

उन्होंने आगे कहा, “PhonePe Wealth में हमारा लक्ष्य निवेशकों को इनोवेटिव टूल्स, जैसे CRISP के माध्यम से समर्थन देना है। हम रिसर्च और टेक्नोलॉजी-आधारित सॉल्यूशन विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि निवेशक कोर इन्वेस्टमेंट सिद्धांतों को अपना सकें और अपनी वेल्थ क्रिएशन की यात्रा को समझदारी से आगे बढ़ा सकें।”

CRISP इन तीन पैरामीटर पर काम करेगा

1. प्रदर्शन में निरंतरता (Consistency in performance):

CRISP किसी फंड के पांच साल के प्रदर्शन का आकलन रोलिंग रिटर्न्स के आधार पर करता है। फंड्स को उनकी निरंतर प्रदर्शन क्षमता के अनुसार ‘High’ (उच्च), ‘Medium’ (मध्यम), या ‘Low’ (निम्न) श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है। यह निवेशकों को ऐसे फंड्स चुनने में मदद करता है जो लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, न कि वे जो सिर्फ कभी-कभी अच्छा रिटर्न देते हैं।

2. अपनी तरह के अन्य फंड्स की तुलना में जोखिम (Relative risk vs. peers):

CRISP किसी फंड के जोखिम प्रोफाइल को उसके समान श्रेणी के अन्य फंड्स की तुलना में वर्गीकृत करता है। इसे दो श्रेणियों में बांटा गया है – ‘Within acceptable range’ (स्वीकार्य सीमा में) या ‘Too High’ (बहुत अधिक)। यह निवेशकों को अत्यधिक जोखिम वाले फंड्स से बचने में मदद करता है।

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3. निवेश शैली या फैक्टर एनालिसिस (Investment style or factor analysis):

यह टूल किसी फंड के पांच साल की अवधि में विभिन्न फैक्टर एनालिसिस (जैसे वैल्यू, क्वालिटी और मोमेंटम) के प्रति उसके जोखिम का आकलन करता है। प्रत्येक फैक्टर को ‘High’ (उच्च), ‘Medium’ (मध्यम) या ‘Low’ (निम्न) श्रेणी में वर्गीकृत किया जाता है। इससे निवेशकों को फंड मैनेजमेंट की स्ट्रैटेजी को समझने और अपने पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन लाने में सहायता मिलती है।

CRISP फिलहाल PhonePe प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है और जल्द ही कंपनी के स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म Share.Market के साथ भी जोड़ दिया जाएगा।

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First Published - March 20, 2025 | 7:15 AM IST

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