SIP Investment: सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) भारतीय म्युचुअल फंड इडस्ट्री के लिए ग्रोथ का सबसे मजबूत और भरोसेमंद इंजन बनकर उभरा हैं। साल 2025 में SIP निवेश पहली बार 3 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। इससे पता चलता है कि शेयर बाजार में उथल-पुथल के बीच निवेशकों ने सिस्टमैटिक तरीके से निवेश के इस विकल्प पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया। यह SIP की पावर दिखाता है। SIP छोटे-छोटे निवेश से लॉन्ग टर्म में बड़ा फंड तैयार करने का एक आसान और भरोसमंद टूल है। अगर आप हर महीने म्युचुअल फंड में 2,000 रुपये की SIP करते हैं और औसतन 12 फीसदी सालाना रिटर्न मिलता है, तो लंबी अवधि में यह निवेश लगभग 19 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। यह उदाहरण बताता है कि कम्पाउंडिंग और अनुशासित निवेश समय के साथ कितनी बड़ी ताकत बन जाते हैं।
SIP म्युचुअल फंड में निवेश का एक आसान जरिया है। SIP के जरिए निवेशक हर महीने, तिमाही या सालाना आधार पर एक तय राशि म्युचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। यह नियमित और अनुशासित निवेश की आदत को बढ़ावा देता है। इससे छोटे-छोटे निवेश से लॉन्ग टर्म में एक बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। आइए, इसे आंकड़ों के साथ समझते हैं। मान लीजिए आप हर महीने सिर्फ 2,000 रुपये की SIP करते हैं। अगर इस निवेश पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है- जो म्युचुअल फंड में एक सामान्य रिटर्न माना जाता है- तो 5, 10, 15 और 20 साल में आपका फंड कितना बन सकता है। चलिए इसकी कैलकुलेशन पर नजर डालते हैं।
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5 साल में
मंथली SIP: 2,000 रुपये
SIP रिटर्न: 12%
5 साल में कुल SIP निवेश: 1.20 लाख रुपये
5 साल बाद अनुमानित फंड: 1.62 लाख रुपये
10 साल में
कुल निवेश: 2.40 लाख रुपये
10 साल बाद अनुमानित फंड: 4.48 लाख रुपये
एक दशक में आपके SIP की वैल्यू कुल निवेश के लगभग दोगुनी हो जाएगी।
15 साल में
कुल निवेश: 3.60 लाख रुपये
अनुमानित फंड: 9.51 लाख रुपये
15 साल में आपके SIP की वैल्यू कुल निवेश के करीब तीन गुना बढ़ जाएगी।
20 साल में
कुल निवेश: 4.80 लाख रुपये
अनुमानित फंड: 18.40 लाख रुपये
दो दशक में आपके SIP निवेश की वैल्यू 4 गुना से ज्यादा बढ़ जाएगी।
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म्युचुअल फंड योजनाओं के तहत SIP निवेश साल 2025 में पहली बार 3 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। इससे पता चलता है कि शेयर बाजार में उथल-पुथल के बीच निवेशकों ने सिस्टमैटिक तरीके से निवेश के इस विकल्प पर ज्यादा भरोसा जताया।
साल 2025 में (नवंबर तक) निवेशकों ने SIP के जरिये म्युचुअल फंड योजनाओं में 3.04 लाख करोड़ रुपये डाले हैं। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों से पता चलता है कि 2024 में एसआईपी योजनाओं में कुल निवेश 2.69 लाख करोड़ रुपये था।
एसआईपी ने न सिर्फ एसेट्स को बढ़ाया है, बल्कि निवेशकों की भागीदारी भी काफी बढ़ाई है। ICRA एनालिटिक्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर 2025 तक SIP का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर 16.53 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। यह म्युचुअल फंड उद्योग के कुल AUM का 20 फीसदी से ज्यादा है, जो लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन में एसआईपी की अहम भूमिका को दर्शाता है।
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SIP लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए एक अच्छा विकल्प है। बीपीएन फिनकैप के डायरेक्टर एके निगम कहते हैं कि इसका सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग (ब्याज पर ब्याज का मिलना) है। समय के साथ यह फंड को धीरे-धीरे बड़ा बनाता है। लंबे समय तक SIP करने से आप बाजार की उठापटक का फायदा उठा सकते हैं। इससे निवेश की लागत भी औसतन कम हो जाती है। इसमें एक साथ बड़ी रकम लगाने की जरूरत नहीं होती।
उनका कहना है, आप हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम लगाकर धीरे-धीरे बड़ा फंड बना सकते हैं। यह तरीका कम जोखिम वाला भी है। हालांकि, यह ध्यान जरूर रखना चाहिए कि किसी भी फंड की पिछली परफॉर्मेंस उसके भविष्य के परफॉर्मेंस की गारंटी नहीं होता है। इसलिए निवेशकों को रिस्क उठाने की क्षमता के आधार पर फंड का चयन करना चाहिए।