facebookmetapixel
Advertisement
NHPC ने 15 साल के बॉन्ड से जुटाए ₹2,000 करोड़, 7.67% ब्याज दर पर मिला जोरदार रिस्पॉन्सआय सर्वेक्षण में लोगों की झिझक बड़ी चुनौती, विदेशी मॉडल्स से सीखने की तैयारी में भारत Aviva Life का बड़ा लक्ष्य: 5 साल में न्यू बिजनेस प्रीमियम ₹1,000 करोड़ पहुंचाने की तैयारीसुरक्षा और नॉन-पार्टिसिपेटिंग पॉलिसियों से जीवन बीमा कंपनियों का VNB बढ़ा, LIC सबसे आगेसरकार ने बड़े MFIs को दी राहत, क्रेडिट गारंटी सीमा ₹300 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ कीरिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा निफ्टी मिडकैप 100, अमेरिकी हमलों के बीच घरेलू निवेशकों के दम पर बनाया नया रिकॉर्डएंटी-डंपिंग शुल्क लागू होने पर 3 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा की बचत कर सकता है भारततनाव बढ़ने की संभावना और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से टूटा रुपया, डॉलर के मुकाबले 95.66 के स्तर पर बंदचीन को टक्कर देने की तैयारी? महत्त्वपूर्ण खनिजों की मजबूत आपूर्ति श्रृंखला के लिए क्वाड देश जुटाएंगे $20 अरबआयात शुल्क में बढ़ोतरी व युद्ध संकट के बावजूद निवेश जारी रखेगी टाइटन, चुनौतियों से निपटने की तैयारी में जुटी कंपनी

बाजार हलचल : प्रतिभूति एवं अपील पंचाट को नए न्यायिक सदस्य मिलने का इंतजार

Advertisement

बाजार में तेजी के बीच दिसंबर में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) फाइलिंग ने जोर पकड़ा।

Last Updated- December 31, 2023 | 10:43 PM IST
Stock market

प्रतिभूति एवं अपील पंचाट (सैट) को पीठासीन अधिकारी (पीओ) के रूप में नए न्यायिक सदस्य की नियुक्ति का इंतजार है। दिसंबर 2018 में सैट में नियुक्त किए गए न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल ने पिछले सप्ताह विदाई ली है। अगस्त 2023 में वित्त मंत्रालय ने पीओ का पद भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे।

अपने कार्यकाल के दौरान न्यायमूर्ति अग्रवाल ने एनएसई कोलोकेशन, कार्वी स्टॉकब्रोकिंग और कई अन्य मामलों पर महत्वपूर्ण आदेश दिए हैं। हालांकि बड़ी कंपनियों की कई अन्य अपीलें पंचाट के समक्ष लंबित हैं।

सैट वैधानिक निकाय है, जो भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी), भारतीय बीमा नियामक विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) तथा पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के आदेशों के खिलाफ अपील सुनता और उनका निपटान करता है। मुंबई में सैट का केवल एक पीठ है। पीठासीन अधिकारी के पद पर सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश या उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश की नियु​क्ति की जाती है।

Also read: Year Ender 2023: इस साल 59 में से 54 IPO ने दिया 45% रिटर्न, सिर्फ चार शेयर इश्यू प्राइस से नीचे

दिसंबर में आईपीओ दस्तावेज जमा करने में दिखी तेजी

बाजार में तेजी के बीच दिसंबर में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) फाइलिंग ने जोर पकड़ा। दिसंबर में 10 कंपनियों ने बाजार नियामक सेबी के पास अपने निर्गम के दस्तावेज दाखिल किए, जबकि नवंबर में केवल दो कंपनियों ने निर्गम के दस्तावेज जमा किए थे। जिन कंपनियों ने अपने डीआरएचपी दाखिल किए हैं, उनमें ओला इलेक्ट्रिक, ब्रेनबीज सॉल्यूशंस, एमक्योर फार्मास्युटिकल्स और ग्रेटेक्स शेयर ब्रोकिंग शामिल हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप क्षेत्र में शानदार प्रतिफल और पिछले साल नए सूचीबद्ध शेयरों का प्रतिफल आईपीओ लाने वाली कंपनियों को अपनी किस्मत आजमाने का भरोसा प्रदान कर रहा है। साल 2023 में निफ्टी के 20 प्रतिशत लाभ की तुलना में, निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में क्रमशः 46.6 प्रतिशत और 55.6 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है तथा पिछले 59 आईपीओ के मामले में सूचीबद्धता वाले दिन की औसत बढ़त 26.3 प्रतिशत रही।

एक बैंकर ने कहा कि जब प्रवाह मजबूत हो, सूचकांक चरम पर पहुंच गया हो और सभी क्षेत्रों में मूल्यांकन बढ़ा हो, तो नया दस्तावेज आना अच्छा है। अच्छी गुणवत्ता वाली कंपनियों के लिए निवेशकों, खास तौर पर घरेलू निवेशकों की ओर से मजबूत मांग है।

Also read: Sensex की Top10 में से आठ कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 1.29 लाख करोड़ रुपये बढ़ा

निफ्टी में दिख रहे सुस्ती के संकेत

पिछले साल दो अंकों में प्रतिफल दर्ज करने के बाद निफ्टी शेयरों में सुस्ती के संकेत दिख रहे हैं। विश्लेषकों ने कहा कि तेजी का रुख जारी रह सकता है, लेकिन समेकन की जरूरत के पर्याप्त संकेत हैं। सूचकांक शेयरों और लार्ज कैप को रफ्तार कायम रखने के लिए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों से निरंतर समर्थन की जरूरत होगी।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के खुदरा अनुसंधान प्रमुख दीपक जसानी ने कहा कि सूचकांक शेयरों में दिन-प्रति-दिन की बढ़त धीमी पड़ रही है और बीच-बीच में हम गिरावट वाला दिन देख रहे हैं।

Advertisement
First Published - December 31, 2023 | 9:12 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement