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वैश्विक रुख पर निर्भर करेगी बाजार की दिशा, बढ़ सकता है उतार-चढ़ाव: विश्लेषक

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कच्चे तेल की कीमत और रुपये का उतार-चढ़ाव भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। ‘रामनवमी’ पर गुरुवार को बाजार में अवकाश रहेगा।

Last Updated- March 26, 2023 | 3:15 PM IST
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डेरिवेटिव अनुबंधों के मासिक निपटान के बीच कम कारोबारी सत्रों वाले सप्ताह में स्थानीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रह सकता है। विश्लेषकों ने यह आशंका जताते हुए कहा है कि वैश्विक कारक और विदेशी कोषों की गतिविधियां भी बाजार की धारणा को प्रभावित करेंगी।

कच्चे तेल की कीमत और रुपये का उतार-चढ़ाव भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। ‘रामनवमी’ पर गुरुवार को बाजार में अवकाश रहेगा।

स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लि. के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, ‘मार्च के वायदा एवं विकल्प (F&O) के निपटान से स्थानीय स्तर पर उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बैंकों की स्थिति से वैश्विक स्तर पर बाजार की दिशा तय होगी।’

उन्होंने कहा, ‘बाजार की निगाह भू-राजनीतिक स्थिति पर भी रहेगी, क्योंकि रूस और यूक्रेन के बीच तनाव जारी है। इसके अलावा अमेरिका और सीरिया के बीच तनाव बढ़ रहा है।

हालांकि, बाजार इसको ज्यादा तवज्जो नहीं दे रहा है। हाल के महीनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की आक्रामक बिकवाली की वजह से संस्थागत प्रवाह भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।’

बीते सप्ताह BSE का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) 462.8 अंक यानी 0.79 फीसदी टूट गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 155 अंक यानी 0.90 फीसदी नीचे आया।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के उपाध्यक्ष (तकनीकी शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘इस सप्ताह कारोबारी सत्रों की संख्या कम रहेगी। मासिक डेरिवेटिव अनुबंधों के निपटान की वजह से बाजार में अधिक अस्थिरता रह सकती है। वैश्विक संकेतकों के अलावा विदेशी कोषों का प्रवाह और कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार को प्रभावित कर सकती हैं।’

यह भी पढ़ें : Market Cap: सेंसेक्स की शीर्ष 10 में पांच कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 86,447 करोड़ रुपये घटा

वैश्विक स्तर पर बैंकिंग क्षेत्र को लेकर चिंता बढ़ी है। इस बात को लेकर अनिश्चितता है कि फेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंक आगे चलकर ब्याज दरों को लेकर किस तरह का रुख अपनाते हैं।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि F&O निपटान की वजह से इस सप्ताह बाजार में अधिक अस्थिरता रहेगी।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘बाजार में लघु अवधि में अभी उतार-चढ़ाव रह सकता है क्योंकि वैश्विक बैंकिंग प्रणाली संकट से पूरी तरह उबर नहीं पाई है, खासकर यूरोप में। पश्चिमी बाजारों से BFSI सेक्टर को ऑर्डर घटने की आशंका से सूचना प्रौद्योगिकी (IT) शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिल रही है।’

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First Published - March 26, 2023 | 3:15 PM IST

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