facebookmetapixel
Advertisement
भारत के ई-कॉमर्स बाजार में बदलाव, AI और ग्राहकों की जरूरतों पर बढ़ा फोकसभारत के रियल एस्टेट बाजार में सेंचुरी 21 की दस्तक, 126 शहरों में विस्तार की योजनाश्रीलंका पहुंचे राजनाथ सिंह, 38 साल बाद किसी भारतीय रक्षा मंत्री की यात्रा; संबंधों को मिलेगी नई धारCCI की जांच में बिल्डर्स एसोसिएशन को मिली जगह, दिल्ली हाईकोर्ट ने अल्ट्राटेक की याचिका खारिज कीUPI के बढ़ते दबदबे के बीच VISA की नई रणनीति, कार्ड से आगे टोकनाइजेशन और रिस्क इंटेलिजेंस पर फोकस₹37,500 करोड़ की कोयला से गैस बनाने वाली स्कीम को मिला जोरदार रिस्पॉन्स, अदाणी सबसे आगेराव से मोदी तक जारी रही सुधारों की रफ्तार, 1991 की आर्थिक क्रांति ने बदली भारतीय अर्थव्यवस्था की तस्वीरवैश्विक तनाव के बीच भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई ताकत, Q1 में 7.8% की तेज बढ़ोतरी: PM मोदीमेटा इंडिया के खिलाफ अब औपचारिक जांच की तैयारी, बच्चों की सुरक्षा और CSAM मामले में बढ़ीं मुश्किलें₹73,000 करोड़ का पश्चिमी DFC देश को समर्पित, UP के दादरी से मुंबई के JNPA तक माल ढुलाई होगी तेज

जेट एयरवेज का राइट इश्यू फिर टला

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 4:27 PM IST

बाजार में जारी उठापटक ने विमानन कंपनी जेट एयरवेज को प्रस्तावित 40 करोड़ डॉलर के राइट इश्यू को टालने को बाध्य कर दिया है। इस इश्यू को अब इस वर्ष जून या जुलाई में जारी किए जाने की संभावना है।
नरेश गोयल के समर्थन वाली इस विमानन कंपनी ने राइट इश्यू के लिए पिछले वर्ष जून में मंजूरी हासिल कर ली थी, लेकिन वैश्विक बाजार में उठापटक के कारण एयरलाइन को पूर्व में भी तीन बार राइट इश्यू को स्थगित करना पड़ा। पिछले वर्ष सितंबर में और दिसंबर में राइट इश्यू की योजना को स्थगित किया गया था और बाद में इसे मार्च 2008 में जारी किए जाने की घोषणा की गई।
जेट एयरवेज में एमआईएस और इन्वेस्टर रिलेशंस के वरिष्ठ प्रबंधक के. जी. विश्वनाथ ने कहा, ”हमने राइट इश्यू से संबद्ध प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभी इसमें तीन महीने का समय लगेगा। हमने अभी इसकी पूरी प्रक्रिया को शुरू नहीं किया है। जून-जुलाई तक राइट इश्यू पूरा हो जाएगा।”
जेट एयरवेज मौजूदा समय में 9000 करोड़ रुपये से भी अधिक के कर्ज भार से जूझ रही है और इसे अपने विस्तार के लिए 2 अरब डॉलर की जरूरत है।  40 करोड़ डॉलर की राशि राइट इश्यू के जरिए जुटाई जाएगी जिससे कर्ज के भार से दबी इस कंपनी को कुछ हद तक राहत मिलेगी।
विश्वनाथ के अनुसार बाजार के बिगड़ते हालात के कारण जेट के पास कोई विकल्प नहीं रह गया। उन्होंने कहा कि 40 करोड़ डॉलर के राइट इश्यू के जरिए जेट कर्ज राशि के 15 प्रतिशत की अदायगी कर देगा।
जेट राइट इश्यू के लिए अपने बैंकरों के रूप में एसएसकेआई और एचएसबीसी को पहले ही अनुबंधित कर चुकी है। विश्वनाथ ने कहा कि राइट इश्यू को लेकर हम निराशाजनक स्थिति में नही हैं। एयरलाइन में निवेशकों की रुचि बरकरार है।

Advertisement
First Published - March 5, 2008 | 9:21 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement