HCL Tech Stock: आईटी सेक्टर की कंपनी एचसीएल टेक के शेयर मंगलवार को शुरुआती कारोबार में एक प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गए। हालांकि, बाद में शेयर लाल निशान में फिसल गए। सुबह 10 बजे यह 37.80 अंक या 2.27 प्रतिशत की बढ़त लेकर 1630.30 पर ट्रेड का रहा था। शेयर में यह उतार-चढ़ाव कंपनी के दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी के चलते देखने को मिल रहा है। आईटी फर्म ने सोमवार को बताया कि तीसरी तिमाही में मुनाफा 11.1 प्रतिशत कम रहा। नवंबर में सरकार की तरफ से लागू नई श्रम संहिता का असर कंपनी के मुनाफे पर दिखा। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में कंपनी का नेट मुनाफा 4,076 करोड़ रुपये रहा। तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकेरज कंपनियों ने आईटी फर्म पर अपनी रिपोर्ट जारी कर दी है और ज्यादातर ने स्टॉक पर पॉजिटिव आउटलुक दिया है।
मोतीलाल ओसवाल ने एचसीएल टेक पर अपनी ‘BUY’ रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर टारगेट प्राइस 2150 रुपये से बढ़ाकर 2,200 रुपये कर दिया है। इस तरह, शेयर 30 प्रतिशत का रिटर्न दे सकता है। एचसीएल टेक के शेयर सोमवार को 1668 रुपये पर बंद हुए।
ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी बड़ी आईटी सर्विस कंपनियों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली बनी हुई है और हमें इसका हर हाल में मजबूत रहने वाला पोर्टफोलियो पसंद है। हमने अपने अनुमान में ज्यादा बदलाव नहीं किया है।
ब्रोकरेज के अनुसार, तीसरी तिमाही (Q3) में आईटी सर्विसेज की सालाना आधार पर 5 फीसदी की ग्रोथ रही है। यह आंकड़ा कॉनस्टेंट करेंसी के आधार पर है। इसके अलावा, कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए सर्विसेज ग्रोथ गाइडेंस बढ़ाकर 4.75 से 5.25 फीसदी कर दी है। इससे एचसीएलटेक सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी आईटी कंपनियों में शामिल हो जाती है। ब्रोकरेज का कहना है कि मौसमी असर के बावजूद चौथी तिमाही (Q4) में 1.7 फीसदी की तिमाही आधार पर ऑर्गेनिक ग्रोथ देखने को मिल सकती है।
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सेंट्रम ब्रोकिंग ने एचसीएल टेक पर अपनी ‘खरीदारी’ की सलाह को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर टारगेट प्राइस 1,691रुपये से बढ़ाकर 1,865 रुपये कर दिया है। इस तरह, शेयर मौजूदा लेवल से 12 प्रतिशत का रिटर्न दे सकता है।
ब्रोकरेज का मानना है कि डील्स में तेजी और मैनेजमेंट की टिप्पणियों से मजबूत ग्रोथ का संकेत मिलता है। यह बढ़त एआई आधारित बदलाव, इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण और पुराने सिस्टम के अपग्रेड पर खर्च के चलते आएगी।
ब्रोकरेज के अनुसार, मार्जिन गाइडेंस के दायरे में मजबूत बने रहने की उम्मीद है। इसे ऑटोमेशन से मिलने वाली एफिशियंसी और ऑपरेटिंग लीवरेज का सहारा मिलेगा। बेहतर क्लाइंट माइनिंग और बेहतर अमल से कमाई में लगातार मजबूती देखने को मिल सकती है।
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भारत की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज का मुनाफा चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 11.1 फीसदी घट गया है। कंपनी के मुनाफे पर नवंबर में सरकार की नई श्रम संहिता लागू होने का असर पड़ा है। 31 दिसंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 4,076 करोड़ रुपये रहा।
तीसरी तिमाही में एचसीएल का राजस्व सालाना आधार पर 13.3 फीसदी बढ़कर 33,872 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस बढ़त में वित्तीय सेवाओं और मैन्युफैक्चरिंग कारोबार का बड़ा योगदान रहा। कॉनस्टेंट करेंसी के आधार पर राजस्व में 8.1 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जबकि तिमाही आधार पर यह 1.8 फीसदी ऊपर रहा। तिमाही-दर-तिमाही कंपनी का कुल राजस्व 6 फीसदी बढ़ा। कंपनी के राजस्व के आंकड़े ब्लूमबर्ग के अनुमान से बेहतर रहे, लेकिन मुनाफा बाजार की उम्मीद से कम रहा।
(डिस्क्लमेर: यहां शेयर में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)